राजनीति

सिरोही नगर परिषद चुनाव 2026: वार्ड 26 में त्रिकोणीय मुकाबले से राजनीतिक सरगर्मी तेज, समस्याओं और बगावत के बीच जोर आजमाइश

सिरोही(हरीश दवे)।

सिरोही नगर परिषद के आम चुनाव 2026 के तहत वार्ड संख्या 26 का चुनावी दंगल बेहद दिलचस्प और रोमांचक हो गया है। इस वार्ड में मुकाबला अब पूरी तरह त्रिकोणीय रूप ले चुका है, जहाँ मुख्य दलों के प्रत्याशियों के साथ-साथ बागी उम्मीदवार ने समीकरणों को उलट-पुलट कर रख दिया है। वार्ड की गलियों में बुनियादी समस्याओं के समाधान और विकास के दावों के बीच तीनों प्रमुख चेहरे मतदाताओं को अपने पाले में करने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वार्ड 26 से प्रवीण राठौड़ को अपना आधिकारिक प्रत्याशी बनाया है। राठौड़ पार्टी के मजबूत संगठन और राज्य सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों को अपना मुख्य हथियार बना रहे हैं। उनके प्रचार का मुख्य केंद्र वार्ड में पेयजल की किल्लत, जर्जर सड़कें और नियमित सफाई व्यवस्था का अभाव जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। प्रवीण राठौड़ का दावा है कि वार्ड की जनता पार्टी के विजन और उनके व्यक्तिगत जनसंपर्क के आधार पर कमल के फूल को जिताएगी।

दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी की ओर से मैदान में उतरे पुष्कर चौहान ने वार्ड में घर-घर संपर्क अभियान तेज कर दिया है। पुष्कर चौहान स्थानीय स्तर पर आमजन की समस्याओं की अनदेखी को मुद्दा बना रहे हैं। उनका मुख्य चुनावी एजेंडा वार्ड में सीवरेज लाइन दुरुस्त करना, स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था सुधारना और हर घर तक सुलभ पेयजल पहुंचाना है। पुष्कर चौहान का मानना है कि जनता स्थानीय स्तर पर सक्रिय रहने वाले और उनकी हर मुसीबत में साथ खड़े होने वाले नुमाइंदे को चुनना चाहती है, इसलिए कांग्रेस के पक्ष में माहौल मजबूत है।

इस मुकाबले को सबसे अधिक कांटे का बना रहे हैं भाजपा के टिकट दावेदार और बागी प्रत्याशी सुनीत चौहान। पार्टी से टिकट न मिलने के बाद बागी तेवर के साथ मैदान में उतरे सुनीत चौहान ने असंतुष्ट मतदाताओं और जमीनी कार्यकर्ताओं को अपनी ताकत बनाया है। उनका प्रचार मुख्य रूप से स्थानीय जुड़ाव और बगावत के पीछे के संघर्ष पर केंद्रित है। सुनीत चौहान का तर्क है कि वे वर्षों से वार्ड की जनता के बीच रहकर समस्याओं के खिलाफ लड़ते आए हैं, इसलिए जनता इस बार पार्टी की बजाय उनके व्यक्तिगत संघर्ष और कार्यशैली को तरजीह देगी।

वार्ड 26 के इस हाई-प्रोफाइल त्रिकोणीय संघर्ष में तीनों ही प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। अब देखना यह है कि सिरोही नगर परिषद के इस चुनाव में मतदाता किसके सिर जीत का सेहरा बांधते हैं।

संपादक भावेश आर्य

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