सिरोही नगर परिषद के चुनाव बने वाटरलू का मैदान

बागी बिगाड रहे भाजपा का गणित
सभापति में उलझी भाजपा ने टिकट वितरण में किया गडबडझाला
कांग्रेस के पूर्व विधायक संयम लोढा की जबरदस्त संेधमारी व पूर्व सभापति महेन्द्र मेवाडा की मैच फिक्सिंग राजनीति करेगी उलटफेर
भाजपा व कांग्रेस के दिग्गजो का भविष्य दांव पर
सिरोही 5 सितम्बर (हरीश दवे) ।

सिरोही नगर परिषद में नगर निकाय के चुनावों का बिगुल बज चुका है। इसके साथ ही दोनो दलो के पार्षद प्रत्याशी वीरो ने टिकट हासिल कर पूरे दम खम के साथ वार्डो में कार्यालय प्रारम्भ करने के साथ घर घर धोक लगानी चालू कर दी है। इस बार के चुनाव आगामी विधानसभा चुनावो से पूर्व राजनेताओं के सेमीफाईनल है जिसमें राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. रक्षा भण्डारी एवं सांसद लुम्बाराम चौधरी पर पूरी जिम्मेदारी आ गई है कि वो जिले की 6 नगर निकाय चुनावो में कमल खिलाये जिसमें राज्यमंत्री का निर्वाचन क्षेत्र सिरोही शिवगंज है जिसमें कांग्रेस से मुकाबला भाजपा का है या संयम लोढा का, पूर्व विधायक संयम लोढा ने सिरोही शिवगंज में कांग्रेस का बोर्ड बरकरार रखने के लिये युद्ध स्तर पर व्यूहरचना रच दी है। जिसको शिकस्त देने में भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. रक्षा भण्डारी की भूमिका टीम भाजपा व सांसद विधायक व राज्यमंत्री के चुनावी परफॉर्मेंश पर निर्भर है।
नामांकन वापसी के बाद भाजपा व कांग्रेस में 9 वार्डो में सीधे मुकाबले में 25 निर्दलीय दमदार पार्षद मैच फिक्सिंग राजनीति के पीछे बैठकर रणनीति तय कर नगर परिषद में हुकुमत कायम करने के बाजीगरो ने भी जनरल महिला सभापति की सीट हथियाने में पूरी एडी चोटी का जोर लगा दिया है। जिसमें कांग्रेस पार्टी पूर्व विधायक संयम लोढा की सुनियोजित रणनीति में चुनाव लड रही है, वहीं भाजपा का नगर मंडल संगठन व बूथ स्तर की रचना पूर्णतया लचर बिखरी हुई व कागजो में है तथा जिस तरीके से टिकट वितरण में जनरल वार्डो में सामान्य जाति का छोडकर अन्य प्रभावशाली भाजपा कार्यकर्ताओ को ओबीसी वार्डो में विस्थापित नही किया तथा वार्ड नंबर 1, 12 तथा अन्य वार्डो में गोरवाल, श्रीमाली, खण्डेलवाल, सेन, कुम्हार (कुंभकार), सुथार, अनेक जातियां वंचित हुई तथा सांसद ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर अपने पुत्र के निजी फर्म के 3 कर्मचारीयो से जुडे व्यक्तियों को टिकट दिलवाने में महारत हासिल की जिसमें वार्ड नंबर 12 से भाजपा के कर्मठ कार्यकर्ता हरीश दवे, जिला प्रवक्ता रोहित खत्री व लोकेश खण्डेलवाल, हेमलता पुरोहित, पूर्व पार्षद गोविंद माली, पूर्व पार्षद मणी देवी का टिकट कटने से भाजपाईयो में भी गहरी निराशा है, अब भाजपा लोकेश खण्डेलवाल का टिकट काट सभापति की सीट सुरक्षित करने के लिये वार्ड नंबर 1 सामान्य सीट पर पूनम प्रजापत को दावेदार बना चुकी है जहां उनका कडा सामना भाजपा की भीतरघात में कांग्रेस के दिग्गज नेता पूर्व पार्षद जितेन्द्र ऐरन की पत्नि नवीता ऐरन की दमदार टक्कर के साथ वार्ड नं. 10 की जनरल सीट पर निर्विरोध ओबीसी की श्रीमती पूजा गोपाल माली भाजपा का बहुमत आने पर सभापति की प्रबल दावेदार है जिसमंे सांसद लुम्बाराम चौधरी ने अपने प्रभाव पर बनाये मंडल अध्यक्ष चिराग रावल की माता को वार्ड नं. 18 की जनरल लेकिन एससी एसटी बाहुल्य सीट पर भाजपा का कमल खिलाने के लिये उम्मीदवार बनाया है जिन्हे करारी टक्कर कांग्रेस से मिले या न मिले पर वरिष्ठ बागी भाजपाई लुम्बाराम राणा, कांग्रेस के राजेन्द्र राणा की राह आसान बना रहे है।
सिरोही नगर परिषद की सीट पर गत समय कांग्रेस का बोर्ड कद्दावर कांग्रेस नेता शराब कारोबारी व भूमि कारोबारी महेन्द्र मेवाडा का बोर्ड था जिसमें पूर्व सीएम सलाहकार संयम लोढा ने अनेक विकास करवाये ओर विकास के साथ सिवरेज, गुजरात गैस, सडक, बिजली, पानी, उद्यान, शहरी सौन्दर्यकरण, विकास के स्थान पर विनाश के उभरने व अर्बुदा गौशाला व डेयरी फार्म का बेजा एमओयू करवा अर्बुदा खातेदारी भूमि हडपने व शहर में करोडो के राजस्व नुकसान के बाद अवैध निर्माण तथा रामझरोखा व लालवेरा की सम्पत्ति के अवैध पट्टो के प्रश्न इस बार के चुनावो में मुद्दे बनकर उभरेंगे।
जिसमें अब सभापति व बोर्ड बनाने की दौड में चुनावी स्थिति साफ होने के बाद वार्डो में कांग्रेस की स्थिति पार्षदो के पक्ष में मजबूत होती नजर आ रही है। वहीं भाजपाई वीरो को जबरदस्त भीतरघात का सामना करना पड रहा है। सभापति पद में कांग्रेस की प्रबल दावेदार श्रीमती रितु जैन जो कांग्रेस नगर अध्यक्ष की धर्मपत्नि है। जिसने वार्ड नंबर 25 सामान्य सीट से जबरदस्त ताल ठोक दी है तो अन्य दावेदार नवीता ऐरन वार्ड नं. 01 में अंदरूनी भाजपाई भीतरघात की मदद से वार्ड नं. 01 में फतेह कर अलग ही गुल खिला सकती है। इन सबसे उपर श्रीमती सीमा मेवाडा पुत्री बाबूलाल मेवाडा जिसकी वार्ड नं. 13 में नामांकन के वक्त ही जीत जैसे सुनिश्चित हो गई। ऐसा नगर के राजनीतिक हल्को में माना जा रहा है और पूर्व सभापति महेन्द्र मेवाडा भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशीयो का गणित बिगडने पर निर्दलीयो की जीत पर अपनी बहन को सिरोही का सभापति बनाने में कोई कोर कसर नही छोडेगे।


संपादक भावेश आर्य



