
सिरोही(हरीश दवे)।

सिरोही जिले के सपूत,देश की स्वाधीनता के राष्ट्रीय आंदोलन के महान स्वतन्त्रता सेनानी,प्रजा मण्डल नेता, राजस्थान एकीकरण व आबू के राजस्थान में विलय ओर संविधान निर्मात्री सभा के सदस्य, प्रखर गांधीवादी, सर्वाेदयी, शराबबंदी, भूदान आंदोलन के प्रणेता व कोंग्रेस राजस्थान के पहले कार्यकारी अध्यक्ष, स्वतंत्र सिरोही राज्य के पहले प्रधान मंत्री स्वर्गीय गोकुल भाई भट्ट की पुण्य तिथि पर आज सरूपविलास मार्ग स्थित नव स्थापित उनकी प्रतिमा पर उनके अनुयायियों, प्रबुद्ध जनो, पार्षदो ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण पर पुष्प गुच्छ अर्पित कर कृतज्ञ भाव से उनको श्रद्धासुमन अर्पित किये।
इस अवसर स्वर्गीय गौकुल भाई भट्ट स्मारक समिति के सचिव हरीश दवे, नया समाज मण्डल के रूपचंद सोनी, रमेश कुमार, डॉ उषा पुरोहित, पार्षद सुधांशु गौड़, जय विक्रम हरण, रमेश मिथुन, महेंद्र भाई दवे, गोविंद जी ओझा, कल्पेश त्रिवेदी, मदनदवे, देबेन्द्र सेन, हरीश माली, राहुल रावल समेत दर्जनों जनो ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया व रूपचंद सोनी ने सुत की माला पहनाई।
इस अवसर पर हरीश दवे ने कहा की माउंट आबू को गुजरात विलय से रोकने के मसले पर उन्होंने देश के पहले गृह मंत्री सरदार पटेल से पंगा लिया व 10 हजार आदिवासियों को एकत्रित कर आंदोलन छेड़ आबु का राजस्थान में विलय करवाया।तथा राजस्थान के एकीकरण में उनकी अहम भूमिका रही। अगर श्रद्धेय गोकुल भाई भट्ट ने आबू विलय के मसले पर सरदार पटेल से विरोध न किया होता तो वो राजस्थान के पहले सीएम होते। जीवन से आज की पीढ़ी अनभिज्ञ है।विधायक संयम जी ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में गांधी जी के अनुयायी गोकुल भाई भट्ट जो भारतीय राष्ट्रीय कोंग्रेस में अग्रिम पंक्ति के विधायक जी गोकुल भाई भट्ट के सपने पूरे करेंगे।और स्वर्गीय गोकुल भाई भट्ट के जीवन कृतित्व व व्यक्तित्व से युवा पीढ़ी प्रेरणा लेगी।
उपस्थितजनो ने सीएम सलाहकार संयम लोढा को भी आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनके प्रयासो से आजादी के अमृत महोत्सवकाल में जिला मुख्यालय पर पहली बार उनकी प्रतिमा स्थापित करवाने में उनके योगदान को भावी पीढी को स्वर्गीय गोकुलभाई भट्ट के राष्ट्र व संविधान निर्माण में योगदान व सिरोही प्रजामण्डल के आन्दोलन के इतिहास की जानकारी भी मिलेगी।

संपादक भावेश आर्य



