अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण संबंधी संसदीय समिति की अध्ययन बैठक में सांसद चौधरी ने लिया भाग

मुम्बई,21 मई।
जालोर सिरोही सांसद लुम्बाराम चौधरी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित “अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण संबंधी संसदीय समिति” की अध्ययन बैठक में सहभागिता कर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।
बैठक में समाज के उत्थान, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं पिछड़े वर्गों के विकास को लेकर सार्थक विचार-विमर्श हुआ।
इस अवसर पर समिति के सदस्यों एवं विभिन्न गणमान्य जनप्रतिनिधियों से संवाद का अवसर प्राप्त हुआ।
अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण संबंधी संसदीय समिति” की एक महत्वपूर्ण अध्ययन बैठक आयोजित की गई, जिसमें समिति के सदस्यों और वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पिछड़े वर्गों के विकास की गति को तेज करना और उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए रोडमैप तैयार करना था।
बैठक के दौरान समाज का उत्थान, योजनाओ का प्रभावी क्रियान्वयन,पिछड़े वर्गों का विकास आधी बिंदुओं पर सार्थक विचार-विमर्श हुआ।
ओबीसी समुदाय के शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए नए अवसरों को तलाशने पर चर्चा की गई।केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की गई, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि लाभ जमीन पर आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे। रोजगार, कौशल विकास और बुनियादी ढांचे में सुधार के जरिए पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में और मजबूती से जोड़ने पर रणनीति बनाई गई।
बैठक में शामिल सदस्यों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि नीतियों का क्रियान्वयन समयबद्ध और पारदर्शी होना चाहिए ताकि समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को उनका वास्तविक अधिकार मिल सके।
पिछड़े वर्गों के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर सहमति बनी। इसके साथ ही, ‘पीएम विश्वकर्मा’ जैसी योजनाओं के जरिए पारंपरिक कारीगरों और छोटे उद्यमियों को कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को और सरल बनाने की बात कही गई।
बैठक के अंत में यह तय किया गया कि समिति जल्द ही अपनी विस्तृत सिफारिशों के साथ एक रिपोर्ट संसद के पटल पर रखेगी, ताकि कल्याणकारी योजनाओं की निगरानी को और अधिक सख्त और जवाबदेह बनाया जा सके।

संपादक भावेश आर्य



