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आम जनता व वाहन धारक सीधे डीटीओ ऑफिस आ अपना कार्य करवाये-डीटीओ- अस्मिता राठौड़,यातायात सलाहकारो ने खोला डीटीओ के खिलाफ मोर्चा

सिरोही(हरीश दवे)।

जिला परिवहन अधिकारी की तानाशाही से जनता की सरकार के प्रति नकारात्मक छवि का आरोप लगाते हुए जिला मुख्यालय पर बरसो से यातायात विभाग में जनता के वाहन संबंधी मामलों में सेवा देते यातायात सलाहकार 5 दिन से अपनी मांगों को लेकर डीटीओ ऑफीस के बाहर धरना दे रहे है।
5 दिन से धरना दे रहे यातायात सलाहकार प्रतिनिधि मनोज जैन व गोपाल माली व सदस्यों ने विज्ञप्ति जारी कर बताया की सिरोही जिला मुख्यालय पर कार्यरत कार्यवाहक जिला परिवहन अधिकारी द्वारा निर्धारित समय पर कार्य सम्पादित नहीं कर आमजन को धक्के खिलाये जाते है जिसकी तस्दीक आप कम्प्यूटर एक्सपर्ट द्वारा करवा सकते है।

जब सम्बधित शाखा प्रभारी द्वारा पत्रावली भेजी जाती है उसे भी 3-4 दिन तक होल्ड करके रखा जाता है।

साथ ही पूर्व मे सिरोही आबूरोड मिलाकर पूरा परिवहन जिला एक ही था इस कारण सिरोही से पिण्डवाडा नगर 22 किमी. दूर है और आबूरोड 60 किमी. दूर है जिन आवेदको के ड्रायविंग लाईसेन्स सिरोही से बने है उन्हे भी आबूरोड नवीनीकरण के लिए भेजा जाता है जिससे आमजन का समय और आर्थिक नुकसान होता है। जबकि 2018 से लाईसेन्स व्यवस्था ऑनलाईन होने से आवेदक अपनी सुविधा अनूसार कही पर भी नवीनीकरण करवा सकते है।
सिरोही जिले मे प्रवासी की भरमार है इस कारण उनके लाईसेन्स सिरोही से बने हुए है मगर अपने कार्य क्षेत्र अन्य राज्य में होने से आवेदको ने अपना आधार कार्ड उसी राज्य में बनवा लिया था। अब वह व्यक्ति अपना उक्त लाईसेन्स नवीनीकरण के लिए सिरोही में आवेदन करता है तो जिला परिवहन अधिकारी द्वारा मना कर दिया जाता है।
ड्रायविंग लाईसेन्स के लिए लर्निंग लाईसेन्स E-KYC द्वारा बनता है आवेदक जब परमानेन्ट लाईसेन्स बनवाने जाता है तब उससे दो पहचान पत्र की मांग की जाती है और परेशान किया जाता है।
जैन ने बताया की सिरोही जिला गुजरात राज्य से सटा हुआ है एवं मण्डार इसका प्रवेश क्षेत्र है वहां अधिकारी द्वारा प्रभावी चेकिंग नहीं करने से बिना कर चुकाये ओवरलोड वाहन राज्य में प्रवेश करता है और पुनः लोट जाता है जिससे सरकार को प्रतिदिन लाखों रूपये राजस्व हानि हो रही है मगर अधिकारी द्वारा ध्यान न देकर खुद पाली मार्ग पर चेकिंग पर चली जाती है जबकि इस कार्य हेतू निरिक्षक पदस्थापित है।

ऐसे सेकडों कारण है जिससे कार्यवाहक जिला परिवहन अधिकारी कार्यशैली से आमजन परेशान होकर सरकार पर दोषारोपण करती है जिससे सरकार की छवि पर प्रतिकुल असर के साथ सरकार आकोश उत्पन्न हो रहा है।
उन्होंने कहा की निरंकुश अधिकारी पर नियन्त्रण करे ताकि सरकार की छवि धुमिल ना हो।
इस बाबत जिला परिवहन अधिकारी अस्मिता राठौड़ से पूछा गया तो उन्होंने बताया की उन्हें सलाहकारो की हड़ताल व या ऐसी किसी भी स्थिति की जानकारी नही है।
न किसी यातायात सलाहकार संस्था ने कोई ज्ञापन दिया है।
जिला परिवहन कार्यालय में आम जनता व वाहन धारकों के कार्य ऑफिस में नियमानुसार हो रहे है।

संपादक भावेश आर्य

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