विद्यार्थी जागरूकता कार्यक्रम में सीवरेज प्रबंधन, स्वच्छता और स्वास्थय के महत्व को समझाया |

सिरोही(हरीश दवे)।

राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना चतुर्थ चरण मे सिरोही मे आमजन की सुविधा के लिए जल प्रदाय तन्त्र मे सुधार व सीवरेज कार्य और विकास के लिए विभिन्न आधारभूत कार्य करवाये जा रहे है। परियोजना के सामुदायिक जागरूकता व जनसहभागिता कार्यक्रम के तहत शहर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय विशिष्ठ पूर्व (बाल मंदिर ) सिरोही में बालिकाओं को जागरूक करने के लिए विद्यार्थी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जयपुर मुख्यालय से आए प्रोजेक्ट की कैप इकाई के डिप्टी टीम लीडर अनिल सिंह ने बताया कि आरयूआईडीपी द्वारा सिरोही में पेयजल व सीवर का कार्य अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि ये जागरूकता कार्यक्रम इसलिए चलाया जा रहा है कि सभी घरों को प्रोजेक्ट का लाभ मिले और सभी घर पेयजल कनेक्शन व सीवर कनेक्शन से जुड़ जाए। विद्यार्थियों की इस अभियान में अहम भूमिका है। वे अपने घर पर इसकी चर्चा करें और अपने आस पड़ोस को जागरूक करें कि जिन कॉलोनियों में सीवर लाइन डल चुकी है वहां के निवासी अपने घरों को शीघ्र ही सीवर लाइन से जुड़वा लें। प्रोजेक्ट के द्वारा सीवर कनेक्शन का कार्य निशुल्क किया जा रहा है, जिसके लिये उपभोक्ता को कोई शुल्क नहीं देना होगा। अनिल सिंह ने बताया कि सीवर लाइन मे घर में बने टॉयलेट रसोई, बाथरूम के गंदे पानी को सीवर लाइन से जोड़ा जाएगा। नए मीटरयुक्त पेयजल कनेक्शन से लगातार, समुचित प्रेशर से साफ व स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा। प्रोजेक्ट द्वारा इसके लिए इंटेक वेल व वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया गया है।
इसी तरह सीवरेज प्रोजेक्ट के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया गया है जिसमें घरों से निकलने वाले गंदे पानी का शोधन कर उसे कृषि व उद्योगों में काम में लिया जा सकेगा। उन्होंने ठोस कचरे के उचित निस्तारण व स्वच्छता विषयों पर भी प्रकाश डाला।
इसी सिलसिले में कम्युनिटी मोबिलाइजेशन एक्सपर्ट सौरभ पांडे ने कहा कि जल संसाधन वह स्रोत है जो मानव जाति के लिए उपयोगी है। जीवन के सभी कार्यों को करने के लिए पानी की आवश्यकता होती है। पानी हमें प्रकृति द्वारा दिया गया उपहार है, जिसका सम्मान करते हुए हमें इसे अनावश्यक रूप से बर्बाद नहीं करना चाहिए। फर्श पाइप से धोने के बजाय पोछे से साफ करें। सेविंग करते वक्त नल को खुला ना छोड़े। इस प्रकार की छोटी-छोटी आदतों से ही बहुत सारा पानी बचाया जा सकता है। सौरभ पांडे ने बताया की प्रोजेक्ट के संचालन व संधारण का कार्य दस वर्षों तक संवेदक फर्म एल एण्ड टी द्वारा किया जायेगा। प्रोजेक्ट द्वारा सीवर सम्बंधी शिकायत समाधान के लिये एक टोल फ्री नम्बर 1800-1800-116 जारी किया गया है। सीवर सिस्टम आपके फायदे के लिए है और इससे सिरोही शहर साफ एवं स्वच्छ बनेगा।
विद्यालय की प्रधानाचार्य शोभा चारण जी ने जल संरक्षण पर प्रकाश डाला। उन्होंने अपने उद्बोधन में बोलते हुए कहा कि स्कूल में जल संरक्षण पर इस प्रकार के कार्यक्रम करवाने चाहिए जिससे जल संरक्षण के प्रति बच्चों में सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।
कार्यक्रम में सोशल आउटरीच टीम के सदस्य हेमंत गहलोत व इस दौरान कार्यक्रम में विद्यालय के वरिष्ष्ठ अध्यापक खेताराम पुरोहित, नीलेश डाबी अध्यापिका विद्या कुमारी, कल्पना सहित विद्यार्थी एवं स्कूल स्टाफ मौजूद रहे।

संपादक भावेश आर्य



