पोसालिया ग्राम पंचायत डर्टी पॉलिटिक्स की शिकार,तीन माह से प्रशासक नहीं, जनता परेशान,

न्यायालय आदेश के बावजूद चार्ज नहीं मिलने से व्यवस्था बेहाल,
सिरोही(हरीश दवे)।

पोसालिया ग्राम पंचायत में पिछले तीन माह से प्रशासक नियुक्ति और चार्ज को लेकर चल रही राजनीतिक खींचतान के कारण आमजन भारी परेशानियों का सामना कर रहा है। पंचायत बिना प्रभावी प्रशासनिक नेतृत्व के संचालित हो रही है, जिससे विकास कार्य ठप पड़ गए हैं तथा सफाई व्यवस्था भी चरमरा गई है।ग्रामीणों का आरोप है कि न्यायालय के आदेश के बाद भी प्रशासक को अब तक चार्ज नहीं दिया गया, जिससे पंचायत व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि लोकतंत्र में न्यायालय के आदेशों की भी अनदेखी होने लगे, तो आमजन न्याय के लिए आखिर कहाँ जाए।पीजी महाविद्यालय सिरोही के विद्यार्थी नेता भानु प्रताप सिंह पोसालिया ने बताया कि विद्यार्थियों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। छात्र-छात्राओं के आवश्यक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं हो पा रहे हैं, जिससे उनके शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं गरीब, किसान, मजदूर और आम नागरिक छोटे-छोटे कार्यों के लिए भटकने को मजबूर हैं।ग्रामीणों के अनुसार पंचायत क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बदहाल हो चुकी है और विकास कार्य लगभग ठप पड़े हैं। पंचायत प्रशासन की निष्क्रियता के कारण आमजन में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
जानकारी के अनुसार एक प्रशासक प्रतिनिधि और स्वयं प्रशासक दर्जनों बार जिला कलेक्टर से मिलकर समस्या का समाधान करने की मांग कर चुके हैं। वहीं राज्य मंत्री ओटा राम देवासी से भी दो बार मुलाकात कर जनहित में त्वरित निर्णय लेने का आग्रह किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया।ग्रामीणों का कहना है कि जब राज्य मंत्री और जिला प्रशासन ही आमजन की समस्याओं का समाधान नहीं करेंगे, तो जनता किससे उम्मीद रखे। दो माह से जिला प्रशासन को राज्य स्तर से स्पष्ट मार्गदर्शन नहीं मिलना भी गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है।गांव की जागरूक महिला ममता कुंवर राव ने कहा कि आखिर कब तक ग्राम पंचायत राजनीति की बलि चढ़ती रहेगी। उन्होंने सवाल उठाया कि पोसालिया ग्राम पंचायत में आखिर कब और किसे प्रशासक का चार्ज मिलेगा तथा कब सफाई व्यवस्था सुधरेगी और आमजन को राहत मिलेगी।स्कूली विद्यार्थी कीर्तन पाल सिंह ने कहा कि जनता को राजनीति नहीं बल्कि समाधान चाहिए। गाँव को संघर्ष नहीं, सुशासन चाहिए।ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तुरंत हस्तक्षेप कर पोसालिया ग्राम पंचायत की स्थिति सुधारने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पूरा मामला राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किशनलाल बागड़े तथा मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा तक पहुंचाकर न्याय की मांग की

संपादक भावेश आर्य



