पावापुरी में आचार्य श्री ने मुमुक्षु हर्षित को दिया दीक्षा का मुर्हुत

सिरोही(हरीश दवे) ।

मुमुक्षु हर्षित कुमार संघवी अपनी दीक्षा का मुर्हुत लेने सिरोडी से श्री पावापुरी तीर्थ-जीव मैत्रीधाम पहुंचने पर उनका पावापुरी के मुख्य द्वार पर ढोल-ढमाको के साथ गाजते-बाजते अक्षतों से स्वागत किया गया ओर उन्हे घोडा बग्गी में बिठाकर जुलुस के रूप में मंदिर दर्शन कराते हुऐ उपाश्रय में ले जाया गया। उपाश्रय में सूरिमंत्र समाराधक आचार्यदेव श्री रविरत्नसूरीश्वरजी एवं श्री जयेशरत्नसूरीश्वरजी म. सा., पंन्यास श्री वैराग्यरत्नविजय आदि अनेक साधु-साध्वीजी की शुभ निश्रा में सिरोडी निवासी 30 वर्षीय मुमुक्षु हर्षित कुमार जितेन्द भाई संघवी ने दीक्षा का मंगल मुर्हुत ग्रहण किया। दीक्षा का मुर्हुत आचार्य श्री कलापुर्णसूरीश्वरजी के शिष्य आचार्य श्री पुर्णचंद्रसूरीश्वरजी ने मंगल आर्शीवाद देते हुऐ उद्घोषित किया। हर्षित की दीक्षा 27 जुन 2026 को शुभ मुर्हुत में होगी। मुर्हुत पत्र मिलनेे पर उसको कंकु के छाटने कर अक्षतो से वधामणा किया गया। दीक्षा का मुर्हुत देने पर संगीत की धुन पर मुमुक्षु व उनके परिवार वाले नाच उठे। मुमुक्षु की कई वर्षो की भावना परिपूर्ण होने से हर्षित कुमार बहुत ही हर्षित हो गये। इस अवसर पर सिरोडी, कृष्णगंज, वेलागंरी, पामेरा, पोसिंतरा एवं अनादरा से अनेक श्रावक-श्राविकाओं ने उपस्थित हो कर मुमुक्षु हर्षित कुमार संघवी एवं उनके माता पिता को शुभकामनाएं दी। श्री पावापुरी ट्रस्ट मंडल की ओर से प्रबंधक सुरेन्द्र जैन ने मुमुक्षु हर्षित कुमार, माता-पिता श्रीमती रेखा बेन जितेन्द्र भाई संघवी का तिलक-माला-साफा पहनाकर बहुमान किया गया।
सूरीमंत्र पीठिका जाप साधना शुरू
तत्पश्चात् आचार्यश्री रविरत्नसूरीश्वरजी ने सूरिमंत्र साधना की पांचवी बार की चैथी श्रीदेवी की पीठिका का जाप प्रारंभ किया जो 25 दिन तक मौनपूर्वक चलेगा। इस प्रसंग पर पावापुरी तीर्थ निर्माता के पी संघवी परिवार के प्रमुख किशोर भाई संघवी एवं ट्रस्टी संघवी नवलमल तातेड, महावीर जैन भी उपस्थित रहे।



संपादक भावेश आर्य



