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“डाक विभाग की फ्रेंचाइजी योजना 2.0 की शुरुआत”


सिरोही(हरीश दवे)।


भारतीय डाक विभाग द्वारा आमजन, व्यापारियों एवं युवाओं को स्वरोजगार एवं आय के नए अवसर उपलब्ध कराने हेतु “फ्रेंचाइजी योजना 2.0” प्रारंभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत कोई भी पात्र नागरिक, दुकानदार, फर्म अथवा उद्यमी भारतीय डाक विभाग का अधिकृत फ्रेंचाइजी पार्टनर बन सकता है तथा डाक सेवाओं के माध्यम से कमीशन आधारित आय अर्जित कर सकता है।
सिरोही मंडल के अधीक्षक डाकघर श्री अखाराम ने बताया कि विभाग द्वारा पूर्व की फ्रेंचाइजी नीति में महत्वपूर्ण बदलाव कर इसे अधिक व्यावहारिक एवं लाभकारी बनाया गया है। पहले फ्रेंचाइजी आउटलेट्स पर मुख्य रूप से केवल डाक बुकिंग की सुविधा उपलब्ध थी, जबकि नई फ्रेंचाइजी योजना 2.0 के अंतर्गत बुकिंग के साथ-साथ पिकअप/कलेक्शन एवं पार्सल वितरण (डिलीवरी) जैसी सेवाएं भी सम्मिलित की गई हैं। इससे फ्रेंचाइजी धारकों को अधिक कार्य एवं अधिक कमीशन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत स्पीड पोस्ट डॉक्यूमेंट, स्पीड पोस्ट पार्सल, इंडिया पोस्ट पार्सल (रिटेल एवं कॉन्ट्रैक्चुअल), इंटरनेशनल EMS तथा इंटरनेशनल ट्रैक पैकेट सर्विसेज जैसी सेवाओं की बुकिंग की जा सकेगी। इसके अतिरिक्त ऑनलाइन “पिक एंड बुक” सेवा के अंतर्गत बुक किए गए लेखों का पिकअप/कलेक्शन तथा विभाग द्वारा आवंटित पार्सलों का वितरण कार्य भी फ्रेंचाइजी के माध्यम से कराया जा सकेगा।
योजना के तहत बुकिंग, पिकअप एवं डिलीवरी पर अलग-अलग निर्धारित दरों से कमीशन देय होगा। अंतरराष्ट्रीय लेखों की बुकिंग एवं पिकअप पर प्रतिशत आधारित आकर्षक कमीशन का प्रावधान किया गया है। वहीं इनलैंड पार्सल की डिलीवरी पर प्रति पार्सल कमीशन, COD राशि संग्रहण पर अतिरिक्त प्रोत्साहन तथा समयबद्ध वितरण पर प्रदर्शन आधारित इंसेंटिव भी प्रदान किया जाएगा। “पिक एंड बुक” सेवा के अंतर्गत पिकअप कार्य हेतु प्रति लेख ₹25 तक कमीशन का प्रावधान रखा गया है।
फ्रेंचाइजी हेतु पात्रता के संबंध में अधीक्षक डाकघर ने बताया कि आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। सामान्य फ्रेंचाइजी के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं उत्तीर्ण निर्धारित की गई है, जबकि केवल डिलीवरी कार्य हेतु 10वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थी भी पात्र होंगे। आवेदक को कंप्यूटर का सामान्य ज्ञान, स्थानीय भाषा एवं अंग्रेजी का कार्यात्मक ज्ञान तथा अच्छा संवाद कौशल होना आवश्यक है। डिलीवरी कार्य हेतु वैध दोपहिया/चारपहिया वाहन ड्राइविंग लाइसेंस एवं स्वयं का अथवा किराये का वाहन होना भी आवश्यक होगा, साथ ही आवेदक के पास वैध पैन कार्ड होना अनिवार्य है।
श्री अखाराम ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य डाक सेवाओं में आमजन की भागीदारी बढ़ाना, ई-कॉमर्स क्षेत्र में डाक विभाग की पहुंच मजबूत करना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने इच्छुक नागरिकों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं युवाओं से इस योजना का लाभ उठाकर भारतीय डाक विभाग के साथ जुड़ने का आह्वान किया। योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी निकटतम प्रधान डाकघर/उपडाकघर अथवा सिरोही मंडल कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

संपादक भावेश आर्य

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