ओझल हुए चिराग को मिला पिता, पुलिस व बाल अधिकारिता विभाग को जताया आभार,

सिरोही(हरीश दवे)

राजकीय सम्प्रेक्षण एवं किशोर गृह सिरोही में आवासरत बालक बुरहान उम्र 10 वर्ष को आबूरोड रेलवे पुलिस द्वारा गुमशुदा बालक को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। बालक को राजकीय किशोर गृह में प्रवेशित किया। जहां पर बालक को प्यार से वार्ता पर बालक के परिवार के बारे में जानकारी ली। बालक ने अपने आपको सुरत (गुजरात) का बताया फिर बालक ने अपने पिता के मोबाइल नम्बर बताया तो अधीक्षक भंवर सिंह परमार द्वारा उसके पिता को सम्पर्क किया तथा बताया कि आपका बालक हमारे गृह में है तो उसके पिता खुशी से कहने लगे कि हम बालक को पूरे सुरत गुजरात में ढूंढ रहे है। फिर उसके पिता को गृह का पता दिया तथा बालक के पिता दूसरे दिन गृह में आये तथा बालक को देखरेख अश्रुधारा के साथ गले लगा कर रोने लगे। पिता द्वारा बताया कि बालक की माता का दो वर्ष पूर्व देहांत हो गया था। बालक अजमेर जाने के लिए ट्रेन में चढ गया हो ऐसा आभास हुआ। इस प्रकार गुमशुदा बालक को मिला पिता या पिता को मिला गुमशुदा बालक। बालक के पिता का कहना है कि मुझे मेरे गुमशुदा पुत्र मिलने से मुझे नई जिन्दगी मिली है। बालक के पिता द्वारा पुलिस और बाल अधिकारिता विभाग सिरोही को धन्यवाद किया। इस सम्पूर्ण कार्यवाही में सहायक निदेशक राजेन्द्र पुरोहित, अधीक्षक भंवर सिंह परमार, बाल कल्याण समिति अध्यक्ष रतन बाफना, सदस्य प्रकाश माली, प्रतापसिंह नून, उमाराम देवासी, शशिकला मरडिया एवं चाईल्ड हेल्पलाईन 1098 की टीम का सहयोग रहा।

संपादक भावेश आर्य



