अर्बुदा नंदीशाला की 1.50 करोड की किश्त नगरपरिषद में पड़ी, लोढ़ा ने की गोपालन मंत्री कुमावत से बात

लोढ़ा ने किया अर्बुदा नंदी तीर्थ धाम का अवलोकन,
बेसहारा पशु नगर में भटक रहे।
अर्बुदा की खातेदारी भूमि अतिक्रमणों की चपेट में,
सिरोही(हरीश दवे) ।

पूज्य संत दत्त शरणानंदजी महाराज प्रेरित श्री अर्बुदा नंदी तीर्थ धाम सिरोही का पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा ने रविवार को अवलोकन किया।
जिला स्तरीय इस नंदी शाला के लिए 2023- 24 के बजट में तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरकार ने 4:50 करोड रुपए स्वीकृत किए थे। उसमें से भी अभी तक डेढ़ करोड़ रुपए की किश्त नगर परिषद सिरोही में पड़ी हुई हैं, जिसका लंबे समय से भुगतान नहीं किया जा रहा है। इस प्रकरण को लेकर गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत से दूरभाष पर बात कर उन्हें संपूर्ण प्रकरण से अवगत कराया और उनसे कहा कि वह प्रयास कर तुरंत इस राशि को जारी करवाए।
पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने नंदीशाला के अवलोकन को देखकर कहां कि कांटेदार पेड़ और जूली फ्लोरा से अटी पड़ी गौशाला की वह 1700 बीघा भूमि पूरी तरह से निखर गई है। पूर्व में पंकज गांधी के द्वारा लगाए गए पेड़ जिसे हम तपोवन के नाम से जानते हैं की उपस्थिति इस पूरी भूमि के सौंदर्य में चार चांद लगा रही हैं। संपूर्ण क्षेत्र की पूरी तारबंदी की जा चुकी है और चारों तरफ़ विचरण कर रहे नंदी से पूरी नंदी शाला अलग ही रूप में दिख रही हैं। आने वाले समय में यह नंदी शाला देश में गौ सेवा के अग्रणी केंद्र के रूप में उभरकर आएगी।
लोढ़ा ने पूरी नंदी शाला के परिसर में घूम कर किए गए विकास कार्यों और संपूर्ण सुविधाओ का अवलोकन किया। इस दौरान प्रकाश प्रजापति, दशरथ नरूका मौजूद रहे।
नंदीशाला में अब तक हुए कार्य – श्री अर्बुदा नंदी तीर्थ धाम के पीआरओ अशोक पुरोहित ने लोढ़ा की बताया कि नंदीशाला में कर्मचारी आवास छः कमरे, राम चौकी, कार्यालय, बड़े चारा गोदाम, 16 गोआवास (शेड), 3 लाख लिटर 3 पानी की टंकी, गोशाला की एमओयू की भूमि पर 10किमी तक चारो तरफ की सुरक्षा तारबंदी, ग्वालो के आवास, दो बोरिंग मोटर सहित अन्य कार्य किए जा चुके हैं।
गौरतलब है की गत कोंग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान ऐतिहासिक अर्बुदा गॉशाला की भूमि पर नन्दी गॉशाला के लिए एमयोयु किया व नगर में बेशहरा पशुओं की समस्या के समाधान का ढिंढोरा पीटा गया।
राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने सत्ता परिवर्तन के बाद एमयोयु गॉशाला की समीक्षा की बात कही।
पर करीब 5000 बीघा अर्बुदा खातेदारी की भूमि हजारो बीघा अतिक्रमण की चपेट में है।
तथा एमयोयु गॉशाला की भूमि भी अतिक्रमणों की चपेट में है।
न एमयोयु गॉशाला के अतिक्रमण हटे।
न जिला प्रशाषन सक्षम अथॉरिटी से व्यय की ऑडिट करवाता।
नगर में बेशहरा पशु धन सड़क पे पॉलीथिन खा के अधमरा हो रहा है।
लम्पि व बीमार पशुओं के लिए आश्रय का स्थान नही है।
जिले में सरकारी भूमि हड़प व फर्जी पंजीयन से जिले में गॉशालाओ के दान अनुदान के खेल का गोरखधंधा चरम पर है।
जिसके निदान में न पूर्व सीएम सलाहकार न राज्य मंत्री ओटाराम देवासी अर्बुदा गॉशाला व डेरी फॉर्म्स की खातेदारी भूमि को अतिक्रमणों की चपेट से निकालने में वाजिब कार्यवाही में कदम उठा रहे है।



संपादक भावेश आर्य



