राज्य मंत्री देवासी ने सुनी आमजन की परिवेदनाएं

सिरोही(हरीश दवे) ।

राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने गुरुवार को ग्राम पंचायत पाडीव में ग्राम रथ अभियान में सहभागिता निभाई। इस दौरान उनका ढोल ढमाकों के साथ स्वागत किया गया। उन्होंने इस दौरान अपने संबोधन में कहा कि ग्राम रथ अभियान राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांव गांव तक पहुंचाने पात्र लाभार्थियों को जागरूक करने एवं सेवा वितरण को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आमजन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण एवं अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए संकल्पित है। इस अवसर पर राज्य मंत्री देवासी ने आमजन द्वारा बताई गई विभिन्न विभागों यथा पानी, बिजली, शिक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, राजस्व, पंचायतीराज सहित विभिन्न विभागों से संबंधित परिवेदनाओं को सुना और ग्राम रथ अभियान में निभाई सहभागिता शिकायतों पर अधिकारियों को जनता के कार्य मे खरा उतरने कि हिदायत दी।
राज्य मंत्री ने सभी अधिकारियों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के निर्देश दिए साथ ही विभिन्न परिवेदनाओं का निस्तारण भी किया। प्रधान हंसमुख कुमार ने भी सभी से राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ लेने की बात कही। समाजसेवी सुरेश पुरोहित ने राज्य मंत्री देवासी से मिलकर पाडीव में सफाई व्यवस्था, नींबला तालाब मे असामाजिक तत्वों द्वारा अतिक्रमण व बरली नहर वाली गौचरभूमि पर अतिक्रमण कर बने पक्के मकान को हटवाने को लेकर शिकायत कर अवगत करवाया. राज्यमंत्री देवासी ने नाराजगी जताते हुए तथा आमजन द्वारा प्राप्त सफाई संबंधित शिकायतों को देखते हुए ग्राम पंचायत पाडीव में कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी व सरपंच को अतिक्रमण समेत अन्य अव्यवस्था को लेकर संज्ञान लेने के निर्देश दिए। इस अवसर पर तहसीलदार जगदीश बिश्नोई,ग्राम विकास अधिकारी चंदुलाल प्रजापत,सहायक विकास अधिकारी हरिराम माली,सरपंच देसाराम मेघवाल, पटवारी,पंचायत समिति सदस्य श्रीमती कमला माली, परमवीर सिंह चारण,चुनीलाल माली, कृषि विभाग अधिकारी तुलसीराम,वार्ड पंच जीतेन्द्र सिंह सोलंकी,रूपाराम मेघवाल,
मोहनसिंह तंवर व ग्रामीणों मे भवानीसिंह सिंदल,पुखराज पुरोहित, भवरलाल रायगूर, भरत पुरोहित, सोमाराम हीरागर, भरत सैन, चतराराम हीरागर, किशोर रावल, निबाराम देवासी, निरु रावल, बाबूलाल माली,गुलाबसिंह राव,पदमाराम मेघवाल,सतीश घांची,भूराराम प्रजापत,प्रताप हीरागर,देवाराम घांची,जयंतीलाल हीरागर,श्रवण कलावंत,राजुभाई वाल्मीकि,संजय पुरोहित,सकाराम घांची, मूलाराम माली,चमनलाल माली, रामलाल प्रजापत,रगाराम घांची,समेत सैकड़ो ग्रामीण मौजूद थे।


संपादक भावेश आर्य


