आज बनेगा किसका बोर्ड? कांग्रेस का बोर्ड बना तो गहरी है शहर की चुनौतियां

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सिरोही, 20 सितंबर (हरीश दवे)।

सिरोही नगर परिषद में संपन्न हुए चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने आचर्यजनक तरीके से 23 सीटों पर जंगी बहुमत हासिल कर भाजपा को 10 सीटों पर रोककर चक्करघिन्नी कर दुबारा बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की और पूर्ण संभावना है कि निर्वाचन विभाग की प्रक्रिया के बाद कांग्रेस सिरोही में सभापति की दावेदार रीतू जैन के नेतृत्व में कांग्रेस का बोर्ड बनाएगी, लेकिन बोर्ड बनने के बाद कांग्रेस की राह आसान नहीं होंगी और विगत 60 साल से जन समस्याआंें से जूझ रहे नगरवासियों को कांग्रेस का नवनिर्वाचित बोर्ड व निर्वाचित होने वाली सभापति नई विकसित सिरोही की आधारशीला रख पाएगी, इस पर अब नगरवासियों की नजर है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गत कांग्रेस बोर्ड में सभापति महेन्द्र मेवाडा के शासनकाल के दौरान प्रदेश में कांग्रेस की सरकार व निर्दलीय विधायक संयम लोढा सिरोही के विधायक थे और उस मोड में पूर्व सभापति महेन्द्र मेवाडा की लोकप्रियता ऐसी थी कि उस बोर्ड में भाजपा कभी विपक्ष की भूमिका नहीं निभा सकी। इस दौरान कोरोना काल भी रहा, लेकिन पूर्व विधायक संयम लोढा ने गेहलोत सरकार की अस्थिरता में विधानसभा में समर्थन देकर जिले में बजट लाने में कोई कमी नहीं छोडी, जिसका फायदा सिरोही नगर परिषद को भी मिला और शहर में उद्यान, शहीद स्मारक, उद्यानों का सौंदर्यकरण व अनेक योजनाओं का लाभ मिला। लेकिन इसी दौरान सिरोही नगर परिषद में सीवरेज व गुजरात गैस के लम्बित कार्यों व नगर परिषद की जनसमस्याओं व कार्यवाहक आयुक्तों के चलते शहर में हुए अवैध अतिक्रमण, अनाधिकृत निर्माण कार्य, बेसहारा पशुओं की समस्या व अर्बुदा गोशाला का एमयू एक निजी गोशाला को करने के बाद अर्बुदा गोशाला की 5 हजार बीघा भूमि खुर्द बुर्द होने के अंदेशे में उपजे हालातों में कांग्रेस बोर्ड व विधायक के विकास पर गत विधानसभा चुनावों में मतदाताओं ने पानी फेर दिया। लेकिन सत्ता बदलने के बाद ढाई साल के शासन में राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने विकास मद लाने में कोई कमी नहीं छोडी, लेकिन कमजोर भाजपा संगठन जनता में डबल इंजन सरकार की योजना को नहीं ले जा सका तथा भाजपा शासन के दौरान भाजपाईयों व राष्ट्रवादियों के कर्मों में रामझरोखा, लालवेरा, अर्बुदा गोशाला व बेसहारा पशुओं की समस्या भाजपा हल नहीं कर सकी और पूर्व विधायक संयम लोढा ने जनता की समस्याओं को जमकर हवा दी और आम जनता ने कांग्रेस को जनादेश दिया। अब संभावना है कि सोमवार को रीतू जैन के नेतृत्व में कांग्रेस का बोर्ड भी बन जाएगा और यह सर्वविधित है कि बोर्ड बनने के बाद सत्तारूढ पार्टी भाजपा से बोर्ड का टकराव निश्चित होगा। ऐसे हालात में लम्बे समय से कंगाली की ओर अग्रसर सिरोही नगर परिषद में राजस्व जुटाने तथा चुनावी सभा में पूर्व विधायक संयम लोढा ने सिरोही नगर के विकास के लिए जो विजन पत्र (चुनावी घोषणा पत्र) जनता के सामने रखा है। उस पर क्या? कांग्रेस का बोर्ड खरा उतर पाएगा, उस पर आम जनता में अभी से चर्चा चल रही है। वहीं नगरवासियों में शहर में आवारा पशुओं व भटकते श्वानों की पाश्विक प्रवृति व सरजावाव दरवाजा चैराहा जिसे सजाने सवराने में गत बोर्ड ने लाखों रुपया खर्च किया, लेकिन सरजावाव दरवाजे को विज्ञापनों से पूरा बदरंग कर दिया है। इसी तरह राजस्व चोरी कर शहर की सरकारी ईमारतों व जगह जगह पेम्पलेट व पोस्टरों ने नगर को बदरंग कर दिया है। वहीं सवेरे पांच बजे से सरजावाव चैराहा, जेल चैराहा, धर्मशाला मार्ग, बस स्टैंड मार्ग एवं पैलेसरोड को नगर परिषद प्रशासन ने अतिक्रमियों को मदद देते हुए पूरे शहर को अस्थाई अतिक्रमण व अवैध पार्किंग से पाट दिया है, जिसको लेकर जिला कलेक्टर, अतिरिक्त जिला कलेक्टर, एसडीएम ने बैठके लेकर व नगर का निरीक्षण कर अनेक बार आयुक्त व नगर परिषद प्रशासन को निर्देश दिए, लेकिन जनसमस्याओं के समाधान में नगर परिषद प्रशासन ने कोई दिलचस्पी नहीं ली। अब कांग्रेस बोर्ड बनाने के सूत्रधार पूर्व विधायक संयम लोढा नवनिर्विाचित सभापति निर्वाचित होने के बाद क्या शहर की सुरत व सिरत बदलेंगे? इस पर भविष्य का विकास टिका हुआ है।

संपादक भावेश आर्य