तबादलों ने बढ़ाई सिरोही की मुश्किलें, सिरोही जिले में 3000 शिक्षक पद रिक्त, 176 कार्मिकों जिले से बाहर

सिरोही जिले की शिक्षा व्यवस्था बेहाल
पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने ACS से मुलाकात कर तत्काल हस्तक्षेप की रखी मांग
सिरोही(हरीश दवे) ।

पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा ने शासन सचिवालय, जयपुर में शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव से मुलाकात कर सिरोही जिले के सरकारी विद्यालयों की बिगड़ती शिक्षण व्यवस्था पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने जिले में शिक्षकों के करीब 3000 पद रिक्त होने तथा हाल ही में माध्यमिक शिक्षा विभाग के 176 कार्मिकों का जिले से बाहर तबादला किए जाने से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव से अवगत कराया।
लोढ़ा ने कहा कि जिले में शिक्षकों की भारी कमी के कारण विद्यालयों में पढ़ाई ठप होने की स्थिति बन गई है। इसका परिणाम यह है कि वासा, नागानी, सिरोड़ी और पोसालिया सहित कई विद्यालयों में विद्यार्थियों को तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए विद्यालय भेजते हैं, आंदोलन करने के लिए नहीं। यह किसी एक विद्यालय का नहीं, बल्कि पूरे सिरोही जिले के भविष्य का प्रश्न है।
तबादला महाकुंभ में 176 कार्मिक हुए जिले से बाहर
लोढ़ा ने अतिरिक्त मुख्य सचिव को बताया कि हाल ही में हुए तबादलों में सिरोही जिले से 14 प्रधानाचार्य, 4 उपप्रधानाचार्य, 39 व्याख्याता, 84 वरिष्ठ अध्यापक सहित शारीरिक शिक्षक, वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक, बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक, सहायक प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ सहायक एवं कनिष्ठ सहायक समेत कुल 176 कार्मिकों का अन्य जिलों में स्थानांतरण कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के तीन बजट आ चुके हैं और माध्यमिक शिक्षा विभाग में नए पद सृजित नहीं किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उपलब्ध शिक्षकों को भी बाहर भेजा जा रहा है। जिले में शिक्षकों का संतुलित वितरण नहीं होने से कई विद्यालयों में आवश्यकता से अधिक शिक्षक हैं, जबकि करीब 20 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऐसे हैं जहां चार से भी कम शिक्षक कार्यरत हैं।
98 स्कूलों में व्याख्याता का एक भी पद स्वीकृत नहीं
लोढ़ा ने बताया कि जिले के 98 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में एक भी व्याख्याता का पद स्वीकृत नहीं है। इनमें आबूरोड के 16, रेवदर के 14, शिवगंज के 18 और सिरोही क्षेत्र के 20 विद्यालय शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की पढ़ाई किस प्रकार संचालित हो रही होगी, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में कई बार आग्रह किए जाने के बावजूद आकांक्षी जिले सिरोही के हितों की अनदेखी की गई तथा राजनीतिक दबाव के कारण जिले की शिक्षण व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
रिक्त पद भरने और नए पद सृजित करने की मांग
संयम लोढ़ा ने अतिरिक्त मुख्य सचिव से सिरोही जिले में रिक्त शिक्षक पदों पर तत्काल नियुक्तियां करने, शिक्षकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित करने तथा उच्च माध्यमिक विद्यालयों में नए पद सृजित करने की मांग की।
इस पर अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने आश्वस्त किया कि जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां शीघ्र आवश्यक नियुक्तियां की जाएंगी। साथ ही सिरोही जिले के उच्च माध्यमिक विद्यालयों में नए पद सृजित करने की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई कर शिक्षण व्यवस्था को सुचारु बनाया जाएगा।

संपादक भावेश आर्य



