जिला न्यायाधीश शर्मा, प्रमुख जनगणना अधिकारी तोमर, पुलिस अधीक्षक राठौड़ सहित अन्य ने स्वगणना कर आमजन को स्वगणना के लिए किया प्रेरित

सिरोही (हरीश दवे) ।

जनगणना 2027 के तहत प्रथम चरण में आमजन द्वारा स्वगणना 01 मई से 15 मई 2026 तक की जाएगी वहीं प्रगणकों द्वारा मकान सूचीकरण 16 मई से 14 जून 2026 तक किया जाएगा।
जिला न्यायाधीश अजय शर्मा,प्रमुख जनगणना अधिकारी जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर, पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह राठौड़, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सावित्री आनंद निर्भीक, पोक्सो कोर्ट के विशिष्ट न्यायाधीश अनूप पाठक, फैमिली कोर्ट न्यायाधीश सुरेंद्र सिंह सांदू, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश ललित डाबी न्यायिक मजिस्ट्रेट वीणा सुवालका, वरिष्ठ सिस्टम अधिकारी कमलेश कुमार, एएसपी किशोर सिंह चौहान ने जनगणना के पोर्टल ेमण्बमदेनेण्हवअण्पद पर स्वगणना से संबंधित सवालों के जवाब देकर सूचनाओं को सबमिट किया, सूचनाओं को सबमिट करने पर एसई आईडी प्राप्त हुई। एस.ई.आईडी के आधार पर प्रगणक फील्ड सर्वे के दौरान दर्ज जानकारी का सत्यापन करेंगे।

प्रमुख जनगणना अधिकारी जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने आमजन से अपील की है कि वे भी पोर्टल ेमण्बमदेनेण्हवअण्पद पर 15 मई तक स्वगणना कर अपनी सूचनाओं को सबमिट करे। जनगणना 2027 का कार्य दो चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण मकान सूचीकरण, आमजन द्वारा स्वगणना 01 मई से 15 मई 2026, प्रगणकों द्वारा मकान सूचीकरण 16 मई से 14 जून 2026 तक, द्वितीय चरण नागरिकों की गणना (माह फरवरी 2027 में प्रस्तावित है)।

प्रमुख जनगणना अधिकारी तोमर ने बताया कि डिजिटल इंडिया पहल के अंतर्गत जनगणना 2027 में डाटा संग्रहण एवं प्रसार की गुणवत्ता, दक्षता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही विभिन्न विकास योजनाएं, आधारभूत सुविधाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जाता है,इसलिए इसमें आमजन से सहयोग अपेक्षित है।
प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर ने आमजन से अपील की है कि वे जनगणना 2027 के प्रथम चरण में पूर्ण सहयोग करें, प्रगणकों को सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं तथा इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को सफल बनाने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि जनगणना के दौरान एकत्रित की गई समस्त जानकारी जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी तथा इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए ही किया जाएगा।



संपादक भावेश आर्य



