मानव जाति का इतिहास स्वयं अपना मार्गदर्शन करने में सक्षम है — लोढ़ा

शिवगंज(हरीश दवे) ।

देवड़ा राजपूत समाज, नारादरा की ओर से श्री सती माताजी का दो दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव श्रद्धा, आस्था एवं गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस पावन अवसर पर साधु-संतों के सानिध्य के साथ अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में महाराज दैवतसिंह देवड़ा सिरोही, युवराज इंद्रेश्वरसिंह देवड़ा सिरोही, पूर्व विधायक संयम लोढ़ा, राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, सांसद लुम्बाराम चौधरी, सिरोही जिला प्रमुख अर्जुन राजपुरोहित, जिला परिषद सदस्य दलीपसिंह मांडाणी, पूर्व सरपंच विशनसिंह कैलाशनगर एवं नारादरा सरपंच वेलाराम मेघवाल सहित कई विशिष्ट जन उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि मानव जाति का इतिहास स्वयं अपना मार्गदर्शन करने में सक्षम है। मनुष्य समय के साथ अपने मूल्य स्वयं निर्धारित करता है और वे समयानुसार परिवर्तित भी होते रहते हैं। उन्होंने रामायण काल का उदाहरण देते हुए कहा कि भगवान रामचंद्र जी ने शासकीय नैतिकता को सर्वोपरि रखते हुए माता सीता का त्याग किया, जो उस युग के मूल्यों को दर्शाता है।
लोढ़ा ने आगे महाभारत काल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भरी सभा में द्रौपदी का चीरहरण हुआ और सभी मौन रहे, जो समाज के बदलते मूल्यों को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि प्रजातंत्र से पूर्व के युग में महाराणा प्रताप एवं सिरोही के राव सूरतान जैसे वीरों ने मातृभूमि के लिए बलिदान देकर गौरवशाली परंपराएं स्थापित कीं। वर्तमान प्रजातांत्रिक व्यवस्था में इस प्रकार के आयोजन समाज की एकता, आस्था और संविधान के प्रति विश्वास को मजबूत करते हैं।
इससे पूर्व आचार्य भेरूशंकर के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चारण, यज्ञ एवं विधि-विधान के साथ श्री सती माताजी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। आयोजन में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जिससे कार्यक्रम का भव्य स्वरूप और भी निखरकर सामने आया।


संपादक भावेश आर्य



