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पिण्डवाड़ा क्षेत्र की जनता का आक्रोश फूटा, खनन परियोजना के विरोध में भाजपा नेताओं को घेरा जनता ने जमकर ली क्लास,

सिरोही(हरीश दवे)।


अजारी स्थित मार्कण्डेश्वर धाम में आयोजित भाजपा के ‘आत्मनिर्भर भारत’ कार्यक्रम के दौरान पिण्डवाड़ा क्षेत्र की चार ग्राम पंचायतों — वाटेरा, भीमाना, भारजा और रोहिड़ा — के ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने भाजपा नेताओं और जनप्रतिनिधियों का घेराव करते हुए प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना को लेकर तीखे सवाल दागे।

डेढ़ महीने से उबाल पर जनता, पर नहीं पहुँचे जनप्रतिनिधि

ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में मेसर्स कमलेश मेटाकास्ट प्राइवेट लिमिटेड जयपुर द्वारा करीब 800.9935 हेक्टेयर भूमि पर चूना पत्थर खनन परियोजना प्रस्तावित है, जिसके विरोध में जनता पिछले डेढ़ महीने से आंदोलनरत है। लेकिन इस दौरान कोई भी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि जनता के बीच नहीं पहुँचा, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।
सुबह करीब 10 बजे से शाम 5 बजे तक सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण अजारी में घांची समाज धर्मशाला के बाहर डटे रहे और विरोध जताया उसके बाद भाजपा नेताओं का प्रतिनिधि मंडल विधायक के साथ धरना स्थल पहुंचा और वार्ता शुरू करके खनन परियोजना को निरस्त करवाने का आश्वासन दिया।

सांसद, विधायक, प्रधान और भाजपा जिलाध्यक्ष से जनता के तल्ख सवाल

जैसे ही कार्यक्रम स्थल पर विधायक समाराम गरासिया, सांसद लुम्बाराम चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी और पिण्डवाड़ा प्रधान नितिन बंसल पहुँचे, ग्रामीणों ने घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
जनता ने पूछा “जब जनता डेढ़ महीने से सड़क पर है तो इतने दिन से नेता कहाँ थे?”
“खनन परियोजना को निरस्त करवाने के लिए सरकार क्या कर रही है?” क्षेत्र के नेताओं का जनता को सहयोग नहीं मिलने के पीछे क्या खास वजह रही है.?
जनता के सवालों को झेलना पड़ा।
वही भाजपा जिला मंत्री पवन राठौड़ द्वारा कुछ दिन पूर्व वाटेरा गांव में ग्रामीणों कि बैठक में 500 करोड़ रूपये मुँह बंद करने के देने के बयान पर भी भाजपा सिरोही जिलाध्यक्ष से सवाल जवाब किया गया।

नेताओं का आश्वासन — ‘सीएम से करेंगे बात’ संघर्ष समिति कि करवाएंगे मुलाक़ात

भाजपा जिल्ध्यक्ष डॉ रक्षा भण्डारी व सांसद लुम्बाराम चोधरी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वे जल्द मुख्यमंत्री से मुलाकात कर खनन परियोजना को निरस्त करवाने की मांग उनके समक्ष रखेंगे। और संघर्ष समिति कि भी मुलाक़ात करवाएंगे
लेकिन जनता ने स्पष्ट कहा कि जब तक लिखित आदेश नहीं आता, आंदोलन जारी रहेगा।

नारेबाजी से गूंजा कार्यक्रम स्थल

आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम के दौरान जैसे ही भाजपा नेताओं का काफिला पहुँचा, “खनन परियोजना वापस लो” और “जनता की जमीन नहीं बिकने देंगे” के नारे गूंज उठे।
कई ग्रामीणों ने मंच के बाहर ही भाजपा नेताओं से सवाल-जवाब किए।

जनता का एक ही संकल्प — ‘खनन परियोजना रद्द हो’

वाटेरा, भीमाना, भारजा और रोहिड़ा के ग्रामीणों का कहना है कि खनन परियोजना से खेती-बाड़ी, जलस्रोत और पर्यावरण पूरी तरह नष्ट हो जाएंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन जिला मुख्यालय तक पहुँचाया जाएगा।

संपादक भावेश आर्य

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