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राजस्थान सरकार ने अपनी आमदनी से गोग्रास की शुरुआत की : गौऋषि स्वामी दत्तशरणानंद

नंदीशाला के लिए भूमि दिलाने , डव्न् करवाने व विकास के लिए मुख्यमंत्री गहलोत से 5 करोड़ रुपये दिलाने में विधायक संयम लोढा का उलेखनीय योगदान रहा : स्वामी दत्तशरणानंद

सिरोही(हरीश दवे)।
सिरोही जिला मुख्यालय पर स्थित अर्बुदा गौशाला की 5 हजार बीघा भूमि में से 2 हजार बीघा भूमि पर जिला स्तरीय नंदी गोशाला खोंलने के लिए सरकार व पथमेड़ा गौशाला के बीच एक लिखित एमओयू होने के बाद बुधवार को मौके पर गौऋषि स्वामी दत्तशरणानंद महाराज के सानिध्य में सिरोही जिले के गोभक्तो की एक बैठक हुई। जिसमें स्वामी जी ने इस 2 हजार बीघा में क्या-क्या कार्य करने की योजना है उससे अवगत कराते हुऐ कहा कि उनका प्रमुख धेय्य यह है कि सड़कों, गली व मोहल्लों में खुले गुम रहे गौवंश व खास कर नंदी को यहां रखकर उनकी सेवा की जावे। स्वामी जी ने अनेक वर्षाे से स्टेट टाईम से चल रही अर्बुदा गौशाला को विकसित करने के अनेक बार प्रयास हुऐ लेकिन इस बार विधायक संयम लोढा ने व्यक्तिशः मेहनत कर न केवल भूमि दिलाई बल्कि विकास कार्याे के लिए मुख्यमंत्री गहलोत से 5 करोड़ रुपये भी स्वीकृत करवा कर गौसेवा का अद्वितीय कार्य करवाया और हमें भूमि का कब्जा दिलवाकर उसका विकास करने में पुरी मदद की है। अब सभी गोभक्तो की यह जिम्मेवारी है कि वे तन मन व धन से गोसेवा का कार्य निस्वार्थ भाव से करे।
स्वामीजी ने कहा कि इस भूमि पर कुल 10 हजार गौवंश का लालन पालन करने की योजना के तहत प्रथम चरण में 5 हजार नंदी रखे जाएंगे और यहां गौ संरक्षण व संवर्धन का कार्य होगा और गौवंश को पर्याप्त मात्रा में चारा मिलें उसके लिए हरा चारा उगाया जाएगा। यहां नस्ल सुधार व अच्छे नस्ल के नंदी तैयार किये जायेंगे और सघन वृक्षारोपण करवा कर पूरे क्षेत्र को हराभरा बनाया जावेगा।
स्वामीजी ने कहा कि गाय को रोटी देने की परंपरा आदिकाल से चली आ रही है लेकिन अभी इस कार्य मे कुछ कमजोरी आ गई है। अब साधु संतों ने राजनेताओं को इस बात के लिए राजी किया कि वे भी सरकार की आमदनी में से कुछ पैसा गौमाता को चारे-पानी के लिए निकालना शुरू करें, और मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उनकी इस भावना को समझा और सरकार की आमदनी में से कुछ राशि गो कर के रूप में वसूल कर गोग्रास के रूप में निकालनी शुरू की। उन्होनें गौशालाओ को पहले 3 फिर 6 ओर अब 9 माह तक का अनुदान देना शुरू किया। इस अच्छे कार्य को अब अन्य राज्य सरकारों ने भी शुरू किया है जिससे बड़ी तादाद में गौशालाएं खुली ओर चल रही है और हजारों गौवंश को रहने के लिए आश्रय स्थल व खाने के लिए चारा-पानी उपलब्ध हो रहा है।
उन्होंने कहा कि दान में मिला पैसा रिश्वत में लेना या उसका अन्य कार्याे में उपयोग करना बहुत ही गलत है जिसे समझना जरूरी हैं। दानदाता गाय के निमित जो पैसा देता हैं उसका उपयोग उस कार्य के अलावा अन्य कार्याे में करने से दानदाताओं की भावनाओं को ठेस पंहुचती हैं। उन्होंने कहा कि हमें अच्छी नस्ल की गाये रखकर दुध उत्पादन को भी बढाना है और गोमूत्र व गोबर का भी सही तरीके से उपयोग करना है।
स्वामीजी ने कहा कि गौसेवा का जो काम जनता को करना चाहिए वो अब सरकार कर रही है जो जनमानस के लिए अच्छी बात नही हैैं हमें गौमाता की सेवा के कार्य मे जुड़ने का संकल्प लेना है और इसमें सरकार की मदद करनी है। उन्होंने कहा गौसेवा एक तरह से आत्मकल्याण का ही कार्य है। स्वामी जी ने कहा कि जो व्यक्ति या सरकार गौसेवा का अच्छा कार्य करता है तो उसकी अनुमोदना करने में कोई हिचक नही रखनी चाहिए और इसमें किसी तरह की राजनीति करना उचित नही हैं।
इस अवसर पर गौभक्तो ने जिला स्तरीय नंदी शाला सिरोही में खोंलने के लिए स्वामी जी का एवं पथमेडा गौशाला का आभार व धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि अब अर्बुदा गौशाला की अनुपयोग में आ रही भूमि उपयोगी बनेगी ओर लोगो को रोजगार व काम करने का मौका मिलेगा और यह क्षेत्र जल्द ही विकसित होगा।
इस अवसर पर विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि राजा महाराजाओं के कार्य काल में बनी इस प्राचीन गौशाला के विकास का समय अब आया है और इस कार्य को शुरू कराने का सौभाग्य मुझे स्वामी जी की प्रेरणा से मिला। जिसे मैं कभी भूल नही पाऊंगा। उन्होंने नंदीशाला व अन्य कार्याे में तन मन व धन से पूर्ण सहयोग करने का विश्वास दिलाते हुऐ स्वामी जी का दिल से आभार व्यक्त करते हुऐ कहा कि स्वामी जी इसे वर्ल्ड क्लास गौशाला बनायेगे। अनेक गौभक्तो ने इस नंदीशाला का स्थाई न्यासी बनने की घोषणा इस बैठक में की। एक कार्यसमिति भी स्वामी जी के सानिध्य में बनाई गई जो नंदीशाला के विकास व विस्तार के लिए कार्य करेगी। इस अवसर पर उपखण्ड अधिकारी सीमा खेतान व जिला कोषाधिकारी अलका राव का एमओयू में मिले योगदान के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया। भूमि का कब्जा लेने के बाद वहां पर तारबंदी करवाई गई और अन्य जरूरी व्यवस्था की गई हैं। कालकाजी तालाब के पास में स्थित 5 हजार बीघा भूमि में इस नंदीशाला को विकसित किया जा रहा हैं। बैठक में सिरोही व जालौर जिले के अनेक गोभक्त उपस्थित थें।
संपादक भावेश आर्य

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