कार्यशाला का हुआ आयोजन

सिरोही(हरीश दवे) ।

जिला परिषद सभागार में रेरा राजस्थान की तरफ से एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें राजस्थान रेरा (रियल ईस्टेट रेगुलेटरी ऑथोरिटी) के सम्बन्ध में आधारभूत जानकारियां स्थानीय सिरोही जिले की समस्त निकायों के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों, निजी डवलपर्स, कॉलोनाईजर्स को दी गयी।
कार्यशाला का शुभारम्भ अति. जिला कलेक्टर राजेश गोयल द्वारा किया गया। आयुक्त जोधाराम विश्नोई ने अति. जिला कलेक्टर व रेरा अधिकारियों का स्वागत किया। रेरा अधिकारियों ने रेरा राजस्थान के बारे में जानकारियां कार्यशाला में साझा की।
रेरा (रियल ईस्टेट रेगुलेटरी ऑथोरिटी) द्वारा राजस्थान में विभिन्न कार्य किये जा रहे है। जिसमें शहरी क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्र में प्रस्तावित सभी प्रकार की निजी तथा सरकारी आवासीय योजनाओं का अनिवार्य रूप से पंजीकरण करवाना, 01 मई, 2017 के बाद प्रस्तावित सभी कॉलोनियों का पंजीकरण करवाना, समस्त डवलपर्स एवं एजेन्ट्स का रेरा में रजिस्ट्रेशन करवाना, पूरे राजस्थान में रेरा रजिस्ट्रेशन में सिरोही जिला 13वें स्थान पर है जो अच्छी स्थिति में माना गया है इसमें और सुधार लाते हुए शत-प्रतिशत पंजीकरण करवाना है।
उन्होंने बताया कि नये डवलपर्स तथा कॉलोनाईजर्स स्थानीय निकाय (नगरपालिका/परिषद) की अनुमति के बिना कोई नयी कॉलोनी प्रस्तावित नहीं करें, स्थानीय निकाय अपने नगरीय क्षेत्र में विकसित हो चुकी कॉलोनियों का सर्वे करवाकर उनका नियमन तथा रेरा में पंजीयन करवाया जाना सुनिश्चित करेगें, रेरा रजिस्ट्रेशन निजी डवलपर्स तथा प्रमोटर्स के लिए तथा ग्राहकों के लिए भी हितकारी है, रेरा रजिस्ट्रेशन वाली कॉलोनियों में खरीददारों/ग्राहकों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधडी नहीं होती है, रेरा रजिस्ट्रेशन के बिना कॉलोनी विकसित करने पर रेरा की तरफ से दण्ड एवं सजा का प्रावधान भी है, रेरा राजस्थान में एक ऐसा प्राधिकरण है जो शहरी/ग्रामीण क्षेत्र में किसी प्रकार की आवासीय कॉलोनी में प्लॉट/फ्लैट खरीद में किसी ग्राहक के साथ हुई धोखाधडी सम्बन्धी शिकायत की सीधी सुनवायी करता है तथा बिना किसी वकील के ग्राहक को न्याय दिलाने का काम रेरा प्राधिकरण द्वारा किया जाता है।
कार्यशाला में रेरा प्रतिनिधि जितेन्द्र त्रिपाठी, तन्मय गोयल, पूर्व सभापति ताराराम माली, अधिशाषी अधिकारी दीपिका वीरवाल, गोपाल माली, प्रवीण राठौड, चिराग रावल इसके अतिरिक्त सभी निकायों के अधिकारियों/कर्मचारियों ने भाग लिया।

संपादक भावेश आर्य



