वर्तमान समय की मांग गांधी के विचार जन जन तक पहुंचे – जोशी

महात्मा गांधी जीवन दर्शन संस्थान द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
आबूरोड (हरीश दवे) ।

महात्मा गांधी जीवन दर्शन संस्थान के प्रदेश संयोजक श्याम सुंदर जोशी ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन दर्शन सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह और सर्वोदय के चार मुख्य स्तंभों पर आधारित है उनके विचार जीवन के व्यावहारिक प्रयोगों और आत्मानुशासन से उपजे थे। उनका मानना था कि साधन और साध्य दोनों पवित्र होने चाहिए
वें महात्मा गांधी जीवन दर्शन संस्थान सिरोही द्वारा आयोजित मानपुर आबूरोड में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की मांग है है कि गांधी जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जाए। प्रदेश महासचिव गौतम के गट्स ने युवाओं को इंगित करते हुए कहा कि
युवाओं को सामाजिक जागरूकता अभियानों से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ना चाहिए और गांधीवादी रास्तों पर चलकर देश सेवा करने के लिए तैयार होना चाहिए.। कार्यशाला को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी जीवन दर्शन संस्थान के जिला संयोजक राजेंद्र सांखला ने कहा कि गांधी के विचार ऐसे समय में सबसे अधिक प्रासंगिक हैं जब लोग लालच, व्यापक हिंसा और भागदौड़ भरी जीवन-शैली के समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हों। गांधी जी की अहिंसा और सत्याग्रह की अवधारणा की आज सबसे अधिक आवश्यकता है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष लीलाराम गरासिया मैं कहा कि इस तरह की कार्यशाला की प्रत्येक पंचायत स्तर पर होनी चाहिए जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
इस अवसर पर प्रदेश सचिव सलीम खान, प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के कीर्ति कच्छावा, प्रवीण नाथ गोस्वामी,जिला कांग्रेस अध्यक्ष लीलाराम गरासिया पूर्व विधायक गंगाबेन,जिला युवा संयोजक महीप सिंह ब्लॉक संयोजक दिनेश अग्रवाल, तूफान सिंह,पकाराम, मुकेश रावल, कांग्रेस संगठन महासचिव भवानी सिंह भटाना , मीडिया
प्रभारी अजय बंजारा, पीसी सी सदस्य
अमित जोशी, एडवोकेट
सुनील सहित ब्लॉक के कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सह संयोजक आशीष अग्रवाल ने किया।
वर्तमान समय की मांग गांधी के विचार जन जन तक पहुंचे – जोशी
महात्मा गांधी जीवन दर्शन संस्थान द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
आबूरोड (हरीश दवे) महात्मा गांधी जीवन दर्शन संस्थान के प्रदेश संयोजक श्याम सुंदर जोशी ने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन दर्शन सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह और सर्वोदय के चार मुख्य स्तंभों पर आधारित है उनके विचार जीवन के व्यावहारिक प्रयोगों और आत्मानुशासन से उपजे थे। उनका मानना था कि साधन और साध्य दोनों पवित्र होने चाहिए
वें महात्मा गांधी जीवन दर्शन संस्थान सिरोही द्वारा आयोजित मानपुर आबूरोड में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की मांग है है कि गांधी जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जाए। प्रदेश महासचिव गौतम के गट्स ने युवाओं को इंगित करते हुए कहा कि
युवाओं को सामाजिक जागरूकता अभियानों से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ना चाहिए और गांधीवादी रास्तों पर चलकर देश सेवा करने के लिए तैयार होना चाहिए.। कार्यशाला को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी जीवन दर्शन संस्थान के जिला संयोजक राजेंद्र सांखला ने कहा कि गांधी के विचार ऐसे समय में सबसे अधिक प्रासंगिक हैं जब लोग लालच, व्यापक हिंसा और भागदौड़ भरी जीवन-शैली के समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हों। गांधी जी की अहिंसा और सत्याग्रह की अवधारणा की आज सबसे अधिक आवश्यकता है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष लीलाराम गरासिया मैं कहा कि इस तरह की कार्यशाला की प्रत्येक पंचायत स्तर पर होनी चाहिए जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन आएगा।
इस अवसर पर प्रदेश सचिव सलीम खान, प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के कीर्ति कच्छावा, प्रवीण नाथ गोस्वामी,जिला कांग्रेस अध्यक्ष लीलाराम गरासिया पूर्व विधायक गंगाबेन,जिला युवा संयोजक महीप सिंह ब्लॉक संयोजक दिनेश अग्रवाल, तूफान सिंह,पकाराम, मुकेश रावल, कांग्रेस संगठन महासचिव भवानी सिंह भटाना , मीडिया
प्रभारी अजय बंजारा, पीसी सी सदस्य
अमित जोशी, एडवोकेट
सुनील सहित ब्लॉक के कार्यकर्ता उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सह संयोजक आशीष अग्रवाल ने किया।



संपादक भावेश आर्य



