जावाल मे तीन दिवसीय मेला महोत्सव का समापन

रथ,ऊंटगाड़ी, बैलगाड़ी और मनमोहक झांकियों ने मोहा मन
भक्ति के रंग में रंगा जावाल, शोभायात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब
सिरोही(हरीश दवे) ।

निकटवर्ती जावाल कस्बे में नीलकंठ (लीलाधारी) महादेव के 15वें एवं साचियाव माता के 21वें वार्षिकोत्सव के तहत शुक्रवार को निकली शोभायात्रा और जलपात्र उत्साह और उल्लास का अद्भुत संगम बन गई। रथ,घोड़े, बैलगाड़ी, ऊंटगाड़ी, बैंड-बाजों और आकर्षक धार्मिक झांकियों के साथ निकली यात्रा में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे कस्बे में जयघोष,भजन, गुलाल और पुष्पवर्षा से वातावरण भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा का शुभारंभ गोल रोड स्थित अंबाजी मंदिर परिसर से ज्योतिषाचार्य पंडित जनार्दन ओझा एवं हेमंत ओझा ने विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया। यात्रा महाराणा प्रताप चौक, सदर बाजार, शहीद स्मारक नीलकंठ महादेव मंदिर, मड़ी गली होती हुई सांचियाव माता मंदिर पहुंचकर सम्पन्न हुई। मार्ग भर मे श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। यात्रा में दिल्ली के मनोज रिया एंड पार्टी ने भगवान शिव पार्वती के शवांग मे शोभायात्रा में झाकियां निकाली गई। शनिवार सुबह धार्मिक आयोजन तीन दिवसीय महोत्सव के तहत शनिवार को महाभिषेक, महापूजन ध्वजारोहण, महाआरती, महाभोग एवं महाप्रसादी (फलेचुनड़ी) का आयोजन हुआ। इस वार्षिकोत्स्व महोत्सव मे मेले के लाभार्थी जैसाराम व वगताराम डावियाल राजपुरोहित परिवार की ओर से अतिथियों का सम्मान किया जिसमे पूर्व विधायक संयम लोढ़ा,ठाकुर रामवीर सिंह देवड़ा,जैसाराम पुरोहित, वगताराम पुरोहित (डावियाल) परिवार
कांग्रेस युवा नेता किशोर पुरोहित, समाजसेवी गोपाल कुमावत,गोविंद राजगुरु, जवानमल पुरोहित, उकाराम पुरोहित,मोंटू भाई अग्रवाल,पत्रकार सुरेश जुगनू, सुरेश पाडीव, देवराज कनेरिया,जीतेन्द्र सिंह सोलंकी,हिम्मत पाडीव, मनोज मंडवाड़ा समेत कई समाजसेवियों व पत्रकार बंधुओ को भी साफा पहनाकर सम्मानित किया गया और महाप्रसादी के लाभार्थी राजपुरोहित जैसाराम एवं वगताराम डावियाल राजपुरोहित रहे। जिनका मंडल की ओर से सह परिवार का सम्मान किया।आयोजकों के अनुसार सिरोही, जालोर, पाली सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों तथा अन्य राज्यों से भक्तो ने शिरकत कर मंदिर मे माताजी व भगवान शिव के दर्शन किए। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-यक्ष का आयोजन हुआ। सुरेश कलावंत एवं मनोज रिया एंड पार्टी ने भगवान शिव, बजरंगबली, राधा-कृष्ण और विभिन्न देवी-देवाओं की जीवंत झाकियां प्रस्तुत की, जिन्होंने भक्तो का मन मोह लिया।
भामाशाहों ने संभाली सेवा की कमान
तेज गर्मी को देखते हुए भामाशाहों की ओर से शोभायात्रा मार्ग पर जगह-जगह ठंडे पेयजल और शरबत की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं ने सेवा कार्यों की सराहना की। महोत्सव पर लोगों की भीड़ रही. वही बच्चे व युवा झूलों का आनंद लेते नजर आए। कलश धारण किए चल रही कन्याए और मंगलगीत गाती महिलाए यात्रा की विशेष आकर्षक का केंद्र रही। जगह जगह श्रद्धांलुओं ने आरती कर दर्शन किए।
महोत्सव मे सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम कैमरों की निगरानी से किया गया। प्रभारी रमेश कुमार ने बताया कि वर्दीधारी के साथ साथ कार्यकर्ताओ ने भी पुलिस कर्मियों के साथ हर गतिविधि पर नजर रखी जिससे कोई अनहोनी घटना ना घटे। पूरे दिन चले महोत्सव
मे हजारों की संख्या मे श्रद्धांलुओं ने दर्शन कर महाप्रसादी का आनंद लिया। मेला महोत्सव पूरा दिन चला तथा
मेले मे हजारों की संख्या मे श्रद्धांलु मौजूद रहे।


संपादक भावेश आर्य



