राजनैतिक उदासिनता से घिरे जिले में मैच फिक्सिंग राजनीति,

क्या पूर्व विधायक लोढा की राजनीतिक चालों से निपट पाएगी भाजपा जिलाध्यक्ष रक्षा?
सिरोही जिला भाजपा के संगठन मंडल व प्रकोष्ठ जिनका धरातल पर जनता से न ता संपर्क है न संवाद ,
कोंग्रेस भाजपा गुटबाजी की शिकार।
राज्य मंत्री ओटाराम देवासी के प्रभाब में भाजपा मजबूत,
सिरोही (हरीश दवे)।

राजनैतिक उदासिनता से घीरे सिरोही जिले में राजनैतिक दलों ने अपनी विचारधारा को ताक पर रख दिया है और पूरे जिले में मैच फिक्सींग राजनीतिक का साम्राज्य पनप गया है, जिसमें प्रमुख सत्ता रुढ राजनैतिक दल भाजपा की राजनीति मुख्यतया सांसद लुम्बाराम चौधरी, राज्य मंत्री ओटाराम देवासी व जिला प्रमुख अर्जुन पुरोहित, प्रदेश मंत्री नारायण पुरोहित, प्रदेश प्रतिनिधि एडवोकेट विरेन्द्र सिंह चैहान तथा भाजपा जिलाध्यक्ष डाॅ. रक्षा भंडारी, सांसद व राज्य मंत्री के पुत्रों के इर्द गिर्द भाजपा संगठन की राजनीति प्रशासन वर्चस्व तथा इनके इर्द गिर्द के कार्यकर्ता ही भाजपा के संगठन, मंडल व प्रकोष्ठ बने हुए है, जिनका धरातल पर जनता से न ता संपर्क है न संवाद है।
सरकारी योजनाएं भी अनेक स्थानों पर भ्रष्टाचार की भेंट चढ रही है
केन्द्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का सत्ता रूढ पार्टी का संगठन पार्लियामेंट से पंचायत तक के जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठा कर जिला प्रशासन के सहयोग से जिले के विकास सामाजिक सुरक्षा व सहायता की योजना से जन जन को लाभान्वित करवा सकते है और राज्य सरकार के अनेक कार्यक्रम समय समय पर चलते रहते है। वर्तमान में भी स्वायत्तशासी व पंचायती निकायों में सेवा शिविर व सरकारी अभियान चलते है, जिसमें अगर सांसद व राज्य मंत्री शिरकत करे तो विशिष्ठ कार्यकर्ता व पदाधिकारी फोटो सैंशन के लिए पहुंच जाते है और उनकी उपस्थिति पर अधिकारी भी सुनते है, उसके बाद जन प्रतिनिधियों व जनता की दूरी व सरकारी भ्रष्टाचार की दूरियों में ठेकेदार तंत्र में सरकारी योजनाएं भी अनेक स्थानों पर भ्रष्टाचार की भेंट चढ रही है।
विकास कार्य अखबारी करतनों के अलावा संगठन व जनप्रतिनिधियों को भी माॅनिटरिंग की जरूरत नहीं
विपक्षी कांगे्रस के पूर्व विधायक व तेज तर्रार नेता भाजपा नेताओं को घेरने में कोई मौका नहीें चुकते और मैच फिक्सिंग राजनीति में लगता है कि भाजपा संगठन के नेताओं में संयम लोढा के मुद्दों पर काउंटर करने की भी जहमत नहीं है और भाजपा का मीडिया, सोशल मीडिया, आईटी सेल, मोर्चा प्रकोष्ठ, सत्ता रूढ पार्टी व भाजपा के जनप्रतिनिधियों के सोशल मीडिया पर नकारात्मक प्रचार का न तो जवाब दे पा रहे है व निजी मीडिया संदेशों के अलावा राज्य मंत्री के करवाए जा रहे विकास कार्य अखबारी करतनों के अलावा संगठन व जनप्रतिनिधियों को भी माॅनिटरिंग की जरूरत नहीं है।
दोनों संगठन दोनों धरातल पर संगठन, शीघ्र ही केन्द्र व राज्य मंत्री मंडल में फेर बदल भी हो सकता है
यह अलग बात है कि आने वाले समय में पंचायती राज चुनाव व नगर पालिका के चुनाव होना संभावित है तथा देश की बदल रही राजनीति में भाजपा व कांग्रेस दोनों प्रमुख राजनीतिक दल मिशन 2029 लोकसभा की तैयारी में खुद को झौख चुके है व दोनों संगठन दोनों धरातल पर संगठन को मजबूत करने का ताना बाना रच चुके है व शीघ्र ही केन्द्र व राज्य मंत्री मंडल में फेर बदल भी हो सकता है व राज्य के संगठन में प्रदेश व जिलों में अनेक राजनैतिक नियुक्तियां भी हो सकती है। इसी वजह से भाजपा संगठन के सांसद, मंत्री व जिला अध्यक्ष के साथ चुंनिदा लोग संगठन में काम बेहतर करते है या नहीं, यह तो जिले का कार्यकर्ता जानता है, लेकिन वर्चस्व की लडाई में उठा पटक की राजनीति में आगामी समय में लुंज पूंज कांग्रेस संगठन के जिलाध्यक्ष लीलाराम गरासिया बनने के बाद पूर्व विधायक संयम लोढा आक्रामक तरीके से राज्य सरकार, भाजपा संगठन व राज्य मंत्री ओटाराम देवासी को कटघरे में खडा करने का कोई मौका नहीं चुक रहे व राज्य सरकार व जिला प्रशासन के लिए नीत रोज मुसीबते खडी कर रहे है।
राम झरौखा व लालवेरा की जमीन के मुद्दे को लेकर कांग्रेस का पहला आंदोलन रामझरौखा को बचाओ
उधर गत विधानसभा चुनावों मंे बूरे तरीके से सिरोही व आबू पिंडवाडा में पराजित हुई कांग्रेस पार्टी के लिए भाजपा छोडकर कांग्रेस में शामिल हुए मोतीलाल कोली ने रेवदर विधानसभा सीट पर भाजपा की भीतरघात से जगसीराम कोली के मेराथन रथ को रेवदर में रोका तथा कांग्रेस का एक मात्र विधायक रेवदर में मोतीलाल कोली व आबूरोड में प्रधान लीलाराम गरासिया कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ने जिलाध्यक्ष बनने के बाद सबसे पहले जिले में भगवान राम का दामन थामा और राम झरौखा व लालवेरा की जमीन के मुद्दे को लेकर कांग्रेस का पहला आंदोलन रामझरौखा को बचाओ को लेकर सेक्युलेर के साथ भगवे झंडे के साथ पूरे नगर में रैली निकाली व भाजपा के खिलाफ माहौल बनाया।
कमलेश मेटा कास्ट शराब व रैली एवं अवैध खनन तस्करी एवं भू माफियों को अवैध पटटे, हाईवे मार्ग की समस्या भाजपा की भीतर घात
अब कमलेश मेटा कास्ट शराब व रैली एवं अवैध खनन तस्करी एवं भू माफियों को अवैध पटटे, हाईवे मार्ग की समस्या, सभी थाना क्षेत्रों में बढती आपराधिक घटनाओं व बच्चीयों के गूम होने, हत्या, दुष्क्रम, नाबालिकों के साथ बढते प्रकरणों पर लोढा निरकुंश व आक्रामक बयानबाजी कर रहे है और उनका पूरा जोर राज्य मंत्री ओटाराम देवासी को घेरने का प्रतीत हो रहा है और वो आगामी पंचायती राज, नगर पालिका चुनाव व विधानसभा चुनावों की तैयारी में निजी तौर पर भाजपा संगठन में सेंघमारी करते हुए बूथ स्तर तक अपनी शातिर चालों को अंजाम देकर अपनी गोटिया बीठा चुके है और पूर्व विधायक संयम लोढा के उदय काल से कांग्रेस संगठन कभी उनके साथ नहीं रहा। पूर्व में भाजपा की भीतर घात से पूर्व विधायक श्रीमती तारा भंडारी व पूर्व गोपालन राज्य मंत्री ओटाराम देवासी की हार की प्रमुख वजह भाजपा की भीतर घात व संघ भाजपा का द्वन्ग था।
शिवि टैक्स व विक्रम टैक्स का भूमि मामलों में चोर मचाकर सत्ता पलटने का खेल
कांग्रेस के लिए भी राह आसान नहीं है। राज्य मंत्री ओटाराम देवासी का जनता पर विश्वास अब भी बरकरार है व उनके वोट बैंक को भेद पाना कांग्रेस के लिए आसान नहीं है और कांग्रेस जिला संगठन भी पूरी तरीके से गुटबाजी व भीतरघात में लगा हुआ है तथा पूर्व विधायक संयम लोढा के लिए भी राह आसान नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निकटवर्ती व कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सांखला, पूर्व जिला प्रमुख चंदन देवडा, पूर्व जिला प्रमुख अनाराम बोराणा, कांग्रेस का एक बहुत बडा धडा लोढा का चीर विरोधी है। लेकिन लोढा की शातिर राजनीति में भाजपा की सेंधमारी में चुनावों के दौरान मैच फिक्सिंग राजनीतिक में नीलगिरी कार्यकर्ता व ठेकेदार कार्यकर्ता, शिवि टैक्स व विक्रम टैक्स का भूमि मामलों में चोर मचाकर सत्ता पलटने का खेल रचते है।
जिले भर में जितने भी मुददे व आंदोलन बन रहे है उनके मूल में कौन कौन से तत्व
ऐसी राजनीतिक हालातों में वर्तमान में सिरोही जिले के लिए यह राहत की बात है कि राज्य सरकार ने सिरोही जिले के जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर व जिला पुलिस अधीक्षक पुष्पेन्द्र सिंह राठौड के आने के बाद जिले के जनता को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं मिल रही है तथा आए दिन पुलिस प्रशासन मादक प्रदार्थ, अवैध खनन, रैती तस्करी पर नीत रोज कार्यवाही कर रहे है। लेकिन जिले की पांचों तहसील व स्वायत्तशाषी संस्थाओं की लोकल राजनीतिक व मैच फिक्सिंग राजनीतिक में प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी भी प्रभावित हो रहे है, जिसमें एक तरफ सत्ता रूढ पार्टी के छुट भईये नैता अपने आकाओं के बुते प्रशासन पर दबाव बनाने की कार्यवाही करते है, जिनमें उन्हें सफलता तो नहीं मिलती, लेकिन उनके चक्कर में आह जिले भर में जितने भी मुददे व आंदोलन बन रहे है उनके मूल में कौन कौन से तत्व है।
भाजपा है या कांग्रेस है, लेकिन मैच फिक्सिंग राजनीति में आम जनता परेशान
भाजपा है या कांग्रेस है, लेकिन मैच फिक्सिंग राजनीति में आम जनता परेशान होकर रह गई है और प्रशासन के पास विपक्षी पूर्व विधायक भाजपाईयों के कारगुजारियों को मुददा बनाता है तो उसका सीधा असर राज्य मंत्री ओटाराम व राज्य सरकार को भेजने का रहता है। जिसके प्रतिकार व चुनौती देने में भाजपा जिलाध्यक्ष डाॅ. रक्षा भंडारी क्या भाजपा संगठन के साथ आगामी चुनावों में भाजपा संगठन को मजबूत कर कांग्रेस के संयम लोढा को चुनौती दे पाएगी।


संपादक भावेश आर्य



