ग्राम सभा शिविर में उठी जनसमस्याओं की गूंज: तालाब अतिक्रमण, अवैध बजरी परिवहन और जलस्रोत संरक्षण को लेकर सौंपा ज्ञापन

सिरोही(हरीश दवे) ।

ग्राम पंचायत पाडीव में आयोजित ग्रामसभा शिविर के दौरान समाजसेवी एवं पत्रकार सुरेश पुरोहित ने ग्रामवासियों की ओर से उपखंड अधिकारी एवं शिविर प्रभारी हरिसिंह देवल को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपकर गांव की विभिन्न जनसमस्याओं की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। ज्ञापन में विशेष रूप से मुख्य नींबला तालाब पर हुए अतिक्रमण, अवैध कब्जों, प्राकृतिक जलमार्गों के अवरोध तथा गांव में अनियंत्रित रूप से चल रहे बजरी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के संचालन पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई।
ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम पाडीव का मुख्य नींबला तालाब वर्षों से क्षेत्र के पशुधन के लिए पेयजल का प्रमुख स्रोत रहा है, लेकिन वर्तमान में तालाब के चारों ओर किए गए अवैध अतिक्रमणों के कारण इसकी स्थिति गंभीर रूप से प्रभावित हो गई है। अतिक्रमणकारिय यों
द्वारा तालाब में आने वाले प्राकृतिक जल प्रवाह (आवक) के मार्गों को बाधित कर दिया गया है, जिसके कारण तालाब लंबे समय से सूखा पड़ा हुआ है। इससे क्षेत्र में पशुओं के लिए पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है और गौवंश सहित अन्य पशु प्यास से परेशान हैं।
ज्ञापन के अनुसार तालाब क्षेत्र और उसके आसपास कुछ लोगों द्वारा पक्के मकान, झोपड़ियां एवं अन्य निर्माण कर सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे कर लिए गए हैं। आरोप है कि इनमें से कुछ कब्जों का आर्थिक लाभ के लिए अन्य व्यक्तियों को विक्रय भी किया गया है। ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि तालाब क्षेत्र का मूल रकबा, वर्तमान अतिक्रमणों की स्थिति तथा ग्राम पंचायत द्वारा जारी किए गए पट्टों की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए।
तालाब को अतिक्रमण मुक्त करने की मांग
सुरेश पुरोहित ने ज्ञापन में मांग की कि तालाब क्षेत्र से सभी अवैध अतिक्रमण हटाकर सार्वजनिक भूमि को मुक्त कराया जाए तथा जल आवक के प्राकृतिक मार्गों को पुनः बहाल किया जाए, जिससे आगामी वर्षा ऋतु में तालाब पुनर्जीवित हो सके और पशुधन को राहत मिल सके।
अवैध बजरी परिवहन बना ग्रामीणों के लिए खतरा
ज्ञापन में गांव की दूसरी बड़ी समस्या के रूप में बजरी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के अनियंत्रित एवं तेज गति से संचालन का मुद्दा उठाया गया। बताया गया कि बगीचा बाईपास मार्ग उपलब्ध होने के बावजूद अधिकांश ट्रैक्टर-ट्रॉलियां मुख्य बाजार और आबादी क्षेत्र से होकर गुजरती हैं, जिससे आमजन के जीवन और संपत्ति को लगातार खतरा बना हुआ है।
ग्रामवासियों ने चिंता व्यक्त की कि महात्मा गांधी बालिका विद्यालय, राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय और राजकीय चिकित्सालय के समीप से इन भारी वाहनों का तेज गति से आवागमन किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकता है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि मुख्य बाजार से लेकर जगजी बावसी मंदिर तक सड़क पर बजरी बिखरी रहने से दोपहिया वाहन चालक कई बार फिसल चुके हैं और दुर्घटनाएं होते-होते बची हैं।
बिना नंबर प्लेट के दौड़ रहे वाहन
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि गांव क्षेत्र में कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियां बिना पंजीकरण संख्या (नंबर प्लेट) के संचालित हो रही हैं, जिससे दुर्घटना या शिकायत की स्थिति में उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। ग्रामीणों ने ऐसे वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा
समाजसेवी एवं पत्रकार सुरेश पुरोहित ने कहा कि ग्रामवासियों की समस्याएं लंबे समय से अनसुलझी हैं और अब इनके समाधान के लिए प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि तालाब केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि गांव की जीवनरेखा है। यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाए गए और जलमार्ग बहाल नहीं किए गए तो आने वाले समय में जल संकट और गंभीर हो सकता है।
ग्रामसभा शिविर में प्रस्तुत ज्ञापन पर प्रशासन ने संबंधित मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस पहल के बाद वर्षों से लंबित समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे और सार्वजनिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

संपादक भावेश आर्य



