समाजसेवी प्रकाश प्रजापति को मिला “बहुप्रांतीय गौरव अवार्ड”

सिरोही(हरीश दवे)।

मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में लायंस क्लब अंतरराष्ट्रीय के बहुप्रांत 3233 के आयोजित बहुप्रान्तीय सम्मेलन एवं वार्षिक समारोह (मल्टीपल कन्वेंशन) “उर्विश-2026” में प्रांत 3233 ई 2 से लायंस क्लब सिरोही के समाजसेवी लायन प्रकाश प्रजापति को बहूप्रांत के विशिष्ट अवार्ड “बहुप्रान्तीय गौरव अवार्ड” (प्राइड ऑफ द मल्टीपल) से सम्मानित किया गया। प्रजापति को यह अवार्ड समारोह के मुख्य अतिथि अंतर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष द्वितीय लायन डॉ. मनीष शाह (केन्या निवासी), बहुप्रान्तीय अध्यक्ष मनोज शाह, पूर्व अंतराष्ट्रीय निदेशक, प्रवीण छाजेड़,एन एस शंकर, राजू वी मनवानी, इलेक्टेड अतंराष्ट्रीय निदेशक कुलभूषण मित्तल के आतिथ्य में आयोजित समारोह में प्रदान किया। प्रजापति को यह अवार्ड बहुप्रांत 3233 में राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ में कार्यरत एक हजार के करीब लायंस क्लबों में विशिष्ट सेवा कार्य हेतु प्रदान किया गया।
इससे पूर्व प्रजापति को लायंस क्लब के बहुप्रतीय एवं प्रान्तीय अधिवेशनो में प्रान्तीय सेवा रत्न, सम्भागीय अधिवेशनों में आठ बार संभाग रत्न , सर्वश्रेष्ठ अध्यक्ष, राजस्थान गौरव, समेत इनके सेवा कार्यो हेतु जयपुर में राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा सम्मानित एवं कई बार राज्य स्तर सहित अन्य पुरुस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है।
इसलिए मिला सम्मान :
प्रजापति को यह पुरस्कार उनकी ओर से हर समय पीड़ित मानव सेवा में निःस्वार्थ भाव से किये गए सेवा कार्यो सहित शव वाहिनी एवं मोक्ष रथ का संचालन करने के साथ ईंधन का खर्चा स्वयं की जेब से वहन करते हुए, बिना ड्राइवर रख स्वयं शव वाहिनी एवं मोक्ष रथ को स्वयं ड्राइव कर सिरोही एवं आस पास के 35 किलोमीटर के दायरे में पिछले साढ़े 13 सालों में अभी तक कुल 1600 शवो से ज्यादा मृतक शरीरो को उनके गंतव्य स्थान पर निःशुल्क पहुचाने एवं लावारिश लाशो का विधि विधान से शव यात्रा निकालकर अंतिम संस्कार करने समेत गत कोरोना संक्रमणकाल में भी अपने जान की परवाह किये बगैर बेख़ौफ़ कोरोना पॉजिटिव, कोरोना संदिग्ध , लॉवारिश लाशो सहित 360 शवो को एवं गत कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के प्राम्भिक मात्र 34 दिनों में 94 शवो को कोरोना गाइडलाइन अनुसारअंतिम संस्कार करवाने के साथ गंतव्य स्थान पर निशुल्क पहुचाया। साथ ही प्रजापाति के स्वयं द्वारा मरणोपरांत देहदान का संकल्प लेने एवं अस्पताल में बेसहारा मरीजो की सेवा ,रक्तदान सहित लायनवाद के इस सेवा कार्य की लिए हमेशा दिन रात 24 घंटे अपनी सेवा देने की लिए तत्पर रहने पर “बहुप्रान्तीय गौरव अवार्ड” से सम्मानित किया गया।

संपादक भावेश आर्य



