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जनगणना प्रशिक्षण में घटिया भोजन व्यवस्था से प्रशिक्षणार्थियों में रोष,


बजट के अनुरूप नहीं मिल रही सुविधाएं,
सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर उठे सवाल,


सिरोही(हरीश दवे) ।

जनगणना 2027 के अंतर्गत आयोजित प्रशिक्षण शिविर में भोजन, नाश्ता एवं पेयजल की गुणवत्ता को लेकर प्रशिक्षणार्थियों में भारी असंतोष व्याप्त है। सिरोही जिला मुख्यालय पर 1 मई 2026 से 11 मई 2026 तक जिला परिषद सभा कक्ष एवं विधि महाविद्यालय सिरोही में चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम में कार्मिकों को उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लग रहे हैं।प्रशिक्षणार्थियों का आरोप है कि भोजन एवं नाश्ते की गुणवत्ता अत्यंत निम्न स्तर की है तथा सरकार द्वारा निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है। नाश्ते में लगातार कचौरी, समोसा जैसे अत्यधिक तले हुए खाद्य पदार्थ दिए जा रहे हैं, जिससे उच्च रक्तचाप, मधुमेह एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रसित कार्मिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसके साथ ही चाय एवं पेयजल व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी सामने आई है। चाय के लिए प्लास्टिक कोटेड कागजी कपों का उपयोग किया जा रहा है, जिसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया जा रहा है। वहीं सिंगल यूज प्लास्टिक का खुलेआम उपयोग होने से स्वच्छ भारत मिशन एवं पर्यावरण संरक्षण संबंधी सरकारी निर्देशों की भी अवहेलना हो रही है।कर्मचारी नेता गोपाल सिंह राव व प्रशिक्षणार्थी अमृत माली ने बताया कि जनगणना विभाग द्वारा प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी पर 600 रूपए का बजट है।जिसमें 200 रुपये का बजट भोजन,अल्पाहार निर्धारित किया गया है,लेकिन मौके पर उपलब्ध कराई जा रही भोजन एवं नाश्ते की व्यवस्था 100 रुपये की लागत के स्तर की भी प्रतीत नहीं होती। उन्होंने कहा कि शुद्ध पेयजल, पौष्टिक भोजन एवं स्वास्थ्यवर्धक नाश्ते की उचित व्यवस्था नहीं होने से प्रशिक्षणार्थियों में रोष बढ़ता जा रहा है। राजस्थान राज्य कर्मचारी महासंघ के कर्मचारी नेता गोपाल सिंह राव ने चेतावनी देते हुए कहा कि अव्यवस्थाओं की तथ्यात्मक शिकायत भारत सरकार के जनगणना विभाग एवं राज्य सरकार को की जाएगी। प्रशिक्षणार्थियों ने प्रशासन से मांग की है कि भोजन की गुणवत्ता भविष्य में सुधारते हुए स्वच्छ एवं स्वास्थ्य अनुकूल व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि आगामी जिले में चलने वाले जनगणना, चुनाव आदि के प्रशिक्षण कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके। अव्यवस्था करने के दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही की मांग की।

संपादक भावेश आर्य

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