राजगुरु महन्त सीताराम दास ने पुलिस से लगाई सुरक्षा की गुहार,रामझरोखा मन्दिर परिसर में बढ़ रही असामाजिक गतिविधियां,वर्चस्व में अनेक जन सक्रिय,

सिरोही(हरीश दवे)।

देंवनगरी शिरोही के आराध्य देव राम झरोखा मन्दिर की भूमि में वर्चस्व व खुर्द बुर्द करने में अनेक तत्व सक्रिय हो गए है।
बरसो से कालनेमियो व अतिक्रमण कारियों व किरायेदारों के चंगुल में कैद अब राम झरोखा मन्दिर के अस्तित्व पर संकट गहराता जा रहा है।
मन्दिर परिसर में जन सहयोग से बनी धर्म शाला एक स्कूल को किराए पे देने के बाद अवैध तरीके से लीज पे चढ़ चुकी है।
वही राम झरोखा के बगीची की भूमि जो वर्ष 2002 से ही भूमाफियाओं की नजरों में थी उस पर भी कूट तरीके से पट्टे बन गए।
जिसको लेकर नगर वासियो में आक्रोश है।
पूर्व विधायक संयम लोढा राम झरोखा के अवैध पट्टो व लीज को मुद्दा बना चुके है।
हिन्दू वेव के जिला संयोजक हरीश दवे ने इस मसले को लेकर गत 5 फरवरी को आमरण अनशन कर चुके है व आगामी 30 अप्रैल को पुनः धरना प्रस्तावित है।
उधर मन्दिर में डेढ़ वर्ष पूर्व अलीगढ़ निवासी बबलू महाराज को यहां साफ सफाई के लिए सेवादार नियुक्त किया जिन्होंने अपना अलग ही ताम झाम बनाया व व्यवस्था हथियाने की कोशिश की व उनका लगातार विरोध होता रहा व रामझरोखा में चल रही राजनीति में बबलू महाराज ने भी अपनी सिद्धि चलानी चाही।
इसी दौरान वो असाध्य बीमारी कर्क रोग से ग्रस्त हो गए।
जिनके इलाज के लिए राजगुरु महन्त सीताराम दास ने उन्हें अस्पताल में भर्ती होने या अलीगढ़ अपने घर जाने की सलाह दी।
पर बीमार साधु को कुछ जनो ने महादेव मंदिर के सामने राजगुरुस्थान के महन्त की धूनी पे उनका शयन आवास हो गया।
उधर बीमार व्यक्ति के मन्दिर क्षेत्र में खुले आम रखने से न तो मरीज को उपचार मिल रहा था न चिकित्सकय सुविधा व मन्दिर के महिला व पुरुष भक्तो का मन्दिर में दर्शनों के लिए आने का सिलसिला बन्द हो गया।
उसके बाद नगर के समाज सेवियों व महन्त राजगुरु सीताराम ने जिला प्रशशन को गुहार लगाई उसके बाद बबलू महाराज को इलाज के लिए उदयपुर ले जाया गया जहां उन्हें उपचार मिल सकता है।
पर बबलू महाराज से जुड़े हुई जनो को राजनीति सूझ रही है।
जो उसे पुनः मन्दिर में ला कर सुलाना चाहते है।
जबकि चिकित्सा लय में बीमार व्यक्ति की तीमार दारी हो रही है।
इसी दौरान राजगुरु महन्त सीताराम दास ने रामझरोखा मन्दिर की पवित्रता व गरिमा को असमाजिक तत्वों द्वारा ठेस लगाने व उन्हें मन्दिर में जाने के दौरान हड़काने व मन्दिर में वर्चस्व साधने के फेर में होने वाली स्तिथि में पुलिस प्रशाशन से सुरक्षा की मांग की।
हालांकि विवादों में घिरी रामझरोखा प्रन्यास की भूमि के विवाद,लीज को लेकर दर्ज मामलों में राज्य सरकार जांच कारवाई कर रही है व प्रदेश के शाशन सचिब की जांच में जिला कलेक्टर ने कमिटी गठित कर दी है।
व राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने भी निष्पक्ष जांच के निर्देश जिला प्रशाशन को दिए है।
वही रामझरोखा में वर्चस्व की साधना के लिए विभिन्न गुट अपने अपने हथकंडे चला रहे है।



संपादक भावेश आर्य


