कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान, 51 कलश के साथ निकली भव्य यात्रा

हिंदू धर्म में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक है कलश यात्रा
सिरोही(हरीश दवे) ।

शहर के गायत्री मंदिर मेँ नवनिर्मित महाकाल मंदिर में शिव परिवार की तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान बुधवार से आरम्भ हुआ इस मौके पर आयोजन समिति की तरफ से शहर में कलश यात्रा निकाली गई जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा मेँ भाग लिया।
गायत्री परिवार की प्रधान ट्रस्टी रंजन देवी ने बताया कि बुधवार को चामुंडा माता मंदिर मेँ माँ चामुंडा व भेरुजी महाराज की साक्षी मेँ पुष्कर से आये विद्वान आचार्य सुरेश शर्मा,देवेन्द्र साहू एवं पाली उपजोन प्रभारी हरिगोपाल सोनी ने कलश का पूजन करवाया। इस अवसर पर उन्होने कलश का महत्व बताते हुए कहा कि कलश यात्रा का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। यह यात्रा देवी-देवताओं का आह्वान करने, प्राण प्रतिष्ठा स्थल को दिव्य ऊर्जा से भरने, और भक्तों की आस्था को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है.। कलश यात्रा में, देवी-देवताओं के साथ, सभी तीर्थों का वास भी माना जाता है, जिससे यह यात्रा शुभता और मंगल का प्रतीक बन जाती है.। बाद मेँ कलश मेँ जल भरकर ढ़ोल थाली के साथ श्रद्धालुओं ने गायत्री मंदिर के लिए प्रस्थान किया।
51 कन्याओ एवं महिलाओ ने सिर पर कलश धारण किया हुआ था बाकी महिलाये गीत गाती, शिव का जयकारा लगाती हुई चल रही थी। कलश यात्रा बस स्टैंड रोड, सरजावाव, राजमाता धर्मशाला होते हुए गायत्री मंदिर पहुंची जहां पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। कलश यात्रा के मंदिर पहुंचने पर कलश की आरती कर स्थापित किया गया। पुष्कर से आए सुरेश शर्मा ने कहा कि कलश यात्रा हिंदू धर्म में आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का प्रतीक है। रंजन देवी ने बताया कि दिन मेँ प्रायश्चित कर्म, गायत्री स्तवन, दुर्गा सप्तशती का पाठ, परिजनों द्वारा अखण्ड महा मृत्यंूजय जाप आरम्भ किया गया। शाम को दीप यज्ञ हुआ जिसमें महिलओ ने बड़़चढ कर हिस्सा लिया।
आज ये होगें कार्यक्रम
23 अप्रैल को प्रातः 9 बजे से नौ कुण्डीय यज्ञ आरम्भ होंगे दिन मेँ भगवान के अधिवास,षोडस उपचार,,पंच स्नान, महामृत्युजंय जाप,गायत्री मंत्र जाप,दुर्गा सप्तशति पाठ,भगवान के अभिषेक आदि र्वििभन्न अनुष्ठान किये जाएगें।
इस अवसर पर ट्रस्टी इन्द्रा खत्री,संतोष प्रजापत,शुचिता गोमतीवाल,शालिनी वर्मा, पूर्व प्रधानट्रस्टी रमेश गोमतीवाल,संरक्षक भगवानदास चौहान,जिला संयोजक कन्हैयालाल पुरोहित,वीरेन्द्रसिंह डाबी,शेखर सक्सैना,चम्पालाल खत्री,शैतानसिंह डाबी,इन्दरमल रावल,गणेश प्रजापत, दरिया, ममता, हेमलता, अम्बादेवी, मंजू मदिया, ओम कुंवर, कंकुबाई, इंद्रादेवी, ललिता, विमला, मोहिनीजी, रेखा, पूनम, जारविबाई,रिंकू, शीतल,कंकु रावल,शोभा, नर्बदादेवी, शान्तिदेवी नारायणजी पुरोहित, मिता देवी पुरोहित,जुमरदेवी पुरोहित, मंजू देवी, सत्या देवी, भगवती देवी, तारा देवी,लतिका,दिवा बाई, कंकुबाई, इंद्रादेवी, खुशी, राखी, विजय,योगेश प्रजापति, शांति देवी, हिरल, प्राची संतोष, कमला,जयारानी सक्सेना,दरिया बाई,पूनम,रेखा,विमला,हेमलता,अम्बादेवी,प्रेम,जिगिशा,परिवाजक राधेश्याम,जालोर गायत्री शक्ति पीठ से गिरधारीलाल एवं छोगाराम चौधरी,संजय कुमार वर्मा,मोहनलाल सैनी,गीता बहन सहित कई श्रद्धालु उपस्थित थे।



संपादक भावेश आर्य



