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आज हर मनुष्य को चिंतन करने की आवश्यकतात्याग और शांति ही मानव एकता का प्रतीक – फादर संतोष


सिरोही(हरीश दवे) ।

स्थानीय सेंट जोसेफ कैथोलिक गिरजाघर में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी एक दिवसीय भक्ति आराधना कार्यक्रम का आयोजन हुआ कार्यक्रम में अजमेर धर्म प्रांत के फादर संतोष एवं एलिस निरंजन की अगुवाई में आराधना कार्यक्रम प्रातः 9:00 बजे प्रारंभ हुआ आराधना कार्यक्रम में सिरोही सेंट जोसेफ चर्च के फादर जो मी फादर जे थॉमस फादर जीबीन आबू रोड गिरजाघर के पल्ली पुरोहित फादर जोजो शिवगंज गिरजाघर के फादर जोली भीनमाल के फादर जोस जालौर के फादर विपिन की अगुवाई में प्रार्थना आराधना कार्यक्रम हुआ सेंट जोसेफ गिरजा घर प्रवक्ता रणजी स्मिथ ने बताया कि एक दिवसीय भक्ति आराधना कार्यक्रम में अजमेर धर्म प्रांत के फादर संतोष ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए आज विश्व के एक देश दूसरे देश के त्याग एवं बलिदान की भावना धीरे-धीरे समाप्त होती जा रही है यदि विश्व में हर देश ईश्वर के प्रति आस्था रखें तो विश्व में शांति स्थापित हो सकती है आज विश्व को चिंतन करने की आवश्यकता है उन्होंने कहा भले ही जीवन मृत्यु मनुष्य के हाथ में नहीं होता है लेकिन चॉइस निर्णय करना मनुष्य के हाथ में होता है इसीलिए हमें जीवन में हमेशा अच्छे निर्णय लेना है मनुष्य का जीवन के उपहार के बाद यदि कोई सबसे महत्वपूर्ण उपहार दिया गया है तो वह उपहार ईश्वरीय भक्ति है स्वतंत्रता का उपहार करने के लिए हमें दो चीजों की आवश्यकता होती है जीवन में सत्य के मार्ग पर एवं दूसरों के प्रति प्रेम और त्याग की भावना मनुष्य में होना चाहिए लेकिन जब उसने आपको समर्पित किया के जीवन तो आपका कर्तव्य होता है कि कुछ जीवन को एक निर्णय के रूप में परिवर्तित करें मेरे प्रिय भाई और बहनों हमारे जीवन हम सोचते हैं कि हमें कोई देख नहीं रहा है लेकिन प्रभु सबों को भी देखते हैं क्या हम उनके वह देखते हैं हमारे जीवन बदलने के लिए तैयार है है कि जीवन बिताने के लिए तैयार है क्या हम पवित्र बाइबल के समाचार का आज हम माननीय चिंतन करें और प्रभु से इसी कृपा के लिए प्रार्थना करें फादर ने एक उदाहरण देते हुए कहा चित्रकार एक तस्वीर बनाना चाहता था और इसीलिए उसको अलग-अलग यीशु के 12 शिष्यों के अलग-अलग चेहरे की आवश्यकता था यीशु के चेहरे की भी आवश्यकता था एक व्यक्ति को देखा जिसका चेहरा यीशु के चेहरे के साथ बहुत रीसेंबल कर रहा था उसे बुलाया सबसे पहले उसकी पेंटिंग बनाई उसके बाद वह व्यक्ति चला गया और यह जो चित्रकार है फिर अलग-अलग लोगों को ढूंढा 11 लोगों का पेंटिंग बनाया अलग-अलग शिष्यों को बना दिया आखरी में उसे युद्ध का फोटो बनाने की आवश्यकता थी युद्ध को ढूंढ रहा था उसके दिमाग में एक इमेजिनेशन था हो लुक लाइक जूरिस कैसा दिखेगा बहुत ढूंढा बहुत ढूंढा वैसा कोई व्यक्ति मिल नहीं रहा था बाद में कहीं एक व्यक्ति बहुत ही सब फेस लेकर के बाल बड़े हुए डाली दाढ़ी भी बढ़ी हुई फटे पुराने कपड़े और ऐसा उदास निराश करके बैठा था जैसे की कोई एक भिखारी हो इसको लगाकर शायद उसका चेहरा इससे निकाला जा सकता है उसे व्यक्ति को बुलाया और गलत कामों में पड़ गया हूं पाप में जीवन जीना शुरु किया हूं तो वह जो ग्रेस फील्ड चेहरा मेरा था वह खराब हो गया है और अभी जो 10 का चेहरा बनाने के लिए भी आप मुझे ही बुलाई हो संदेश यही है प्यारे भाई और बहनों हमने एक आध्यात्मिक साधना के द्वारा अपनी व्यक्तिगत तैयारी करी हम प्रभु के करीब आए एक पुनर्मिलन हमारा प्रभु के साथ हो चुका है लेकिन यह जो पुनर्मिलन है इसे बरकरार रखना हम लोगों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है यही चेहरा यही हृदय जो अभी निर्मल है शुद्ध है यह अपवित्र हो सकता है कुरूप हो सकता है यदि हम इसको ध्यान में नहीं रखेंगे और इसीलिए आज के जो शब्द समझ है तीनों पवित्र बाइबल के स समाचार हमें इस पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है हम सुनते हैं कि प्रभु ईश्वर व्यक्ति को तिरस्कार कर देता है क्योंकि वह व्यक्ति समय अनुसार धीरे-धीरे अवहेलना करना शुरू करता है आज्ञाओं को पालन नहीं करता है जो उसे नहीं कहा गया उसको भी करता है फिर अपने आप को बाद भी मानता है यदि हमारा हृदय पवित्र है हमारा हृदय शुद्ध है तो हम ईश्वर के लिए प्रिया है जो अपने जिम्मेदारी है हमारी जिम्मेदारी अलग-अलग रूप से हो सकती है क्यों कार्यों को मत करो आप हम पुणे इस कार्यों को ना करें वही जो हमारा पुराना जीवन था उसे जीना प्रारंभ ना करें फिर से उसे ऊपर उठे हम सब जब छोटे थे जब उस मोमबत्ती जलाकर हमारे हाथों में रखा गया था जो इस बात का प्रतीक है कि हमने ईश्वर की ज्योति को ग्रहण किया है अब उसे ज्योति को सदैव हमारे अंदर प्रज्वलित रखना हम सभी का कर्तव्य है हम ज्योति में आगे बढ़ते रहे तीसरी एक बात है जो आज के शुभ समाचार में हम पढ़ते हैं कि ईश्वर जिसे चुनता है उसे प्रोत्साहित भी नियुक्त करता है अंधा व्यक्ति था स्वयं प्रभु उसके पास आते हैं और मिट्टी का लेप लगा करके उसकी आंखों को ठीक करते हैं संतुलित उसके समाचार में हम पढ़ते हैं आंख शरीर की ज्योति है आंख से हम जो देखते हैं वही हमारे अंदर प्रवेश करता है प्रभु हमें आप पवित्र बनता है इसीलिए हम उन्हीं चीजों को देखें उन्हीं चीजों को सुने उन्हीं चीजों को बोले जो ईश्वर की दृष्टि में प्रिया है जब हमारा हृदय प्रभु के साथ जोड़ना है तो लिए अपने हृदय को इस योग्य बनाएं कि हमारे हृदय प्रभु से जुड़ जाए हमारा हृदय प्रभु को इतना लोहान्वित वालों की प्रभु प्रसन्नचित हो जाए और हमें अपना एक योग्य प्रेरित नियुक्त करें अंध व्यक्ती को जब आंख प्राप्त होता है जानता नहीं कौन यीशु है जब उसे पूछा जाता है किसी ने तुम्हें चंगा किया बोलता है उसे व्यक्ति ने एक व्यक्ति ने ईशु का नाम भी उसे पता नहीं था एक व्यक्ति ने फिर उसे जब मुलाकात होती कौन था हो सकता है वह एक नबी है जब प्रभु से तीसरी बार मुलाकात होती है तो व्यक्ति प्रभु को कहता है परमेश्वर आराधना कार्यक्रम में आबू रोड, शिवगंज, भीनमाल, जालौर,तक के श्रद्धालुओं ने भाग लिया

संपादक भावेश आर्य

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