सिरोही बाईपास एलाइनमेंट पर पुनर्विचार की मांग, पूर्व विधायक लोढ़ा ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र

सिरोही(हरीश दवे) ।

राष्ट्रीय राजमार्ग-168 के सिरोही क्षेत्र में प्रस्तावित बाईपास एलाइनमेंट को लेकर पूर्व विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा ने केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भेजकर इस पर पुनर्विचार की मांग की है। उन्होंने सिरोही शहर के दीर्घकालिक विकास, यातायात प्रबंधन और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक एलाइनमेंट को प्राथमिकता देने का आग्रह किया है।
लोढ़ा ने पत्र में बताया कि सिरोही-रेवदर-मंडार खंड के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-168 की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार की जा रही है। इसी के तहत सिरोही शहर को बाईपास करने के लिए विभिन्न एलाइनमेंट विकल्पों का परीक्षण किया जा रहा है। 20 अगस्त 2025 को सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय में गठित एलाइन्मेंट अप्रूवल कमेटी ने सड़क की लंबाई, भूमि अधिग्रहण, निर्माण की व्यवहार्यता, भू-आकृतिक स्थिति, यातायात संचालन, सुरक्षा और परियोजना लागत जैसे तकनीकी मानकों का अध्ययन किया था।
शहर के नजदीक से गुजर रहा प्रस्तावित मार्ग
लोढ़ा ने बताया कि कमेटी की ओर से विचार किए गए एक एलाइनमेंट की लंबाई लगभग 8.689 किलोमीटर है, जो नेशनल हाईवे-168 से शुरू होकर 220 केवी ग्रिड स्टेशन के पास समाप्त होता है। लोढ़ा ने कहा कि यह मार्ग सिरोही शहर की आबादी के बेहद नजदीक से गुजरता है तथा मौजूदा राजमार्ग और शहर के मास्टर प्लान में प्रस्तावित बाईपास मार्ग के बीच स्थित है। इससे भविष्य में शहर के नियोजित विकास और सड़क नेटवर्क के विस्तार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
दुर्घटनाओं और अधिक भूमि अधिग्रहण की आशंका
लोढ़ा ने आशंका जताई कि शहर के समीप उच्च गति वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के संचालन से स्थानीय यातायात के साथ टकराव की स्थिति बन सकती है और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ सकती है। साथ ही इस एलाइनमेंट में भूमि अधिग्रहण की लागत अधिक आने और बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने की संभावना भी है।
वैकल्पिक एलाइनमेंट को बताया बेहतर विकल्प
लोढ़ा ने पत्र में एक अन्य एलाइनमेंट का भी उल्लेख किया है जिसकी लंबाई करीब 11 किलोमीटर है। यह मार्ग नेशनल हाईवे-62 और नेशनल हाईवे-168 के जंक्शन से शुरू होकर नगर के प्रस्तावित मास्टर प्लान सड़क नेटवर्क से जुड़ता है तथा शहर की घनी आबादी से अपेक्षाकृत दूर होकर गुजरता है। उनके अनुसार यह विकल्प शहरी विकास, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा की दृष्टि से अधिक उपयुक्त है तथा भूमि अधिग्रहण की लागत भी कम हो सकती है।
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया रोकने का आग्रह
लोढ़ा ने केंद्रीय मंत्री से मांग की है कि अंतिम निर्णय होने तक प्रस्तावित सिरोही बाईपास के लिए चल रही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को अस्थायी रूप से स्थगित करने के निर्देश दिए जाएं तथा एलाइनमेंट पर पुनर्विचार कर शहर के हित में उचित निर्णय लिया जाए।
पूर्व में मुख्यमंत्री को भी भेजा था पत्र
इस मामले को लेकर लोढ़ा ने 13 फरवरी को भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र भेजकर सिरोही शहर में एनएचआई की ओर से प्रस्तावित नेशनल हाईवे 168 फोरलेन बाइपास को मास्टर प्लान एवं नियमानुसार आबादी से दूर निकाले जाने तथा वर्तमान सर्वे का पुनर्निरीक्षण करवाने का आग्रह किया था। मुख्यमंत्री कार्यालय से सार्वजनिक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एनएच को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए निर्देश जारी किए थे। संबंधित विभाग की ओर से भी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के क्षेत्रीय अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा गया हैं ।


संपादक भावेश आर्य



