एनएच सिरोही से मंडार 168 में सिरोही का बाईपास मास्टर प्लान के अनुरूप बनाने की मांग

-पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
सिरोही 13 फरवरी (हरीश दवे)।

पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा ने राष्ट्रीय राजमार्ग 168 सिरोही से मंडार के लिए प्रस्तावित बाईपास को सिरोही नगर के मास्टर प्लान के मुताबिक दिए गए प्रस्तावित बाईपास का उपयोग करते हुए बनाने एवं किए गए मौजूदा सर्वे के पुनरीक्षण का आग्रह किया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री को बिंदुओं सहित विस्तृत पत्र लिखा है।
पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने पत्र में लिखा कि प्रस्तावित सिरोही से मंडार फॉरलेन के अंतर्गत सिरोही शहर के लिए जो बायपास प्रस्तावित है उसमे कई कमियाँ सामने आई है एवं आईआरसी के नियमों को उक्त सर्वे में ध्यान में नहीं रखा गया है सिरोही शहर के लिए जो मास्टर प्लान 2011 में बना था और 2031 तक वैध है उस मास्टर प्लान को उक्त सर्वे में पूर्ण रूप से नजरअंदाज किया गया है प्रस्तावित बायपास के एंट्री पॉइंट (शिवगंज की तरफ़ से के 200 मीटर के भीतर आबादी क्षेत्र है जिसमे की दर्जनों आवासीय कॉलोनी ( आदर्श नगर, बालाजी रेजीडेंसी, कृष्णा विहार, महादेव कॉलोनी) समेत दर्जनों आवासीय कॉलोनी मौजूद है वहीं नियमों के मुताबिक बायपास को नगर परिषद सीमा के बाहर से निकाला जाना चाहिए जिससे भविष्य में ट्रैफिक की समस्याओं का सामना ना करना पड़े पूर्व में मास्टर प्लान के अंतर्गत बायपास को सिरोही शहर के बाहर से निकाला जाना प्रस्तावित था किंतु वर्तमान में प्रस्तावित बायपास को मास्टर प्लान में दर्शायें गए बायपास से 2.25 किमी शहर के भीतर से निकाला जा रहा है जो वहीं वर्तमान में प्रस्तावित बायपास का एग्जिट पॉइंट (रेवदर की तरफ मास्टर प्लान में दर्शाये बायपास से 1.5 किमी शहर के भीतर लिया गया है ये आईआरएस व एनएचएसआई के नियोजन मानको के विरुद्ध है वर्तमान में जो बायपास प्रस्तावित है वो सिरोही नगर परिषद के जोनल प्लान के हिसाब से कमर्शियल व आवासीय जोन है ऐसे में आबादी क्षेत्र के पास से बायपास को निकालने से भविष्य में सिरोही शहर का विकास पूर्णतः रुक जाएगा प्त्ब् और छभ्।प् के नियमों के अंतर्गत बायपास को थ्नजनतम न्तइंद म्गचंदेपवद से दूर रखा जाता है जबकि वर्तमान में प्रस्तावित बायपास को आबादी के मध्य से निकाला जा रहा है जिसके 200 मीटर में ही घनी आबादी वाली कॉलोनिया बसी हुई है, वर्तमान के छभ्।प् द्वारा प्रस्तावित नक्शे के आधार पर सिरोही शहर के बायपास की दूरी सिरोही के केंद्रीय बस स्टैंड से महज 2.5 ज्ञड है जबकि सिरोही शहर जिला मुख्यालय है व आबादी और शहर के विस्तार को देखते हुए बायपास को सिरोही शहर की नगर परिषद सीमा से बाहर निकाला जाना चाहिए उक्त सर्वे में प्रस्तावित फॉरलेन में सिरोही बायपास के मध्य रामपुरा गांव में खसरा नंबर 1353/1264 के हिस्से से फॉरलेन निकलना प्रस्तावित है जबकि उक्त खसरे में ही 220 केवी हाईटेंशन टॉवर लगा हुआ है जिसे शिफ्ट किया जाना भी संभव नहीं है, त्थ्ब्ज्स्।त्त् ।बजए 2013 के अंतर्गत धार्मिक स्थल प्रभावित होने पर ैवबपंस प्उचंबज ।ेेमेेउमदज ;ैप्।द्ध किया जाना अनिवार्य है वहीं छभ् ।बज 1956 और त्थ्ब्ज्स्।त्त् ।बज 20 के मुताबिक नक्शा बनाते समय आबादी एवं धार्मिक स्थानों से बचने का प्रयास किया जाता है जबकि उक्त नक्शे के मुताबिक रामपुरा गांव में कई घरों के टूटने, सिरोही शहर में मंदिर एवं मीरपुर में भी मंदिर को नुकसान हो रहा है वहीं आगे गुलाबगंज व अनादरा, रेवदर व मंडार में भी प्रस्तावित बायपास को लेकर विरोधाभास है उक्त प्रस्तावित बायपास के नक्शे में आवश्यक मानकों का भी ध्यान नहीं रखा गया है।
लोढ़ा ने बताया कि प्रस्तावित नक्शा प्त्ब् व छभ्।प् के नियोजन मानको के अनुसार बायपास की मूल परिभाषा, मास्टर प्लान के भूमि उपयोग नियमों, ठनििमतध्ैंजिमर्ल वदम पर्यावरणीय मानकों तथा ।बबमेे ब्वदजतवस के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है
लोढ़ा ने आग्रह किया कि सिरोही शहर में छभ्।प् द्वारा प्रस्तावित छभ् 168 बायपास को मास्टर प्लान व नियमानुसार आबादी से दूर निकाला जाये व वर्तमान सर्वे का पुनर्निरीक्षण करवाया जाए।



संपादक भावेश आर्य



