श्री राम झरोखा ट्रस्ट की समिति के अध्यक्ष की रिपोर्ट पर अब तक मामला दर्ज नहीं, संयम लोढ़ा मिले पुलिस महानिदेशक से

सिरोही(हरीश दवे)।

पूर्व मुख्यमंत्री सलाहकार संयम लोढ़ा ने पुलिस मुख्यालय जयपुर में पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा से मुलाकात कर श्री राम झरोखा ट्रस्ट की नियंत्रण एवं सलाहकार समिति के अध्यक्ष द्वारा कूटरचित वसीयत के मामले में दी गई रिपोर्ट पर सिरोही पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज नहीं करने के मामले से उनको अवगत कराया और मुकदमा दर्ज करने का आग्रह किया।
लोढ़ा ने उन्हें बताया कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा 8 दिसंबर को पुलिस थाना कोतवाली में और उसके बाद 22 दिसंबर को पुलिस अधीक्षक को इस संबंध में एफआईआर दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए लेकिन किसी तरह की कोई कार्रवाई उस पर नही की गई।
कूटरचित वसीयत के जरिए रामझरोखा ट्रस्ट, राजगुरु स्थान और श्रीराम लक्ष्मण मंदिर ट्रस्ट की संपत्ति को हड़पने और खुर्द बुर्द करने की कोशिश की जा रही है और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के लोगों की इसमें मिलीभगत हैं और इसके चलते राजनीतिक दबाव में पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
लोढ़ा ने शर्मा को बताया कि नटवरलाल पुत्र कुबेरदासजी पटेल अध्यक्ष नियंत्रण एवं सलाहकार समिति, श्री राजगुरुद्वारा सिरोही तथा ट्रस्टी- श्री रामझरोखा मन्दिर ट्रस्ट एवं श्री राम-लक्ष्मण मन्दिर ट्रस्ट ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे ज्ञापन में बताया कि श्री राम झरोखा, राजगुरु स्थान और श्री राम लक्ष्मण मन्दिर ट्रस्ट सिरोही की सम्पत्ति की देखरेख महंत स्व. जयरामदासजी द्वारा की जाती थी जिन्होंने अपने जीवन काल में उक्त सम्पत्ति की मात्र देखरेख हेतु अप्रार्थी सीतारामदास चेला स्व. महंत श्री जयरामदास निवासी रामझरोखा सिरोही के पक्ष में अपनी एक मात्र वसीयत दिनांक 20-03-2001 को अहमदाबाद में निष्पादित कर नोटरी से तस्दीक करवाई थी, जिसमे अप्रार्थी सीतारामदास को उक्त सम्पत्ति के बेचान, रहन करने का अथवा अन्य किसी प्रकार से हस्तांतरित करने का अधिकार नहीं दिया गया था, जिसमे भविष्य के लीज एवं विक्रय करने के अधिकार नियंत्रण एवं सलाहकार समिति को सौंपे गए है। हमारी उक्त समिति के सदस्य द्वारा सूचना के अधिकार के तहत प्रस्तुत आवेदन पर उक्त सम्पत्ति के सम्बन्ध में विक्रयनामा व पट्टा नम्बरों का रिकार्ड प्राप्त हुआ जिसमे समस्त विक्रय विलेख दिनांक 08-03-2001 की वसीयत पर आधारित है, लेकिन कथित आधार दस्तावेज वसीयत की गति किये हुए नहीं है देवाराम एवं महंत जयरामदासजी के हस्ताक्षर भी उनके आधिकारिक दस्तावेजो के हस्ताक्षर से मेल नहीं खाते है जो फर्जी है, इस प्रकार उक्त वसीयत कूट रचित है, जिसमे उक्त सम्पत्ति को विक्रय इत्यादि करने का अधिकार होने का कथन लिखकर अप्रार्थी ने यह तथ्य भली भांति जानते हुए कि उक्त वसीयत प्रलेख फर्जी कूटरचित है और उसके बाद की तारीख में महंत जयरामदासजी ने अपनी प्रथम व अंतिम वसीयत निष्पादित की हुई है, फिर भी कूट रचित दस्तावेज वसीयत तैयार कर उसे असल के रूप में प्रयोग करते उक्त फर्जी वसीयत दिनांक 08-03-2001 के आधार पर उक्त सम्पत्ति का उप विभाजन कर भूखण्ड काट कर उन्हें विक्रय सम्पत्ति को खुर्द बुर्द कर नुक्सान पहुंचाकर अपराध किया है। फर्जी कूटरचित वसीयत के आधार पर 10 लोगो को उक्त संपति का विक्रय कर दिया गया हैं।
रातों रात तोड़ा पुराना चुंगी नाका, अभी तक मामला नहीं हुआ दर्ज – लोढ़ा ने शिवगंज में नगर पालिका के पुराने चुंगी नाका भवन को व्यवसायी से मिली भगत कर आधी रात को तोड़ने के मामले में 16 दिसंबर को हनुमंत सिंह मेड़तिया के द्वारा पालिका प्रशासक, अधिशासी अधिकारी एवं अन्य के खिलाफ दी गई रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज नहीं करने के मामले से भी उन्हें अवगत कराया। लोढ़ा ने उन्हें बताया कि लालचंद्रराम बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के मामले में 2025 में सुप्रीम कोर्ट में निर्णय दिया है कि सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान के मामले में कोई भी नागरिक लोक सेवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा सकता हैं। इतना ही नहीं इससे पूर्व भी फैसले सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा दिए गए लेकिन नागरिक की शिकायत पर पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोढ़ा ने उन्हें सर्वोच्च न्यायालय के फैसले की एक प्रति भी उपलब्ध कराई।
एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं पर झूठा मुकदमा दर्ज करने के मामले से करवाया अवगत – लोढ़ा ने शर्मा को सिरोही पुलिस द्वारा 18 दिसंबर को एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं पर झूठा मुकदमा दर्ज करने के मामले से भी उन्हें अवगत कराया। लोढ़ा ने उन्हें बताया कि कार्यकर्ता हवाई पट्टी पर फीस वृद्धि के मामले को वापस लेने और शिक्षकों को रिक्त पदों पर लगाने के मामले में उप मुख्यमंत्री से मिलने के लिए गए थे लेकिन उन्हें वहां से पहले तो बाहर निकाल दिया गया और यह कहा गया कि उन्हें ज्ञापन दिलवाएंगे लेकिन बाद में उन्हें ज्ञापन नहीं देने दिया गया और मात्र 10- 12 कार्यकर्ता होने के बाद भी उनके खिलाफ झूठा मुकदमा सिरोही पुलिस थाने में दर्ज किया गया। यह सत्तारूढ़ भाजपा के दबाव में कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न करने के लिए किया गया जो पूरी तरह से गलत है।
सोलंकी के खिलाफ झूठा मुकदमा करवाया दर्ज – लोढ़ा ने बताया कि राम झरोखा प्रकरण में हुई धोखाधड़ी धार्मिक संपत्ति की लूट और फर्जीवाड़े को लेकर के भाजपा के प्रवासी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक तेजराज सोलंकी ने राज्यमंत्री ओटाराम देवासी के खिलाफ अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की थी। उनके द्वारा फैलाए जा रहे अंधविश्वास और पाखंड के खिलाफ भी बात कही थी। बीजेपी के मंडल अध्यक्ष ने थाने में सोलंकी के खिलाफ झूठी रिपोर्ट प्रस्तुत की। पुलिस ने पंचायती राज मंत्री ओटाराम के दबाव में सोलंकी के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज किया। इस तरीके से जो जनप्रतिनिधि जनहित में काम नहीं कर रहे हैं और पद का दुरुपयोग करें उनके खिलाफ बोलने के मामले में पुलिस एक मोहरे की तरह काम करने लग गई हैं।
जिले की कानून व्यवस्था की दी जानकारी – लोढ़ा ने जिले की कानून व्यवस्था पर चर्चा के दौरान उन्हें बताया कि दो सालों में हुई 1000 के करीब चोरियों में से करीब 800 से चोरियों का अभी कोई पर्दाफाश नहीं हुआ है और जिन चोरियों को खोलना बताया गया उसमें भी लोगों के माल के रिकवरी नहीं हुई है 50 से ज्यादा लड़कियों जो गुमशुदा हुई है उनका भी कोई पता नहीं चल पा रहा है। इसमें कई लड़कियों को एक एक साल से भी ज्यादा समय हो गया है इसी तरह से महिलाओं के उत्पीड़न के मामले में भी आबूरोड क्षेत्र की पुलिस समुचित कार्रवाई नहीं कर रही है और पीड़ित महिलाओं को अपमानित किया जा रहा है।
पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा ने सभी मामलों में समुचित कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।



संपादक भावेश आर्य



