लालवेरा शमशान की भूमि को लेकर दो-दो दावे

-होली के बाद तहसीलदार बुलायेगे लालवेरा की भूमि के संबंध में सनातन समाज की बैठक
सिरोही 24 फरवरी (हरीश दवे) ।

सनातन धर्म लालवेरा की सम्पूर्ण भूमि का सीमाज्ञान को तहसीलदार ने करवा दिया जो भूमि सनातन धर्म लालवेरा के नाम से तहसीलदार की टीम ने चिन्हित करवाई और उसके बाद सेवा भारती संस्था का बैनर वहा लग गया और उन्होने वहां रातोरात एक कमरा बनवाकर नीव खोदने का कार्य शुरू किया। जिनका कहना है कि यह हमारे पट्टे की भूमि है इस बाबत् तहसीलदार को अवगत करवाने पर उन्होने बताया कि इसको लेकर जांच कार्यवाही चल रही है तथा होली के बाद सनातन धर्म के सभी समाजो की बैठक बुलाकर न्यायालय के निर्देशो के अनुरूप नया ट्रस्ट बनाकर इस समस्या का आपसी सौहार्दभाव से निपटारा किया जायेगा तथा सरकारी रिकॉर्ड में जो भी दर्ज होगा उसके अनुसार नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी तथा लालवेरा सनातन धर्म की सम्पत्ति के जीर्णोद्वार का कार्य किरायेदारो की समस्या का निपटान तथा हिन्दू श्मशान सभा के प्रतिनिधियों को शामिल कर सनातन समाज का नया ट्रस्ट बनाया जायेगा।
सनातन धर्म लालवेरा की भूमि और नेहरू उद्यान के बीच की पड़तल भूमि का शनिवार को सीमाज्ञान होने के बाद सीमाज्ञान के बाद ये भूमि को लालबेरा के खसरा संख्या 2694 का हिस्सा की मिली। रामझरोखा की बावड़ी और लालबेरा के कुएं को जीरो पॉइंट मानकर ये जीपीएस नाप लिया गया।
2016 से पहले लालबेरा विकास समिति इस संपत्ति की देखरेख करती थी। लेकिन, 2013 में इस संपत्ति में बनी दुकानों और समिति में विवाद होने पर प्रकरण किराया प्राधिकरण में पहुंचा। लोक अदालत में इसका आपसी सहमति से 8 दिसंबर 2015 को निस्तारण हुआ। इसमें तत्कालीन जिला न्यायाधीश पीसी पगारिया ने लोक अदालत में दोनों पक्षों की सहमति से 1 जनवरी 2016 से लालबेरा विकास समिति का विलय हिंदू श्मशान समिति में कर दिया था।
इसके आगे से इस संपत्ति से संबंधित समस्त निर्णय के अधिकार हिंदू श्मशान समिति के पास आ गए थे । न्यायालय ने लालवेरा की सम्पत्ति को हिंदू समाज की होने के नाते 36 कौम के दो-दो लोगों प्रतिनिधित्व करते हुए हिन्दू श्मशान समिति के पुनर्गठन के आदेश दिए थे। इसी कारण इस भूमि का सीमाज्ञान होने के समय हिंदू श्मशान समिति के पदाधिकारियों को उपस्थित रखा गया।
-लालवेरा के नाम 0.44 हेक्टेयर के चार खसरे
रामझरोखा के ठीक सामने लाल वेरा की सम्पत्ति है। इसके चार खसरे हैं। खसरा संख्या 2691, 2692, 2692 और 2694। इसके ठीक सटी हुई नगर पालिका की भूमि है जो खसरा संख्या 2695 का हिस्सा है। इसमें नेहरू पार्क है। नेहरू पार्क के खसरा संख्या 2965 और लाल वेरा के खसरा संख्या 2694 के बीच ये जमीन है और पैमाईश के अनुसार ये खसरा संख्या 2694 के ही श्मशान की भूमि का हिस्सा है।
-सेवा भारती का बैनर लगाया
जिस भूमि की पैमाईश के बाद हिंदू श्मशान समिति के अध्यक्ष धनपतसिंह राठौड, मोहनलाल माली, रमेशसिंह राठौड, भवानीसिंह, रामेश्वर कंसारा व लालवेरा विकास समिति के सचिव व हिन्दू वेव के संयोजक हरीश दवे की मौजूदगी में तहसीलदार द्वारा गठित टीम के गिरदावर व पटवारीयों के द्वारा की गई। सदस्यों की मौजूदगी में पत्थरगढ़ी करके इस पर हिंदू श्मशान समिति का शिलापट्ट लगाया था। आरोप ये लगाया गया कि इस शिला को अज्ञात लोगों द्वारा तोड़ दिया गया। बाद में इसी भूमि पर सेवा भारती का बैनर लगा हुआ फोटो वायरल होने लगा। इस पर लिखा था कि ये भूमि सेवाभारती समिति सिरोही के स्वामित्व की है। इसका पट्टा संख्या 6 है जो 30 दिसंबर 2025 को जारी हुआ है। सेवा भारती आरएसएस का एक प्रकल्प है। ये भूमि रामझरोखा मंदिर की उस भूमि के ठीक सामने है जिसे आरएसएस के दूसरे प्रकल्प आदर्श शिक्षा समिति के नाम से 99 साल की लीज का विवाद चल रहा है।
नगर के सनातन समाज के प्रबुद्धजनो ने कहा कि यह भूमि लालवेरा शमशान भूमि की है जहां पर सभी समाजो के लोग अन्तिम क्रिया के बाद स्नानागार के रूप में उपयोग लेते है तथा 2694 खसरा संख्या की भूमि पर शौचालय पूर्व में बने हुए है और यह जमीन भूतपूर्व विधायक धर्माराम आर्य ने 1955 में सनातन धर्म लालवेरा के लिये आवंटित करवाई थी। पूर्व में भ्रष्टाचार में आकण्ठ डुबी हुई नगर परिषद ने जिस प्रकार रामझरोखा की भूमि पर 8 पट्टे बनाये व राजीव नगर में निलामीयां की उसी तरह सेवा भारती ने निलामी में यह जमीन खरीदी और उसके बाद विवाद हुआ तथा गत दिसम्बर 2025 में सिरोही नगर परिषद ने सेवा भारती को पट्टा जारी किया।
हिन्दू वेव के जिला संयोजक हरीश दवे ने रामझरोखा, लालवेरा तथा सनातन सम्पत्तियों के संरक्षण व पैमाईश के साथ 7 मांगो को लेकर आमरण अनशन किया जिस पर राज्य सरकार व जिला प्रशासन ने रामझरोखा पट्टा प्रकरण में पूर्व आयुक्त शिवपालसिंह, आरआई सुशील पुरोहित व भरतराज पुरोहित को निलंबित किया जो हाईकोर्ट से स्थगन ला चुके है तथा हाईकोर्ट के दिशा निर्देश पर जिला कलेक्टर को निर्देशित किया गया है कि इन पट्टो के बाबत आवश्यक कार्यवाही करे। जिसको लेकर आयुक्त ने रामझरोखा प्रकरण में सुनवाई के लिये नोटिस दिये व पट्टा निरस्तगी की कार्यवाही चल रही है।
हिन्दू वेव के जिला संयोजक हरीश दवे ने कहा कि यह भूमि अगर सेवा भारती की है तो सनातन समाज को कोई आपत्ति नही है लेकिन हिन्दू शमशान सभा के अध्यक्ष धनपतसिंह राठौड व लालवेरा विकास समिति के सदस्यो का मानना है कि अगर यह भूमि लालवेरा के खसरो की है तो जिला प्रशासन को यह भूमि सौपनी चाहिये। अब इसका निर्णय तहसीलदार द्वारा सनातन समाज के सभी लोगो की होली के बाद बैठक बुलाने के बाद निर्णय होगा।


संपादक भावेश आर्य



