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एंटीइंकमबेन्सी बन सकती है भाजपा की दीवार, आगामी चुनावो की तैयारियों में भाजपा व कांग्रेस की हीलचाल


सिरोही 27 फरवरी (हरीश दवे) ।

आगामी पंचायतीराज व नगर निकाय चुनावों से पूर्व सिरोही जिले के राजनीतिक पटल पर भाजपा व कांग्रेस में चुनावों में बोर्डो पर कब्जा करने के लिये भारी घमासान चिढ गया है जिसमें भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार तथा प्रदेश में राज्यमंत्री होने के बावजूद भाजपा की फूट भितरघात व सत्ता व संगठन के तालमेल के अभाव में कांग्रेस जिलाध्यक्ष लीलाराम गरासिया की कमान में तथा पूर्व विधायक संयम लोढा की तिलिस्मी राजनीति में भाजपा संयम वार को झेल नही पा रही है तथा भाजपाई जिले भर में अपनी ही पार्टी के खिलाफ बिगुल फूंकते है तथा कृष्णावती नदी खनन, कमलेश मेटाकास्ट तथा पांचो स्वायत्तशाषी निकाय व पंचायत समिति क्षेत्रो में भ्रष्टाचार की गूंज में राज्यमंत्री व सांसद के करवाये विकाय कार्य व सामाजिक सहायता की योजनाओं का भी जनता को फायदा नही मिल पा रहा है तथा स्वायत्तशाषी व पंचायतीराज निकायो में नितरोज नये नये घोटाले सामने आ रहे है तथा ठेकेदारो व अधिकारियो के कारनामो को पूर्व विधायक संयम लोढा मुद्दा बनाकर भाजपा व जनप्रतिनिधियो को घेरने का कोई मौका पूर्व विधायक संयम लोढा नही छोड रहे।
जिले में कांग्रेस के नये जिलाध्यक्ष लीलाराम गरासिया के बनने के बाद उन्होने जिले व तहसील मुख्यालयो तक मनरेगा व रामझरोखा पट्टा प्रकरण, बेरोजगारी भत्ता व जनसमस्याओं को लेकर धरना प्रदर्शन व आन्दोलन किये व चुनावी रणनीति का आगाज किया। वहीं पूर्व विधायक संयम लोढा ने सिरोही शिवगंज विधानसभा क्षेत्र में जनसमस्याओं के समाधान के लिए बैठको का दौर चला। कांग्रेसी कार्यकर्ताओ को एकजूठकर बूथ स्तर तक तैयारियो में लगा दिया है तथा जिला मुख्यालय पर नगर परिषद के भ्रष्टाचार व रामझरोखा के अवैध पट्टो लीज प्रकरण का मुद्दा बना भाजपा को बूरे तरीके से घेर लिया है तथा खसरा नंबर 2694 लालवेरा सनातन धर्म की भूमि को बचाने को लेकर उन्होने कांग्रेस के विधि प्रकोष्ठ को पूरी तरीके से झोंक दिया है जिसके परिणाम होली के बाद दिखायी दे सकते है।
उधर सत्तारूढ पार्टी की जिलाध्यक्ष डॉ रक्षा भण्डारी भाजपा की गुटबाजी व भीतरघात उनकी बनायी जिला कार्य समिति व 23 मंडलो के अपरिपक्व मण्डल अध्यक्ष जो वर्तमान जातिवादी राजनीति में अवसर पाये है तथा अधिकांश ठेकेदारी उद्योग से जुडे हुए है तथा सत्तारूढ पार्टी के नेताओं के शराब तस्करी, रेती तस्करी तथा जमीन से जुडे मामलो की लिप्तता के कारण प्रशासन ने उनके ही मुद्दे छाये रहने से भाजपायी कार्यकर्ताओ की जिला प्रशासन पर कोई पकड नही है तथा पार्टी के प्रदेश नेताओं व राज्यमंत्री तथा सांसद के सामने पूर्व विधायक लोढा के विरोध के अलावा कुछ नजर नही आता और भाजपा की राजनीति संयम लोढा के विरोध के नाम पर ही अटक गई है।
अब भारतीय जनता पार्टी संगठन की मजबूती के लिए बूथ स्तर के कार्यक्रमो के अनेक अभियान चल रहे है लेकिन बूथ स्तर तक भाजपा संगठन की बूथ कार्यकारिणीयां कागजो तक सीमित है तथा बूथ स्तर तक शक्ति केन्द्र व पन्ना प्रमुख निष्क्रिय है तथा राज्यमंत्री व सांसद के करवाये कार्यो को लेकर जनता के बीच जाने की किसी को सुध नही है तथा सिरोही नगर परिषद में भाजपा की सरकार होने के बावजूद आयुक्त नही लगने तथा नगर परिषद क्षेत्र की जनसमस्याओं सडक, पानी, रात्रिकालीन विद्युत व्यवस्था, सफाई तथा रूडिप, एलएण्डटी, गुजरात गैस, सानिवि के खड्ढो, आवारा पशुओ की समस्या, अर्बुदा गौशाला, सारणेश्वर गोचर में अतिक्रमण तथा पूरे शहर में निर्वाध गति से लाखों रूपये के राजस्व नुकसान पर आयुक्त का कोई अंकुश नही है व अतिक्रमण नगर परिषद क्षेत्र में अवैध उद्योग का दर्जा ले चुका है तथा गत महिनो अवैध तरीके से हुई भूमियो की निलामी व अवैध पट्टो के मामले में आन्दोलनो के बाद आयुक्त, आरआई व कनिष्ठ अभियंता भी निलंबित हो चुके है जो हाईकोर्ट से निलंबन पर भले ही स्थगन आदेश प्राप्त कर चुके हो लेकिन सिरोही नगर परिषद में पनपे भ्रष्टाचार से आमजनता में एंटीइंकमटेन्सी पनप रही है जिस पर समय रहते भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. रक्षा भण्डारी व राज्यमंत्री ओटाराम देवासी तथा सांसद लुम्बाराम चौधरी ने डेमेज कंट्रोल कर संगठन को मजबूत नही किया तो आने वाले चुनावो में भाजपा को नुकसान उठाना पडेगा।
गौरतलब है की भाजपा व संघ लॉबी के अंतर्द्वंद व राजनीतिक तत्वों के वर्चस्व की लड़ाई में पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष व सहकार भारती के पूर्व रास्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकेश मोदी की कलह में भाजपा का गहरा नुकसान हुआ।
जिसमे कोंग्रेस में संयम लोढा का उदय हुआ।
नगर परिषद में भाजपा का बोर्ड स्व वीरेंद्र मोदी के काल मे बना तो 2002 के बाद बिलानाम,सरकारी,रियासत कालीन पड़त भूमि पे अतिक्रमण ,अवैध पट्टो का दौर अब तक बदस्तूर जारी है।
बोर्डो व लोकल जन प्रतिनिधियों व भांजपा नेताओ ने राज्य मंत्री को अंधेरे में रख रामझरोखा मन्दिर की भूमि पर अवैध पट्टो व लीज के मसले तथा पूर्व में भाजपा के बोर्डो में सेवा भारती को लाल वेरा की भूमि को आवंटन व नीलामी के मुद्दे को पूर्व विधायक संयम लोढा ने इसे भाजपा को घेरने का हथियार बना दिया है।
उधर भाजपा संगठन का मीडिया व सॉसल मीडिया तन्त्र नाम मात्र का रह गया है।
राम झरोखा के पट्टो पर जन भावना पट्टो के निरस्तीकरण की है।
पर भाजपा के जिला महामंत्री व जिला प्रवक्ता ने विषयो की अधूरी जानकारी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सेल्फ गोल किया।
वही भाजपा के प्रवासी नेता तेजराज सोलंकी व माली समाज वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारियो के तेजराज माली के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लेने व तेजराज माली के बेबाक बोल के बाद सॉसल मीडिया में भाजपा के कोर वोटर देवासी समाज व माली समाज मे द्वंद पैदा हुआ।
भाजपा जिला संगठन के पदाधिकारी हितेंद्र बी ओझा व लोकेश खण्डेलवाल संगठन में पदों से इस्तीफा दे चुके है।
भाजपा के हरावल दस्ते युवा मोर्चा,किसान मोर्चा,ओबीसी,एससी, महिला मोर्चा ,एसटी मोर्चा दिखावे भर के लेटर पेड़ी नेताओ के हवाले सत्ता भोग रहे जन प्रतिनिधि अपने पदों से न्याय नही कर पा रहे।
ऐसे हालात में भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ रक्षा भण्डारी ने संगठन को मजबूत बनाने में नए व पुराने कार्यकर्ताओ को जोड़ बूथ स्तर ब मोर्चा,प्रकोष्ठ स्तर तक संगठन के ढांचे को मजबूत नही किया।
ओर संगठन के नेता व सत्ता के जन प्रतिनिधि जनता के मुद्दों के हल के निराकरण में धरातल पर संगठन को मजबूत नही किये व डबल इंजन सरकार की योजनाओं व विकास कार्यो व नगर परिषद की करप्ट राजनीति पर अंकुश नही लगाया तो भाजपा को आने वाले चुनावों में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

संपादक भावेश आर्य

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