रामझरोखा प्रन्यास की भूमि पर अवैध लीज व बने अवैध पट्टो के प्रकरण व सनातन धर्म की संपत्तियों के सरंक्षण को लेकर हिन्दू वेव संयोजक हरीश दवे ने दी आमरण, अनशन की चेतावनी,जिला कलेक्टर डॉ अल्पा चोधरी को सौपा ज्ञापन,अनशन से पूर्व दी जिला प्रशासन को मांगो को लेकर सूचना,

सिरोही(हरीश दवे)।

स्वयंसेवी संस्था हिन्दू वेव के संयोजक हरीश दवे दवे ने रामझरोखा प्रन्यास की भूमि पर बने अवैध पट्टे, महन्त सीताराम दास के व्यक्तिगत स्वार्थ पूर्ति में सनातन धर्म की आस्था के प्रमुख केंद्र व राम झरोखा,अर्बुदा खतेदारी के एमओयू व बेसहारा पशुओं से आम आदमी को संकट व लाल वेरा व सरनेश्वर गोचर की भूमि के मसलों को लेकर ज्ञापन सौपा ओर कहा की महिनों से शहर सिरोही में स्थित धार्मिक सम्पतियों की अवैध खरीद फरोख्त को लेकर क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है। प्रशासन की जानकारी में समस्त तथ्य होते हुये भी आज रोज तक कोई ठोस कार्यवाही नही की है। जिससे हमारी धार्मिक भावनायें आहत हुई है। अपराधियों के हौसले बुलन्द है और आम जन में भय व्याप्त है।
:: आमजन को न्याय एवम् सुरक्षा के संकल्प के साथ क्षेत्र की देवभूमि व देव मंदिरों की समुचित सुरक्षा हेतू में अनशन किये जाने से पूर्व यह सूचना पत्र आपको प्रेषित कर रखा हूँ कि यदि आगामी 29 जनवरी 2026 तक निम्नांकित मांगे पुरी नही की जाती है तो मेरे द्वारा सनातन धर्म और जन भावनाओं को देखते हुये जन आस्था के केन्द्र रामझरोखा मैदान सिरोही में अनशन आरम्भ करूंगा। सो सूचित रहे।
उन्होंने ज्ञापन में रामझरोखा की मंदिर मुर्ति की सम्पतियों की समुचित सुरक्षा करते हुये तत्काल रिसीवर नियुक्त कराने एवम् निष्पक्ष उच्च स्तरीय जॉच कार्यवाही कर नगर परिषद् सिरोही द्वारा जारी 8 पट्टे व सीताराम द्वारा 99 वर्षीय लीज दस्तावेज को निरस्त किया जावें एवम् मंदिर की सम्पति मंदिर को सुपुर्द की जावें।
वही लाल वेरा हिन्दू शमसान सभा सिरोही की सम्पति खसरा संख्या 2691, 2692, 2693, 2694, 2695 की समुचित सुरक्षा करते हुये माननीय न्यायालय के आदेश अनुरूप सनातन धर्म के समस्त प्रतिनिधियों को साथ लेते हुये जनहित में ट्रस्ट का गठन किया जावें।
तथा श्री सारणेश्वरजी कोरीडोर में स्थित दुधिया तालाब को सुरक्षित करते हुये सीमांकन व सीमांकन किया जावें एवम् अतिचारियों से मुक्त किया जावें।
एवम शहर में घुम रहे गोवंश को सुरक्षा के साथ सरकार द्वारा पोषित गोशालाओं में भेजा जाकर ऐसी गोशालाओं का भौतिक सत्यापन करते हुये कठोर दिशा निर्देश जारी किये जावें ताकि शहरवासी स्वच्छद शहर में भम्रण कर सके और मुक पशुधन मानव का कुरता से संरक्षण हो सके।




संपादक भावेश आर्य



