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फार्मासिस्ट भर्ती मेरिट बोनस की माँग को लेकर आंदोलन और तेज, अब खून से लिखे पत्र केंद्र सरकार को भेजे जा रहे

शिरोही(हरीश दवे)।

राजस्थान में फार्मासिस्ट भर्ती में वर्षों से कार्यरत अनुभवी फार्मासिस्टों के साथ हो रहे अन्याय के विरोध में आंदोलन ने अब निर्णायक मोड़ ले लिया है। फार्मासिस्ट भर्ती संघर्ष समिति के आह्वान पर सिरोही जिले सहित पूरे प्रदेश से अब तक 10,000 से अधिक पोस्टकार्ड खून से लिखकर राज्य सरकार को भेजे जा चुके हैं और यह अभियान लगातार जारी है।
समिति का कहना है कि यह कोई राजनीतिक आंदोलन नहीं, बल्कि अपने हक और भविष्य की आखिरी लड़ाई है। राज्य सरकार द्वारा बार-बार आश्वासन देने के बावजूद फार्मासिस्ट भर्ती में मेरिट बोनस को जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी फार्मासिस्ट बेरोजगारी और मानसिक पीड़ा झेलने को मजबूर हैं।
नए वर्ष की शुरुआत पर जब पूरा देश उत्सव और खुशियाँ मना रहा है, तब फार्मासिस्ट समुदाय अपने खून से पत्र लिखकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने को मजबूर है। यह हालात सरकार की संवेदनहीनता को उजागर करते हैं। समिति का साफ कहना है कि जब शब्दों, ज्ञापनों और शांतिपूर्ण अनुरोधों का कोई असर नहीं हुआ, तब खून से लिखे पत्र ही आखिरी विकल्प बचे हैं।
अब आंदोलन को और व्यापक करते हुए केंद्र सरकार को भी खून से लिखे हजारों पत्र भेजने की पूरी तैयारी कर ली गई है। यदि इसके बाद भी फार्मासिस्ट भर्ती को मेरिट बोनस के आधार पर नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और अधिक उग्र एवं व्यापक रूप लेगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी सरकार की होगी।
फार्मासिस्ट भर्ती संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि
“हमारी माँग एक ही है – फार्मासिस्ट भर्ती मेरिट + बोनस से हो।
हमारी चुप्पी हमारी कमजोरी नहीं, और हमारा खून हमारी मजबूरी है।”

संपादक भावेश आर्य

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