बगैर पूर्व सूचना सीधे ही जारी कर दिया हटाने का फरमान,आक्रोशित संविदा कार्मिकों ने जिला अस्पताल में की नारेबाजी-कॉलेज प्राचार्य ने सुबह थमाया आदेश व संविदा सेवाएं समाप्त

सिरोही(हरीश दवे) ।

राजकीय मेडिकल कॉलेज के अधीन संचालित जिला अस्पताल में कार्यरत संविदा कार्मिकों की सेवाएं एक ही आदेश में समाप्त कर दी गई। हालांकि संविदा कार्मिक प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए कार्यरत थे, लेकिन बगैर पूर्व सूचना के सीधे हटाए जाने का फरमान जारी कर दिया गया। इससे कार्मिकों में रोष व्याप्त रहा। संविदा कार्मिकों ने जिला अस्पताल में नारेबाजी कर आक्रोश व्यक्त किया। साथ ही कहा कि यदि सेवाएं समाप्त करनी है तो उनके साथ लगे सभी कार्मिकों को एक साथ हटाया जाना था, गिनती के कार्मिकों को हटाया जाना उचित नहीं है।
सुविधा शुल्क मांगने का आरोप
एक संविदा कार्मिक ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर कॉलेज प्रबंधन व प्लेसमेंट एजेंसी पर आरोप भी लगाया। उनका कहना रहा कि सालभर से वे संविदा पर कार्यरत थे। अब संविदा सेवाएं आगे बढ़ाने के लिए नवीनीकरण करना था। इसके लिए उनसे अधिक सुविधा शुल्क मांगा गया। मना करने पर उनकी सेवाओं का नवीनीकरण नहीं किया गया।
प्राचार्य ने जारी किया यह आदेश
राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य की ओर से इस सम्बंध में प्लेसमेंट एजेंसी को आदेश जारी किया गया है। इसमें बताया गया है कि आपके माध्यम से संविदा कार्मिकों की नियुक्ति की गई थी। इनकी कार्य अवधि एक वर्ष पूर्ण हो चुकी है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से इन संवर्ग पर सीधी नियुक्ति किए जाने की कार्यवाही चल रही है। ऐसे में इन 18 कार्मिकों की सेवाएं अकार्य दिवस या समाप्त मानी जाएं।
आदेश में दो बिंदुओं का नहीं किया खुलासा
आदेश के तहत संविदा कार्मिकों की सेवाएं समाप्त किए जाने के पीछे दो बिंदू बताए गए हैं। एक तो यह कि इनकी कार्य अवधि को एक साल हो चुका है, लेकिन इस तरह से लगे अन्य संविदा कार्मिकों को हटाए जाने की कार्यवाही हुई या नहीं यह जानकारी में नहीं आया। दूसरा बिंदू यह कि चयन बोर्ड से सीधी नियुक्ति की कार्यवाही जारी है, लेकिन तब तक इन पदों को रिक्त रखा जाएगा या अन्य कार्मिक लगाए जाएंगे, यह खुलासा नहीं हो पाया। वैसे प्राचार्य की ओर से प्लेसमेंट एजेंसी को दिए गए इस आदेश की एक-एक प्रतिलिपि अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी व नर्सिंग अधीक्षक को भेजी गई है।


संपादक भावेश आर्य



