राजीविका के तत्वाधान में जिले में मनाया गया जनजातीय गौरव दिवस,

पिंडवाड़ा एवं आबूरोड के वन धन विकास केन्द्रों पर आयोजित हुए विशेष कार्यक्रम,
सिरोही(हरीश दवे)।

जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर राजस्थान ग्रामीण आजीविका विकास परिषद् (राजीविका) के तत्वाधान में जिले के 25 वन धन केन्द्रों पर विशेष कार्यकम आयोजित हुए जिसमे महान आदिवासी जननायक बिरसा मुंडा जी की 150वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। कार्यक्रम स्थल पर जनजातीय संस्कृति, परंपरा और महिला सशक्तिकरण का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर पिंडवाड़ा के झाड़ोली वन धन विकास केंद्र पर राजीविका की जिला परियोजना प्रबंधक श्रीमती अम्बिका राणावत ने बिरसा मुंडा के जीवन संघर्ष, समाज सेवा एवं आदिवासी अधिकारों के प्रति उनके योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा — “बिरसा मुंडा का जीवन संघर्ष, समर्पण और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उनके आदर्शों से हमें समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने की प्रेरणा मिलती है।” कार्यक्रम में रस्साकस्सी, म्यूजिकल चेयर, चम्मच दौड़, मेहंदी एवं रंगोली प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया एवं विजेताओं को पुरस्कृत किया जिनमें महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से महिलाओं में नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना को प्रोत्साहन मिला। ⸻ ✨ वन धन उत्पादों की प्रदर्शनी बनी मुख्य आकर्षण कार्यक्रम के अंतर्गत वन धन विकास केंद्र द्वारा निर्मित हस्तशिल्प एवं प्राकृतिक उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया प्रदर्शनी में स्थानीय महिलाओं द्वारा निर्मित हर्बल गुलाल, पलाश साबुन, कंकोड़ा अचार, मुख़वास, शहद, धावड़ी गोंद, मल्कांगनी तेल, मोरिंगा पाउडर, नीम-हल्दी-चंदन-एलोवेरा साबुन, जूट बैग आदि उत्पादों का प्रदर्शन किया गया इसके अतिरिक्त आज के कार्यक्रम में बाजरा बिस्कुट का नया उत्पाद लांच किया।
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💫 महिलाओं को समूह से जुड़ने का संदेश
राजीविका द्वारा जिले के पाँचों ब्लॉको में काम कर रही 18 सीआरपी टीमों द्वारा कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ने के लाभों की जानकारी दी गई और वंचित महिलाओं को समूह से जुड़कर आर्थिक एवं सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।



संपादक भावेश आर्य



