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समाज में बड़ा बदलाव केवल कुछ लोगों के प्रयासों से नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज की शक्ति से ही संभव है- शंभू सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सिरोही नगर का दीपावली मिलन समारोह आयोजित

सिरोही (हरीश दवे)।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ सिरोही नगर का दीपावली मिलन समारोह शहर के सुरभी उद्यान में आयोजित किया गया। रविवार की रात्रि में आयोजित दीपावली मिलन के मुख्य वक्ता जोधपुर प्रांत बोद्धिक शिक्षण प्रमुख शंभूसिंह थे वही अध्यक्षता जिला संघ चालक डॉ. जगदीश आर्य ने की । संघ की ओर से आयोजित इस दिपावली स्नेह मिलन कार्यक्रम में, स्वयं सेवक ,सामाजिक ,धार्मिक संगठनो के सदस्यों के अलावा विचार परिवार से जुड़े कार्यकर्ता अपने परिवार के साथ एकत्रित हुए. परिजनों ने एक दूसरे को दिपावली की शुभकामनाएं दी.।
इस अवसर प्रांत बोद्धिक शिक्षण प्रमुख शंभूसिंह ने उपस्थित लोगो से कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस वर्ष अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है । संघ ने आगामी वर्षों के लिए समाज-परिवर्तन को एक समग्र दृष्टिकोण के साथ ‘पंच-परिवर्तन’ के रूप में प्रस्तुत किया है। संघ का अनुभव है कि समाज में बड़ा बदलाव केवल कुछ लोगों के प्रयासों से नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज की शक्ति से ही संभव है। उन्होने प्रोजेक्टर के माध्यम से सोशल प्लेटफार्मो पर आने वाली छोटी छोटी विडीओ क्लिपिंग के माध्यम से आमजन को जागरूक कर उन्हे प्रेरणा दे कर समाज में बदलाव लाया जा सकता है के बारे में बताया ।
उन्होने पांच आयामों जिनमें सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण, नागरिक कर्तव्य शामिल है की कई विडीओ क्लिपिंग दिखाई । एक क्लिपिंग में ऑटो चालक अपनी महिला सवारी को उसके मकान के नुक्कड पर उतार कर वहीं खडा रहता है जब तक वो महिला अपने धर तक नही पहुंच जाती ये छोटी सी रील समाज को जगाने का छोटा सा प्रयास है कि एक टेम्पो चालक अपनी महिला यात्री के प्रति उसकी सुरक्षा को लेकर कितना सचेत है। इसी तरह एक रील में नवरात्रि में एक परिवार को कन्या पूजन के लिए सामान्य परिवार की नौ कन्याएं नहीं मिलती है उसको लेकर समाज में व्याप्त छूआछूत,भेदभाव को मिटाने के साथ कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के संदेश के बारे में बताता है । उन्होने कहा कि संघ का मानना है कि हिंदू समाज की स्वाभाविक विशेषता समरसता की रही है, लेकिन समय के साथ जाति-भेद, ऊँच-नीच और अस्पृश्यता जैसी विकृतियाँ उत्पन्न हुईं, जिससे समाज के कुछ वर्गों को अन्याय और अपमान सहना पड़ा। समाज में इन बुराइर्यों को त्याज्य मानते हुए संघ का आग्रह है कि समाज में सब समान हैं इस भावना से सभी को जोड़कर एकत्व की स्थापना की जाए।
उन्होने कहा कि आज कई जगह परिवारों में बिखराव दिखता है उसे रोकने के लिए परिवार में हिन्दू जीवन-शैली, संस्कार और कर्तव्यों का पोषण कर ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना को जीवित रखें। स्वस्थ परिवार से ही स्वस्थ समाज और एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। उन्होने कहा कि भारतीय परंपरा में पेड़-पौधों और प्रकृति की पूजा करने की परम्परा रही है,। सच्चे अर्थों में पर्यावरण संरक्षण का आधार भी वही है संघ हर नागरिक से जल-बचत, वृक्षारोपण, स्वच्छता और ऊर्जा-संरक्षण को अपना कर्तव्य मानने का आग्रह करता है। इसी तरह नागरिक कर्तव्य के तहत स्वच्छता, अनुशासन और सेवा को वर्ष भर की जीवन शैली बनाएं। सदैव सजग, जिम्मेदार और कर्मनिष्ठ नागरिक बनें। उन्होने कहा कि व्यक्ति केवल अपने परिवारों के लिए ही न जिए बल्कि समाज के लिए भी कार्य करें। उन्होने मोबाईल से वर्तमान पीढ़ी में आये बदलाव व बच्चों के खत्म हो रहे बचपन को बचाने के लिए बच्चों के साथ समय व्यतीत करने उनके साथ भारतीय पुराने खेल खेलने के लिए आहवान किया।

स्नेह मिलन कार्यक्रम में विभिन्न खेल स्पर्धा का भी आयोजन किया गया। समारोह से पूर्व राजेश त्रिवेदी ने संघ किरण घर घर देने को अगणित नंदादीप जले, मौन तपस्वी साधक बन कर हिमगिरि सा चुपचाप गले गीत की प्रस्तुती दी इस अवसर पर जिला प्रचारक योगेशजी ने कहा कि मुख्य वक्ता शंभूसिंह जी ने जो विषय रखा है उसे अपने परिवार में उतारना है उन्होने कहा कि जन्म महत्वपूर्ण नहीं मरण महत्वपूर्ण है पंजाब का एक 23 वर्षीय युवक राष्ट्र जागरण के लिए अपने प्राणो का उत्सर्ग कर देता है तो देश की माताए कहती है कि हमारे घर भी भगतसिंह जैसा बेटा पैदा होना चाहिए। उन्होने कहा कि 1 नवम्बर से पुरे देश भर में व्यापक गृह संपर्क अभियान शुरू हो रहा है हमारे जिले में भी 16 नवम्बर तक यह अभियान चलेगा संघ के कार्यकर्ता एक लाख पच्चीस हजार घरों तक संध के कार्ये को लेकर जाएगे इसमें मातृशक्ति भी कंधे से कधा मिला कर सहयोग करे। समारोह में जालोर सह विभाग प्रचारक अनिल जी ,सह विभाग कार्यवाह रमेश जी एवं कुटुम्ब प्रबोधन के कैलाश जोशी ,जालोर सिरोही सांसद लुम्बाराम चौधरी,सिरोही विधायक एवं पंचायतीराज मंत्री ओटाराम देवासी का भी सानिध्य मिला। बाद में सभी ने मिलकर स्नेह भोज का आनंद लिया ।

संपादक भावेश आर्य

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