अनाधिकृत बांध काम की भरमार, राजस्व आय ठप्प,

राजस्व निरीक्षक ने कहा कि अब होगी कार्यवाही,
एमयोयु गॉशाला के खर्चे कौन कर रहा भौतिक सत्यापन?
सिरोही (हरीश दवे) ।

सिरोही नगर परिषद क्षेत्र आगामी स्वायत्तशाषी संस्थाओ के चुनावो की आहट में सिरोही नगर की राजनीति अब गरमाने लगी है। पूर्व विधायक संयम लोढा ने शिवगंज सिरोही स्वायत्तशाषी संस्थाओ व पंचायतीराज के चुनावो में कार्यकर्ताओं में जोश भरने का जहां बिगुल बजा दिया है वहीं लम्बे समय से आयुक्त पद की कमी के चलते कम स्टाफ में लचर हो रही नगर परिषद प्रशासन की कार्यशैली से आम जनता में नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ आक्रोश गहराता जा रहा है। जिसमें सिवाय पूर्व विधायक संयम लोढा की आवाज के अलावा कांग्रेस पार्टी विपक्ष की भूमिका में पूरी तरह नाकारा साबित हो रही है। वहीं सत्तारूढ पार्टी भाजपा के नेता व पार्षद भी शहरवासियो की समस्याओ के समाधान में असफल साबित हो रहे है तथा सत्ता परिवर्तन के बाद भी गत कांग्रेस बोर्ड के कार्यकाल के शेष रहे कार्यो भूमि संबंधित पत्रावलीयो के निपटान तथा फर्जी पट्टो उजागर होने के कारनामे आम हो रहे है वहीं अर्बुदा गौशाला के छोडे गोवंश की समस्या तथा शहर के खड्ढो में आम आदमी सिहर के रह गया है। जिसका खामियाजा आने वाले चुनावो में दोनो दलो को भुगतना होगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सिरोही नगर में कार्यवाहक आयुक्त शिवपालसिंह राजपुरोहित के लगते ही उन्होने शहर में अवैध निर्माण में बन रहे 14 व्यवसायिक सर्कलो को सीज करने के नोटिस थमाये थे तथा 3 सर्कलो पर सीज करने की नाटकबाजी हुई लेकिन अन्य अनाधिकृत व्यवसायिक सर्कलो में निर्बाध गति से बिना परमिशन तथा परमिशन की अवधि समाप्त होने के बाद भी निर्बाध गति से धडल्ले से कार्य चल रहे है। गत कांग्रेस सरकार में एमओयू की गई अर्बुदा गौशाला की कुल 5000 खातेदारी भूमि में 1700 बीघा भूमि का एमओयू हुआ 3000 बीघा भूमि शहरी क्षेत्र व 2000 बीघा भूमि ग्रामीण क्षेत्र के लिये रखी गई थी जिसमें एमओयू गौशाला में परिंदा भी पर न मार सके ऐसी तारबंदी करवाई। गत वर्ष अर्बुदा गौशाला की भूमि से बबुल हटाने की निलामी हुई तो अर्बुदा गौशाला को 60 लाख रूपये की राजस्व आय हुई लेकिन इस सत्र में बबुल हटाने व तारबंदी व सफाई के नाम खर्च में 75 लाख रूपये व्यय हुये अब यह घाटा और कार्य जिसकी जांच कभी न तो जिला कलेक्टर ने की न कभी पशुपालन मंत्री, राज्यमंत्री, आयुक्त व प्रशासक ने इस बारे में जांच करने की जहमत उठायी।

सिरोही नगर परिषद क्षेत्र में अतिक्रमण व अनाधिकृत बांध काम राजनैतिक संरक्षण में अवैध उद्योग का दर्जा ले चुका है जिसमें राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते आयुक्त व आरआई भी परेशान है तथा शहर की लचर सफाई व्यवस्था में ठेकेदार व निर्माण ठेकेदार आज भी बदस्तुर तालाबो के अन्दर मलबा डाल रहे है तथा कालकाजी केचमेंट एरिया में जमकर अवैध अतिक्रमण हो रहे है। इस बाबत आयुक्त के अभाव में आरआई सुशील पुरोहित से जानकारी ली गई तो उन्होने बताया कि तालाब में मलबे डालने वालो पर कार्यवाही की गई है तथा कालकाजी मार्ग व जहां पर भी अवैध अतिक्रमण चल रहे है तथा जिन व्यवसायिक सर्कलो में सीज की कार्यवाही लंबित है नगर परिषद के राजस्व हित सोमवार से व्यापक पैमाने पर उचित कार्यवाही की जायेगी।
मौजूदा समय में एक पेड मां के नाम व हरियालो राजस्थान अभियान सिरोही नगर परिषद में मनरेगा कर्मियो द्वारा चिन्ह्ति 3-4 स्थानो पर लगातार किया जा रहा है तथा पैलेस रोड पर लगाये गमले बकरी व गाय चर गई तथा अनेक स्थानो पर पौधे जल के अभाव में सुख गये। यह अलग बात है कि नियुक्त प्रशासक डॉ. दिनेश राय सापेला अनेक विवादित पत्रावलीयो व भुगतान ठेकेदारो का रोक कर बैठे है तथा अनेक ठेकेदारो का भुगतान इसलिये रूका हुआ है क्योंकि नगर परिषद की राजस्व आय ठप्प है।



संपादक भावेश आर्य



