जिला प्रशासन सिरोही की अनूठी पहल– “नशा मुक्त सिरोही” अभियान ने पकड़ी रफ्तार,

सिरोही(हरीश दवे)।

पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय सिरोही,भाटकडा,सर के एम,बाल्दा सहित जिले के 17 सरकारी विद्यालयों में नशा मुक्त सिरोही एक पहल के तहत कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।जिला प्रशासन सिरोही ने नशे की लत के खिलाफ एक सशक्त मुहिम छेड़ते हुए “नशा मुक्त सिरोही – एक पहल” अभियान को ज़मीनी स्तर तक पहुंचा दिया है। अभियान का उद्देश्य सभी को नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करना, नशे के कारोबार पर लगाम लगाना और समाज में स्वस्थ एवं सकारात्मक माहौल बनाना है।जिला कलेक्टर के निर्देशन में प्रशासन, पुलिस, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठनों की संयुक्त टीम गांव-गांव, स्कूल-कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है। नुक्कड़ नाटक, रैलियों, पोस्टर अभियान और कार्यशालाओं के माध्यम से नशे के खतरों को सरल भाषा में लोगों तक पहुँचाया जा रहा है।अभियान के अंतर्गत नशा छोड़ने के इच्छुक लोगों के लिए परामर्श शिविर और पुनर्वास केंद्र भी सक्रिय किए गए हैं, जहां विशेषज्ञ चिकित्सक और परामर्शदाता उन्हें नई शुरुआत के लिए मदद दे रहे हैं।जिला प्रशासन का कहना है कि “नशा मुक्त सिरोही” केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में जनभागीदारी से चल रही एक जनचेतना है। प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस मुहिम का हिस्सा बनकर सिरोही को नशा मुक्त, स्वस्थ और खुशहाल जिले के रूप में पहचान दिलाएं। बालिका विद्यालय सिरोही में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए जिला कोषाधिकारी श्रीमती अलका सिंह राव ने कहा कि नशा छोड़ोगें तभी खुशहाल जिंदगी से नाता जोड़ोगे। राजेंद्र पुरोहित उप निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने अपने उद्बोधन में बताया कि नशा पल भर की खुशी, जीवन भर की बर्बादी है।जो नशा छोड़ दे, वही असली विजेता है। ब्लॉक सीएमएचओ डॉ विवेक जोशी ने कहा कि नशा जिंदगी को लीलता है, जागरूकता उसे बचाती है।नशा छोड़कर परिवार में खुशियों का उजाला फैलाएँ। श्रीमती अंकिता राजपुरोहित सहायक निदेशक महिला अधिकारीता विभाग सिरोही ने बताया कि मनुष्य के लिए नशा नहीं, शिक्षा और संस्कार ही असली शान है। नशेड़ी की कोई इज्जत नहीं होती। नशेड़ी का कोई भरोसा नहीं करता है।नशा सपने को धूमिल करता है।जागरूकता , सजगता से जीवन संवारे। मोबाइल के नशे से भी दूर रहे। व्याख्याता श्रीमती प्रतिभा आर्य, गोपाल सिंह राव,डॉ गोमती अग्रवाल ब्रह्माकुमारी संस्था ने नशा छोड़ो, सेहत और सम्मान दोनों पाओ पर वार्ता दी। बालिकाओं को प्रोजेक्टर पर लघू फिल्म दिखाकर नशे के दुष्परिणाम समझाएं।अजय माथुर सहायक निदेशक समग्र शिक्षा सिरोही ने अपने प्रभावी उद्बोधन में कहा कि नशा है मौत का दरवाजा, दूर रहना ही समझदारी है। प्रधानाचार्य श्रीमती हीरा खत्री ने कहा कि नशा मुक्त समाज ही स्वस्थ और खुशहाल समाज है। कार्यक्रम से पूर्व नशा मुक्ति पर पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित हुई। जिसमें पायल ,प्राची, तनीषा, जूली , हर्षिता,सारिका,सुहाना दीपिका, तबस्सुम के पोस्टर शानदार रहे। सभी बालिकाओं को अधिकारी ने स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में भबूताराम मेघवाल मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी सिरोही, अशोक कुमार प्रविक्षा अधिकारी, वरिष्ठ व्याख्याता श्रीमती अनीता चौहान, वर्षा त्रिवेदी, महेंद्र कुमार प्रजापत, देवी लाल, पारस राजपुरोहित, कल्पना चौहान, शर्मिला डाबी, कुसुम परमार, श्रद्धा सिंदल, रमेश कुमार मेघवाल, गणपत राज खत्री, ब्रिजेश पालीवाल, सुजानाराम, गणपत राज खत्री, कीर्ति सोलंकी सहित विद्यालय स्टाफ व बालिकाएं उपस्थित रही।मंच संचालन गोपाल सिंह राव ने किया।


संपादक भावेश आर्य



