झाड़ोली, झांकर नदी में धड़ल्ले से जारी है बजरी माफियाओ का अवैध खनन,

अधिकारियो की कमी या खनन विभाग की मिलीभगत तो नहीं जिससे दिनों दिन माफियां हो रहें बेख़ौफ़..?
बजरी के अवैध खनन से पर्यावरण को हो रहा भारी नुकसान निकट भविष्य के लिए भारी खतरा
सिरोही (हरीश दवे)- ।

सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद सिरोही जिले के पिंडवाड़ा तहसील क्षेत्र के झाड़ोली नदी में अवैध बजरी खनन का खेल बदस्तूर जारी है। बजरी के अवैध खनन पर कोर्ट की रोक होने के बावजूद भी झाड़ोली में कोर्ट के आदेशों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रहीं। माफियां दिन रात बजरी का अवैध खनन कर रहें है। परन्तु जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार अवगत करवाने के बाद भी संबंधित विभाग अवैध खनन पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हुआ है। काईवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होने से बजरी के अवैध माफियाओं के हौसले सातवें आसमान में है। वही जिम्मेदारों की उदासीनता माने या आपसी सांठगांठ जब भी काईवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुँचते है, उससे पूर्व ही माफियां मौके से भाग निकलते हैं, अधिकारियों के चले जाने के बाद पुनः खनन धड़ल्ले से शुरू हो जाता है, जिससे जिम्मेदारों की कार्यशैली को लेकर तमाम सवाल उठना भी लाजिमी है। सवाल यह उठता की आखिर माफियाओ को राजकीय कार्रवाई की भनक कैसे लग रही है? और वो कौन है जो राजकीय काईवाई की गोपनीयता भंग कर माफियाओं के साथ मिलीभगत करके उन्हें श्रेय दे रहें है, यह भी जांच का अहम बिंदु है। प्रशासनिक अधिकारी विषय को लेकर क्यों गम्भीर नही दिख रहें। ऐसे में ग्रामीणों में रोष बढ़ना भी वाजिब है।
बजरी के अवैध खनन से ग्रामीण परेशान जिम्मेदार बेखबर-
ग्रामीणों ने बताया कि बजरी से भरे अनेको बगैर नम्बर प्लेट के ट्रैक्टर ट्रॉली रोजाना धड़ल्ले से दिन रात बजरी ले जा रहे हैं। साथ ही उनके चालक तेज रफ्तार से गांव के बीच से अपने वाहन निकाल रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार तेज रफ्तार से ट्रेक्टर दौड़ाने वाले चालकों को ग्रामीणों की ओर से मना किया गया तो वह गाली-गलोच कर मारपीट पर उतारु हो जाते हैं। ग्रामीणों की मांग है कि बजरी के अवैध खनन व अवैध व्यापार में लिप्त लोगों पर कार्यवाही कर ट्रेक्टर-ट्रॉलियां जब्त की जाए। विदित रहे झाड़ोली नदी क्षेत्र में बजरी का अवैध कारोबार कई बार सुर्खियों में रहा हैं।
जगह-जगह से छलनी हो रही है सड़कें-
ओवरलोड बजरी से भरे हुए वाहनों के कारण झाड़ोली गांव की सड़कें जगह-जगह से छलनी हो रही है। जिससे आए दिन वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं सड़कें जगह-जगह से उखड़ गई है तथा जिम्मेदार आंखों पर पट्टी बांधे हुए हैं ।
बजरी के अवैध खनन से पर्यावरण को पहुँच रहा भारी नुकसान-
क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर बजरी के हो रहें अवैध खनन से पर्यावरण को भी नुकसान पहुँच रहा जिसके दुष्प्रभाव निकट भविष्य में क्षेत्र के रहवासियों को भुगतने पड़ेंगे।
क्या कहते है अधिकारी- खनिज विभाग के खनि अभियन्ता श्री चन्दन ने कृष्णावती नदी व झाडोली व अन्य नदियों में रैती के अवैध खनन बाबत पूछने पर उन्होने कहा कि कृष्णावती नदी का मसला तो जिला प्रशासन देख रहा है जिसकी बुधवार मिटिंग है तथा झाडोली व अन्य नदियों में अवैध खनन की शिकायत मिलने पर विभाग कार्यवाही करता है और जुर्माना किया जाता है।


संपादक भावेश आर्य



