मिशनरी स्कूल में मनाया गया मातृ पितृ दिवस,

इम्मानुएल मिशन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सिरोही में मातृ-पितृ दिवस पर छात्र अभिभावक गदगद
रास्ट्रवादी व भारतीयता से ओत प्रोत इम्मानयूल मिशन स्कूल सिरोही का गौरव
सिरोही, 14 फरवरी(हरीश दवे)।

इम्मानुएल मिशन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सिरोही में आज मातृ-पितृ दिवस बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर विद्यालय के छात्रों के माता-पिता को आमंत्रित किया गया और उनके सम्मान में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों में माता-पिता के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना जागृत करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत और स्वागत समारोह
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री टॉम पी साम एवं विद्यालय के मैनेजर श्री फिलिप्स साम के मार्गदर्शन में प्रार्थना सभा से हुई।
सभी छात्र-छात्राओं ने पूर्ण श्रद्धा भाव के साथ ईश्वर का धन्यवाद किया और अपने माता-पिता के दीर्घायु एवं सुखमय जीवन की कामना की।
इसके पश्चात विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपने माता-पिता का अभिनंदन किया और उनके प्रति सम्मान प्रकट करते हुए उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
यह दृश्य अत्यंत भावुक कर देने वाला था, जहां कई अभिभावकों की आंखें गर्व और आनंद से छलक उठीं।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और प्रेरणादायक वक्तव्य
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनमें कविताएँ, और प्रेरणादायक भाषण शामिल थे। कुछ छात्रों ने अपने माता-पिता के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करते हुए सुंदर कविताएँ और निबंध प्रस्तुत किए।
विद्यालय के कुछ विद्यार्थियों ने मंच पर आकर अपने माता-पिता के प्रति अपनी भावनाएँ व्यक्त कीं। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता उनके जीवन के वास्तविक प्रेरणास्रोत हैं और उन्होंने उन्हें अनुशासन, नैतिकता, प्रेम, और सहानुभूति की शिक्षा दी है।
इस अवसर पर विद्यालय के मैनेजर श्री फिलिप्स साम ने अपने संबोधन में कहा –
“माता-पिता ही किसी भी बच्चे के प्रथम गुरु होते हैं। वे अपने अनुभवों से हमें जीवन जीने की सही राह दिखाते हैं। बच्चों को चाहिए कि वे अपने माता-पिता के दिखाए गए मार्ग पर चलें और उनके सपनों को साकार करें।”
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री टॉम पी साम ने अपने वक्तव्य में कहा
“माता-पिता के प्रति सम्मान और श्रद्धा प्रकट करना हर बच्चे का प्रथम कर्तव्य है।
वे हमारे लिए ईश्वर तुल्य हैं, जो हमें जीवन की कठिनाइयों से जूझने की शक्ति देते हैं। विद्यालय में शिक्षक भी अभिभावकों की तरह ही छात्रों को सच्चे मार्ग पर चलना सिखाते हैं, इसलिए गुरुजन और माता-पिता दोनों का सम्मान करना अनिवार्य है।”
अभिभावकों के विचार एवं धन्यवाद ज्ञापन
इस अवसर पर कई अभिभावकों ने भी मंच पर आकर अपने विचार साझा किए। उन्होंने विद्यालय प्रशासन का धन्यवाद किया कि उन्होंने इस अद्भुत कार्यक्रम का आयोजन कर बच्चों को उनके माता-पिता के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर दिया।
विद्यालय के शिक्षकों और स्टाफ ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी ने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि यह आयोजन बच्चों के लिए प्रेरणादायक और यादगार बने।
अंत में, विद्यालय के प्रबंध समिति द्वारा सभी अभिभावकों का आभार व्यक्त किया गया और इस कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी को बधाई दी गई।

संपादक भावेश आर्य



