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डॉ. रक्षा भण्डारी अनेक जनो की दावेदारी के मध्य बन सकती है सिरोही भाजपा की जिलाध्यक्ष


-नये वर्ष में भाजपा देगी युवा चेहरा, किसके सिर पर सजेगा अध्यक्ष का ताज


-जिला भाजपा के 23 मंडलो में 14 मंडल अध्यक्षो की हुई घोषणा, 2 मंडल अध्यक्षो के निर्वाचन पर रोक, जिले के संगठनात्मक ढांचे में भारी हिलचाल व उठापटक समर्थन व विरोध में जुटे कार्यकर्ता


-इस सप्ताह में हो सकते है मंडल अध्यक्षो की घोषणा


सिरोही 25 जनवरी (हरीश दवे) ।

भारतीय जनता पार्टी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर कुछ प्रदेशो में प्रदेशाध्यक्ष व प्रदेश में जिलाध्यक्ष से लेकर मंडल अध्यक्ष व बूथ कार्यकारिणी के गठन के बाद प्रदेश के अनेक जिलो में मंडल अध्यक्षो की घोषणा हो चुकी थी और इसी क्रम में सिरोही जिले के 23 मंडलो में भी मंडल अध्यक्षो की घोषणा हुई जिसमें सिरोही, जावाल, पोसालिया में कार्यकर्ताओ के विरोध के स्वर गूंजे और मामला भाजपा संगठन की प्रदेश कार्यकारिणी तक पहुंचा और उसके बाद भाजपा की अपील समिति ने जावाल मंडल के अध्यक्ष विक्रम माली व पोसालिया के मंडल अध्यक्ष प्रताप परमार के निर्वाचन पर रोक लगाई और अब मंडल अध्यक्षो की घोषणा के साथ इस माह में भाजपा के जिलाध्यक्ष की भी घोषणा हो सकती है।
भारतीय जनता पार्टी, जिला संगठन सिरोही लम्बे अंतराल से अंर्तकलह भीतरघात गुटबाजी व जातिवाद की राजनीति में घिर गया है और यह वर्चस्व की लडाई करीब ढाई दशक पुरानी है जिसमें पूर्व विधानसभा उपाध्यक्ष व विधायक श्रीमती तारा भण्डारी व संघ के मुकेश मोदी के मध्य वर्चस्व की लडाई में संगठन को काफी नुकसान हुआ जिसके परिणामस्वरूप भाजपा के गढ में विधायक संयम लोढा का उदय हुआ और भाजपाई आपस में ही एक दूसरे को निपटाने में रहे जिस वजह से पूर्व कद्दावर जिलाध्यक्ष स्वर्गीय विनोद परसरामपुरिया को भीतरघात की वजह से जिला प्रमुख के चुनावो में बहुमत होने के बावजूद हारना पडा और इसी तरह की उटापटक के दौर में सिरोही विधानसभा क्षेत्र को फतह करने के लिए प्रदेश संगठन को ओटाराम देवासी को सिरोही विधानसभा में उतारना पडा और उन्होने लगातार दो मर्तबा सिरोही विधानसभा क्षेत्र में कमल खिलाया लेकिन विधायक की दावेदारी में और जातिवाद के चलते भीतरघात में ओटाराम देवासी को पराजय का दंश भी झेलना पडा। इस दौरान तत्तकालीन जिलाध्यक्ष नारायण पुरोहित, विधायक ओटाराम देवासी व मौजूदा सांसद व पूर्व जिलाध्यक्ष लुम्बाराम चौधरी में भी विधायक को लेकर रस्साकशी चलती रही परन्तु एक वर्ष पूर्व हुए चुनावो में ओटाराम देवासी ने 35805 मत हासिल कर प्रदेश के तेजतर्रार व जुजारू विधायक व सीएम सलाहकार रहे संयम लोढा को करारी पटकनी दी और जिले की राजनीति में अपना वर्चस्व स्थापित किया। इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष रहे लुम्बाराम चौधरी ने अपने पुत्र कानाराम को जिला उप प्रमुख बनाने में कामयाबी हासिल की तो पूर्व जिलाध्यक्ष नारायण पुरोहित ने अपने भ्राता जिला प्रमुख अर्जुन पुरोहित को बनाने में सफलता हासिल की इससे पूर्व स्वर्गीय विनोद परसरामपुरिया के साथ हुई भीतरघात के प्रायश्चित स्वरूप पूर्व गोपालन राज्यमंत्री ओटाराम देवासी ने पायल परसरामपुरिया को जिला प्रमुख भाजपा कार्यकर्ताओ की बात को माना।
हालांकि देश के प्रधानमंत्री परिवारवाद के खात्मे की बात करते है लेकिन सिरोही जिले में भारतीय जनता पार्टी संगठन को मजबूत करने में श्रीमती तारा भण्डारी, स्व. छोगाराम पुरोहित व एडवोकेट हंसराज पुरोहित व विनोद परसरामपुरिया की अहम भूमिका रही है और तीनो विधानसभा क्षेत्र में इनके परिवार से श्रीमती डॉ. रक्षा भण्डारी, अरूण परसरामपुरिया, पायल परसरामपुरिया, नारायण पुरोहित, अर्जुन पुरोहित व मौजूदा सांसद लुम्बाराम चौधरी के पुत्र कानाराम चौधरी तथा मौजूदा राज्यमंत्री ओटाराम देवासी के सुपुर्द विक्रम देवासी भी राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में संगठन में अपनी जडे मजबूत कर रहे है।
अब भाजपा संगठन में जिलाध्यक्ष के दावेदारो में प्रदेश किसान नेता गणपतसिंह राठौड, एडवोकेट विरेन्द्रसिंह चौहान, जिला महामंत्री योगेन्द्र गोयल, दिनेश बिंदल में तगडी दावेदारी में तमाम ताकत झोकने के बाद इन नामो पर सर्वानुमति बनी या नही लेकिन संघ पृष्ठभूमि भी अपनी पसंद का जिलाध्यक्ष चुनने पर आमादा है।
ऐसी स्थिति में भाजपा के वरिष्ठ नेता एडवोकेट विरेन्द्रसिंह चौहान के जिले के कार्यकर्ताओ व प्रदेश के नेताओ से गहरे संबंध है लेकिन जिले की राजनीति में बडे नेता उनसे खौब खाते है वही किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष गणपतसिंह राठौड, सांसद लुम्बाराम चौधरी व राज्यमंत्री ओटाराम देवासी के भी करीब रहे है। यह अलग बात है कि प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड जिले के लम्बे समय तक पूर्व में प्रभारी रहे है व जिले में संगठन के हालत को बेहतर तरीके से जानते है अब देखना यह है कि नई युवा भाजपा नये साल में किस के सिर पर मंडल अध्यक्षो व जिलाध्यक्ष का ताज सजता है।
पर पुख्ता सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार सोशल इंजीनियरिंग के फार्मूले व जालोर लोेकसभा क्षेत्र के दोनो जिलो के सामाजिक व राजनीतिक समीकरण देखते हुए अगर इस बार जालोर जिले को राजपूत समाज का जिलाध्यक्ष नही मिला तो सिरोही जिले के लिये राजपूत समाज के जिलाध्यक्ष बनने की बलवती संभावना में जैन व वैश्य समाज की भी प्रबल दावेदारी है लेकिन आपसी घमासान में जिलाध्यक्ष के दावेदार ही एक दूसरे की कार सेवा कर रहे है ऐसे हालत में अब किसी सक्षम महिला नेत्री को जिलाध्यक्ष की बागडोर मिल सकती है जिससे सिरोही जिले की संगठनात्मक हालातो की जानकारी हो जिसमें अब प्रदेश हल्को में व लोकल जनप्रतिनिधियो में डॉ. रक्षा भण्डारी प्रदेशाध्यक्ष महिला मोर्चा के भाजपा जिलाध्यक्ष सिरोही बनने की गूंज भाजपाई हलको के अलावा सोशल मीडिया में भी सुनाई दे सकती है और अब 26 जनवरी के बाद शेष मंडल अध्यक्षो की घोषणा के बाद भाजपा जिलाध्यक्ष की घोषणा होगी जिसमे अब तक जिलाध्यक्ष की दावेदारी नही रही लेकिन प्रदेश संगठन डॉ. रक्षा भण्डारी, पायल परसरामपुरिया, जिला प्रमुख अर्जुन पुरोहित व संघ पृष्ठभूमि के महंत राजुगिरी वाण आश्रम के नामो में से भी घोषणा हो सकती है।

संपादक भावेश आर्य

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