ब्रेकिंग न्यूज़

हिंदू धर्म की रक्षा के लिए हिंदू युवाओं को शस्त्र और शास्त्र दोनों की दीक्षा की आवश्यकता -प्रजापति


समाज की सोयी हुई शक्ति को जगाने की जरूरत है-साध्वी समाहिता


सिरोही(हरीश दवे)।

बजरंग दल क्षेत्र के संयोजक किशन प्रजापति ने ंकहा कि हिंदू धर्म की रक्षा के लिए हिंदू युवाओं को शस्त्र और शास्त्र दोनों की दीक्षा की आवश्यकता है। सनातन धर्म में शस्त्रों और शास्त्रों का हमेशा से ही महत्व रहा है। शास्त्रों की रक्षा के लिए सदैव शस्त्रों की आवश्यकता रही है। हिन्दू धर्म में शस्त्र धारण करने का उद्देश्य राष्ट्र की रक्षा, धर्म और समाज की रक्षा करना रहा है। वे बुधवार को जिला मुख्यालय पर आयोजित विश्व हिन्दू परिषद के विराट त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। प्रजापति ने कहा कि हिंदू युवा संस्कार से युक्त हों और नशे से मुक्त हों, इसके लिए बजरंग दल समाज के बीच कार्य कर रहा है। जब जब देश धर्म पर खतरा आया है, देश के हिंदू युवाओं ने विधर्मियों को मुंह तोड़ उत्तर दिया है और अपनी सनातन संस्कृति व भारत माता का मान रखा है। देश में हिंदू धर्म, गोमाता, मंदिरों, साधु संतों एवं माता बहनों को विधर्मियों द्वारा षड्यंत्र पूर्वक नुकसान पहुंचाया जा रहा है, इन सबको बजरंग दल का युवा मुंह तोड़ उत्तर देगा। उन्होने हिन्दू धर्म के इतिहास, मुगल साम्राज्य के कालखण्ड में हुए अत्याचार, राम मंदिर का निर्माण, आज के समय में धर्मांतरण, और युवा पीढ़ियों के लिए देश और सनातन धर्म के प्रति जागरूकता पर व्यापक चर्चा की।
प्रजापति ने कहा कि इस्लामिक जेहाद के जरिए हिंदू लड़कियों से शादी करके अपनी आबादी बढ़ाने के तहत भारत को 2047 में इस्लामिक स्टेट बनाने के नापाक इरादे जिन्होंने जो पाले हैं यह सब हमारे सामने एक बड़ी चुनौती है. हिंदू नौजवान संकल्पवान हों, हिंदू नौजवान त्रिशूल दीक्षा के माध्यम से संगठन के अंदर आकर साहसी पराक्रमी बनें इसके लिए यह संकल्प लेकर आज जाएगें।
.धर्म सभा को संबोधित करते हुए साध्वी ऋतंभरा की शिष्य साध्वी समाहिता जी ने कहा कि हमें समाज की सोयी हुई शक्ति को जगाने की जरूरत है। उन्होने मातृशक्ति को कहा कि सनातन संस्कृति के गौरवमय इतिहास एवं इसकी विशेषताओं से अवगत कराने का कार्य करना होगा। आजकल विचारों के माध्यम से भृमित करने की साजिशें भी खूब चल रही हैं। उन्होने कहा कि यह भूमि वीरांगनाओं की है शूरवीरों की है यहां की मिट्टी भी शौर्य की कहानी कहती है जिन वीरों ने अपने धर्म के लिए शीश कटा दिए किंतु अपना धर्म नहीं छोड़ा ऐसी वीरों की भूमि में आज अयोध्या में प्रभु श्री रामचंद्र जी के प्राण प्रतिष्ठा के 1 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित इस आयोजन में बड़ी संख्या में मातृ शक्तियों को देखकर मन गोरांन्वित है उन्होंने कहा कि आज सनातन समाज को जातियों में बांटने का धृणित कार्य किया जा रहा है इससे हमें सावधान रहने की जरुरत है। कार्यक्रम को मंहत तीर्थगिरी जी ,गौ सेवक दलपत पुरोहित ने भी संबोधित किया। विहिप के जिला सह मीडिया प्रमुख संजय कुमार वर्मा ने बताया कि 2100 से अधिक दीक्षार्थियों ने त्रिशूल दीक्षा ली जिसमे बडी संख्या में महिलाओ की थी।


सुबह हुआ श्री राम यज्ञ


पंडित विकास दवे, जयेश ओझा, रोहित ओझा व जेमिश व्यास के सान्निध्य में आयोजित श्रीराम महायज्ञ में मंत्रोच्चार के साथ सर्व समाज क़े यजमानों ने हवन कुंडो में आहुतियां दी। पंडित विकास दवे ने बताया कि त्रिशूल दीक्षा से पूर्व विश्वकल्याण की कामना के साथ ही वेद मंत्रों के साथ यजमानों द्वारा घृत व साकल्य की आहुतियां दी गयी । उन्होंने बताया कि गणेश पूजन षोडस पूजन के साथ विभिन्न देवी देवताओ केू साथ श्रीराम प्रभु के निमित 1008 आहुतियां अर्पित की । उन्होने कहा कि यज्ञों के आयोजन से देवता प्रसन्न होते हैं। देवताओं के प्रसन्न होने से ही जगत का कल्याण होता है तथा सभी प्राणी प्रसन्न होते हैं।

त्रिशुल दीक्षा में दिलवाई शपथ


मैं संकल्प लेता हूं,कि हिंदू धर्म की रक्षा के लिए, यह धर्मशस्त्र धारण कर रहा हूं। मैं इसका कहीं भी कभी भी दुरुपयोग नहीं करूंगा। देश, धर्म और संस्कृति की रक्षा हेतु, धर्मांतरण, गोवंश हत्या, लव जिहाद आदि अधर्म कृत रोकने के लिए कटिबद्ध रहूंगा। हिंदू जाति, जात पात, पंथ, प्रांत, भाषा इन सब से उठकर मैं सच्चा हिंदू हूं, इसका मुझे सदा गर्व है। भगवान के लिए, देवताओं के लिए, धर्म के लिए, अपने देश के लिए, राष्ट्र के लिए पूर्ण रूप से समर्पित होकर श्रद्धा, निष्ठा और दृढ़ता के साथ सद्भाव से सदैव समर्पित होकर कार्य करने का संकल्प लेता हूं।
कार्यक्रम से पूर्व अतिथियो ने दीप प्रज्जवलित कर त्रिशूल दीक्षा का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर विहिप के विभाग मंत्री शिवलाल सुथार, जिला मंत्री लक्ष्मण रावल,बजरगंदल के प्रात संयोजक विक्रम परिहार,प्रांत सहधर्ताचार्यप्रमुख कन्हैयालाल पुरोहित,जिला संयोजक कैलाश सिंदल, हिमाशु पुरोहित,कपील त्रिवेदी,विक्रमसिंह सोलंकी,प्रशांतसिंह,राजेन्द्रसिंह,मदनलाल सेन,माणक प्रजापत,प्रकाश सैन,मोंटूसिंह,पिकीं राजपुरोहित,इंदिरा खत्री,रंजन बहन सहित कई कार्यकर्ता एवं िवशाल जनसमुह उपस्थित थे।

संपादक भावेश आर्य

Related Articles

Back to top button