नियमो को धता दिखा नेहरू मैदान में चल रहा व्यापार मेला, छात्राओ को आवागमन में बाधा

शहर के व्यापारियो ने कहा व्यापार मंडल अपना रहा दोहरे मापदंड अगर अनहोनी हुई तो होगा जिम्मेदार कौन ?
सिरोही (हरीश दवे )।

एक तरफ तो राज्य सरकार शिक्षा व खेलो को बढावा देने के लिये प्रदेश में करोडो व्यय कर रही है वही दूसरी तरफ जिला मुख्यालय के खेल मैदान जहां पर खेलो की गतिविधियां तो नगण्य है और खेल मैदानो को पूर्णतया व्यवसायिक बना लिया है जहां आये दिन व्यापार मेले परमिशन की शर्तो की धज्जिया उडाते हुए लगाये जाते है। गत महिनो सरकेएम विद्यालय में नवरात्रि के अवसर पर पुलिस प्रशासन तहसीलदार एसडीएम व सभी खानापूर्ति करने के बाद विद्यालय में मेला लगा तो उस व्यापार मंडल इस एतराज के साथ सामने आये की खेल मैदानो में व्यवसायिक गतिविधियां नही चलेगी इससे विद्यालय का वातावरण दुषित होता है तथा विभिन्न करो व जीएसटी की चोरी कर लगने वाले व्यापार मेलो से नगर के व्यापारियो को आर्थिक हितो पर कुठाराघात और इस बवाल में विभिन्न व्यापार मंडल प्रतिष्ठित समाजसेवी व सांसद पुत्र भी व्यापार मेले को रोकने के लिये जिला प्रशासन पर गहरा दबाव बनाये व मामला न्यायालय तक पहुंचा व न्यायालय के अल्प समय के स्टे मिलने के बाद व्यापार मेला चला व आयोजक को तगडा आर्थिक नुकसान भुगतना पडा।

अब 3 जनवरी से राजस्थान मेगा ट्रेड फेयर नवीन भवन स्कूल के आगे नेहरू मैदान में चल रहा है जो उपखण्ड मजिस्ट्रेट के आदेश के विपरित विद्यालय समय में चल रहा है और इस दरम्यान नवोदय विद्यालय की परीक्षा भी सम्पन्न हुई तथा महिला महाविद्यालय, बालिका विद्यालय सिरोही, स्काउट कार्यालय व नवीन भवन के करीबन 1500 से ज्यादा छात्र-छात्राये स्कूल के लिये आवागमन करते है जहां पर बीच सडक पर अवैध पार्किग व वाहनो के जमावडे में विद्यालयी छात्रो को आने जाने में भारी बाधा झेलनी पड रही है। जबकि उन्हे खेल मैदान में ही निःशुल्क पार्किग की व्यवस्था करनी थी। आयोजन स्थल के प्रवेश व निकासी द्वार भी एक ही है तथा व्यापार मेला टेन्ट व इलेक्ट्रोनिक वायर का भरपूर उपयोग कपडे के बनी दुकानो में चल रहा है जहां कभी भी अनहोनी घटना हो सकती है पर मेले के लिये दी गई तय शर्तो में न तो अग्निशमन वाहन व पानी व रैती से भरे ड्रम वहां पर उपलब्ध है। आयोजको ने इक्का दुक्का गार्ड अवश्य रखे है लेकिन रात्रि में बीच सडक तक वाहनो को जमावडा होता है न तो वहा पर सुरक्षा के लिये महिला पुलिस है न यातायात पुलिस है और जेल चौराहे तक वाहनो के जमावडे में रात्रि में आमजन को भी अंधेरे में भारी दिक्कते झेलनी पडती है।
इस बाबत नगर के व्यापारी राजेन्द्र माली, शांतिलाल माली, दिनेश प्रजापत, जीवाराम घांची व अनेक व्यापारीयो ने कहा कि व्यापार महासंघ एक है लेकिन विभिन्न व्यापार मंडल अलग अलग लेटर पेड पर जिला प्रशासन पर दबाव बनाने के लिये कभी खेल मैदान कभी व्यापारियो के नुकसान के नाम पर नाटकबाजी कर अपने स्वार्थ सिद्ध करते है जबकि इस प्रकार के व्यवसायिक मेले लगने से उद्योग व्यापार से वंचित नगर के व्यापारियो को भारी नुकसान होता है।
दिनेश प्रजापत ने बताया कि सरकेएम विद्यालय में मेला लगा तो हाईकोर्ट की रोक का दबाव बनाकर भारी बवेला मचा और पुलिस उपअधीक्षक सीटी कोतवाली व तहसीलदार की मिटिंग विद्यालय के खेल मैदान के हित व व्यापारियो के हित में व्यापार मंडल के एक तबके ने खासी हायतौबा मचायी लेकिन अब जिस प्रकार नेहरू मैदान के खेल मैदान पर जिला शिक्षा अधिकारी, प्रधानाचार्य एवं विद्यालय विकास प्रबंधन समिति महात्मा गांधी विद्यालय ने मेले के आयोजक को जो शर्तो के साथ आदेशित किया है उनकी धज्जियां उड रही है और फायर व अग्निशमन की सुविधा नही होने व विद्यालय समय में मेला चलने से सभी नियम व कानूनो की धज्जिया उड रही है।
इस बाबत जिला शिक्षा अधिकारी प्रिंसिपल महात्मा गांधी विद्यालय ओल्ड बिल्डिंग से बात करनी चाही तो प्रिंसिपल अवकाश पर थे।


संपादक भावेश आर्य



