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क्या सिरोही जिले को हवाई सेवा से जुड़वा राज्य मंत्री ओटाराम देवासी खोलेंगे सिरोही के विकास के द्वार, सांसद लुम्बाराम चौधरी उतरे मानपुर हवाई पट्टी की पैरवी में, धार्मिक पर्यटन,रोजगार व प्रवासियों को सुविधा सिरोही हवाई पट्टी से संभव।

करीब दो किलोमीटर लंबी है सिरोही हवाई पट्टी,मानपुर 1100 मीटर लंबी,

सिरोही(हरीश दवे) ।

आजादी से पहले सिरोही रियासत बॉम्बे रेजोडेंसी का हिस्सा हुआ करती थी उस दौरान सिरोही मुख्यालय का विकास पूर्व नरेश सर केसरसिंह देवड़ा तत्कालीन दिवान इच्छा शंकर पंड्या ने करवाया उसी का परिणाम रहा की सिरोही में केल्विन हाई स्कूल,टाउन हॉल सारणेश्वर लाइब्रेरी,डाक बंगला,ओल्ड बिल्डिंग,सर के एम स्कूल व अनेक भवन अस्तित्ब में आये व इसी दौरान सिरोही जालोर पाली से भी बड़ी हवाई पट्टी करीब 2 किमी लंबी व 1किमी तक 30 मीटर व 800 मीटर तक 45 मीटर की हवाई पट्टी अस्तित्व में आई जिसमे राजे रजवाड़े, राजनयिक व विशिष्ट जन का आगमन इस हवाई पट्टी पर होता रहा।। आजादी के बाद सिरोही रियासत व राजस्थान व देश की आजादी में अहम योगदान देने वाले स्वर्गीय गोकुल भाई भट्ट जिनकी वजह से आज माउंट आबू व दिलवाड़ा सिरोही जिले व राजस्थान में है।उन्हें प्रथम लोकसभा चुनाव में कोंग्रेस ने हरवा दिया।और देश की संसद में सिरोही का नेतृत्व भारत की नामी गिरामी हस्तियों ने किया।इस दौरान सिरोही व आबू का हेरिटेज,प्राकृतिक सौंदर्य नष्ट होता रहा ब माउंट आबू राजस्थान के एक मात्र हिल स्टेशन में बर्ल्ड क्लास की फैसिलिटी तो केंद्र,राज्य सरकारे, सांसद व विधायक कितनी दिलवा पाए जिसे जिले व देश की जनता जानती है।पर ब्रम्हाकुमारी आध्यात्मिक केंद्र आबू के पर्यटन विकास का अहम केंद्र बना जिनके लिए सुविधाएं देने में सरकारों व जन प्रतिनिधियों ने कोई कंजूसी नही की व रेलवे सेवाओ, रेलवे आरक्षण के मथक भी हिल स्टेशन पे खुले। इसके विपरीत देश की संसद में निर्वाचित सांसद सिरोही मुख्यालय पर न तो बड़ा उधोग ला सके न रेल्वे सुविधा न हवाई पट्टी हा चुनावो में राजनेताओं के खटराग रेलवे व हवाई पट्टी के झुनझुने के रूप में बजते रहे व नेता वोट पाते रहे। सिरोही जालोर पाली जो एक धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में रोजगार व विकास की प्रबल संभावना रखता है।अगर औधोगिक विकास से वंचित सिरोही मुख्यालय पर हवाई सेवा शुरू होती है तो इसका फायदा राणकपुर, मुंडारा माताजी,नाकोड़ा भेरू जी पाली,जालोर जिले में सुंधा माता, ग्रेनाइट उधोग व सिरोही के राणकपुर की प्रतिकृति चौमुखा मन्दिर,पदम् जी मन्दिर,सारणेश्वर,आम्बेश्वर मन्दिर पिंडवाड़ा के उधोग व रेलवे सुविधाओ से वंचित सिरोही मुख्यालय पर रोजगार की विपुल संभावनाएं खुल सकती है। पूर्व में भाजपा की वसुंधरा सरकार ने सिरोही हवाई पट्टी से भी नियमित उड़ानें शुरू करने के प्रयास किये थे व तत्कालीन राज्य सरकार ने सिरोही को इंट्रास्टेट कनेक्टिविटी से जोड़ने की तैयारी शुरू कर दी थी। सिरोही समेत छह शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने की योजना थी। किशनगढ़ एयरपोर्ट उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जिन नए शहरों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने की बात कही है। उनमें सिरोही पहले स्थान पर था। प्रदेश के सात शहर अब तक हवाई सेवा से जुड़ चुके हैं। सिरोही जिले को हवाई सेवा से जोड़ने पर माउंट आबू पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा मिलता। वहीं, देश के कौने-कौने में बसे प्रवासियों को अपने गृह जिले में आवागमन की बेहतर सुविधा मिलती। सिरोही हवाई पट्टी करीब दो किलोमीटर लंबी है। इतनी लंबी हवाई पट्टी आसपास के पाली और जालोर जिले में भी नहीं है। एक किलोमीटर तक 30 मीटर और आठ सौ मीटर तक 45 मीटर इसकी चौड़ाई है। यहां 30 से 50 सीटर विमान भी आसानी से उतारे जा सकते हैं। करीब पंद्रह साल पहले फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा 20 सीटर विमान से सिरोही हवाई पट्टी पर उतरे थे। चार्टर प्लेन आए दिन उतरते हैं।चुनावो में राजनेता भी इसकी रौनक बढ़ाते है। अबतक सिरोही हवाई पट्टी का इस्तेमाल सिर्फ वीआईपी उड़ान के लिए किया जा रहा है। इंट्रास्टेट कनेक्टिविटी से जुड़ने पर कोई भी व्यक्ति यहां से आसपास के बड़े शहरों की हवाई यात्रा कर सकेगा।। पूर्ववर्ति सांसद देवजी पटेल भी सिरोही में हवाई सेवा शुरू करवाने में दिलचस्पी रखते थे।पर उन पर ब्रम्हाकुमारी संस्थान व आबू पर्यटन के नाम की राजनीति में इतना दवाब रहता था की सिरोही की विशालतम हवाई पट्टी होने के बावजूद उनका झुकाव मानपुर आबूरोड में हवाई सेवा शुरू करवाने के लिए उमड़ पड़ता था।

अब जबकि डबल इंजन की सरकार में पहली बार सिरोही जिले से भाजपा सांसद लुम्बाराम चोधरी बने तो जिले की जनता ही नही जालोर की जनता में भी आस जगी की अब सांसद लुम्बाराम चौधरी औधोगिक विकास व रेलवे से वंचित जिला मुख्यालय में विकास को गति देने,रोजगार वृद्धि की संभावनाओं में जिले के प्रवासियों के हित मे फिजिकली हर पैमाने पे मजबूत सिरोही में हवाई सेवा शुरू करवाने की पैरवी से संसद में आवाज बुलंद करेंगे।पर सांसद संसद में सिरोही मुख्यालय पर हवाई सेवा की मांग को नजरअंदाज कर ब्रम्हाकुमारी संस्थान की पैरवी में आ गए है व मानपुर में हवाई पट्टी ब सेवा शुरू करवाने की वकालत केंद्रीय नगर विमानन मन्त्री किंजराजु राम मोहन नायडू को कर चुके है।। अब सांसद लुम्बाराम चौधरी पुनर्विचार कर सिरोही में हवाई पट्टी व सेवा शुरू करवाने के साथ मानपुर हवाई पट्टी के लिए संसद में आवाज उठाये तो ठीक अन्यथा सिरोही- जालोर व सिरोही विधानसभा क्षेत्र की जनता की अपेक्षाएं प्रदेश के राज्य मंत्री व सिरोही विधायक ओटाराम देवासी के प्रति बढ़ गई है जिन्होंने गत वसुंधरा सरकार में भी सिरोही में हवाई सेवा शुरू करवाने में प्रयत्न किए।। राज्य मंत्री ओटाराम देवासी अपनी विधानसभा में कोई बड़ा उधोग नही ला सके,नर्मदा नीर नही ला सके पर बत्तीसा का पानी लेकर आएंगे व अगर उन्होंने राज्य व केंद्र सरकार से आजादी के अमृत महोत्सव काल में सिरोही में वृहद पैमाने में हवाई सेवा प्रारम्भ करवाई तो जिले की जनता कभी इस ऐतिहासिक विकास को भूल नही पाएगी व भविष्य के लोकसभा व विधानसभा चुनावों में भी उनकी कीर्ति में वृद्धि होगी।व सिरोही जिले में फर्श से ले कर अर्श तक विकास के सौपान नजर आएंगे।
प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में अंतराष्ट्रीय लेवल की सुविधा बढ़े इस पर जन प्रतिनिधियों को सोचना चाहिए, यहां हर साल करीब 25 लाख पर्यटक आते हैं। हवाई सेवा शुरू होने से माउंट आबू टूरिज्म सेक्टर को मजबूती मिलेगी वही
अहमदाबाद, उदयपुर और जोधपुर जैसे बड़े हवाई अड्डे हमारे निकट है। ऐसे में एयर टैक्सी सर्विस शुरू होने से हम बड़े हवाई अड्डों से सीधे जुड़ जाएंगे।
गुजरात का अंबाजी और जालोर का सुंधामाता पाली का राणकपुर व मुंडारा माताजी तीर्थधाम भी सिरोही के निकट है। हवाई सेवा से समय की बचत होने पर पर्यटक माउंट आबू समेत इन सभी तीर्थ स्थलों पर जा सकेगा।
जिले के प्रवासी गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मुंबई, आंध्रा प्रदेश आदि राज्यों में बड़ी संख्या में व्यवसाय करते हैं। इतनी दूर से कम समय में अपने गृह जिले में आने के लिए हवाई सेवा बहुत कारगर साबित होगी।
जिले की जनता सांसद लुम्बाराम चौधरी व राज्यमंत्री ओटाराम देवासी से गहरी उम्मीद करती है की वो सिरोही व मानपुर दोनो हवाई पट्टी का विकास करावे।मानपुर हवाई पट्टी 1100 मीटर ही लंबी है और यहाँ पर भूमि अवाप्त करनी पड़ेगी जिसमे करोड़ो रुपया भूमि मुआवजा देना पड़ेगा।जबकि सिरोही हवाई पट्टी आदर्श हवाई पट्टी ब हवाई सेवाओं के लिए सबसे फिजिबल स्थान है।

{ सिरोही हवाई पट्टी पर इसी साल एक हेलीपेड और बनाया गया है। अब यहां हेलिकॉप्टर और हवाई जहाज दोनों एक साथ उतर सकते है।

{ जिला मुख्यालय स्थित हवाई पट्टी का उपयोग अब तक वीआईपी उड़ान के लिए किया जा रहा है। यहां मुख्यमंत्री, राज्यपाल, केंद्रीय मंत्री समेत उद्योगपतियों के निजी विमान यहां उतरते हैं।

संपादक भावेश आर्य

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