भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर अग्निहोत्र यज्ञ व भजन संध्या का आयोजन

बडी ब्रह्मपुरी स्थित केशवाजी (विष्णु) मंदिर में होंगे आखातीज को आयोजन
सिरोही (हरीश दवे) ।

देवनगरी सिरोही में अति प्राचीन विक्रम संवत 1682 में निर्मित चारभूजा , दूधेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में चिरंजीवी भगवान परशुराम का जन्मोत्सव आयोजन प्रातः 6 बजे अग्निहोत्र यज्ञ से प्रारम्भ होगा व रात्रि में सावरिया एण्ड़ कम्पनी द्वारा भजनो की शानदार प्रस्तुतियां दी जायेगी।
श्री सहस्त्र औदिच्य गोरवाल समाज सेवा संस्थान के अध्यक्ष हरीश दवे ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि बड़ी ब्रह्मपुरी स्थित विष्णु भगवान के मंदिर में छठवे अवतार चिरंजीवी भगवान परशुरामजी के चित्र के समक्ष उदय अर्चना के बाद प्रातः 6 बजे सामुहिक अग्निहोत्र यज्ञ पं0 विनोदजी दवे व आचार्य राजेश त्रिवेदी द्वारा करवाया जायेगा। जिसमें सभी बड़ी ब्रह्मपुरी निवासी ब्रह्म समाज व सर्वसमाज यज्ञ में आहुतियां देगा व पूर्वान्ह 11 बजे भगवान परशुराम के जन्मोत्सव को लेकर कार्यक्रम के बाद 12 बजे महाआरती होगी तथा रात्रि में सुप्रसिद्ध भजन कलाकार सावरिया एण्ड़ मण्ड़ली द्वारा भजनों की अनुपम प्रस्तुतियां दी जायेगी।
इस आयोजन के आयोजक डॉ. ऊषा देवदत्त पुरोहित ने बताया कि हमारे पुरखों ने राव सुरतान के साथ बादशाह अकबर के खिलाफ युद्ध में हिस्सा लिया था व बडी ब्रह्मपुरी के पुरोहित त्रिवेदी ब्राह्मणों को कोजरा व सेऊडा की जागीरी प्रदान की थी। उसी दौरान कोजरा की जागीरी में हमारे पुरखों ने भगवान परशुरामजी का भव्य मंदिर बनाया। भगवान परशुराम मानव मात्र के लिए हैं और आसुरी शक्तियों का नाश कर जगत में देविक शक्तियों का निर्माण व गौमाता की रक्षा में उनके जीवन का संदेश है। भगवान परशुराम सिर्फ ब्राह्मण समाज ही नहीं सनातन धर्म के भगवान विष्णु के अवतार है जिनकी आराधना कर हमय आज के युग में उनके जीवन से प्रेरणा लेकर जगत में आसुरी शक्तियों का पराभव कर सकते है।


संपादक भावेश आर्य



