लुम्बाराम या वैभव जिसका राज योग लिखा है उसको जनता से वोट मिलेंगे

वोट मोदी को या तरक्की को यह पता चलेगा 4 जून को
मतदान केंद्रों पर उत्साहपूर्वक मतदान कर रहे मतदाता, डेढ बजे तक करीब 42 फीसदी मतदान
सिरोही(हरीश दवे) ।

आज लुम्बाराम व वैभव का भाग्य ईवीएम में शाम 6 बजे तक कैद हो जाएगा और 4 जून को ईवीएम खुलेंगे तब पता चलेगा कि किसका भाग्य बलवान रहा। सवेरे से मतदान केंद्रों पर मंथर गति से मतदान चल रहा है।दोपहर डेढ़ बजे तक मतदान 41.47 फीसदी के करीब हुआ है व मतदान केंद्रों से 200 मीटर दूर लगे पार्टी प्रत्यशियो के टेबल तक बूथ कार्यकर्ता अपनी मशक्कत कर रहे है।
तब तक अपनी अपनी गणित व समीकरण जनता के सामने विषय को जानने व समझने वाले विश्लेषक व मीडिया के लोग रख रहे है
कांग्रेस पार्टी ने भले ही भाजपा की फुट से रेवदर गत विस चुनाव जीता हो पर कोंग्रेस की फुट ने संयम लोढा को करारी हार दी। लेकिन तीनो जिलो में कांग्रेस पहली बार एक जूट दिखाई भले दे रही हो पर यह एकता जादूगर पूर्व सीएम गहलोत के मेसमरिज्म का है और कोई भीतरघात कांग्रेस में कोई भी नेता करता नही दिख रहा पर नेताओ के पास कैडर बेस कार्यकर्ताओ का अभाव है पर सब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के फील्ड में रहने व हर कार्यकर्ता से सीधा संवाद करने के कारण सम्भव हुआ ।
यह चुनाव अशोक गहलोत के भविष्य की राजनीति का निर्धारण करेगा साथ ही तीनो जिलो में कांग्रेस के जीते व हारे हुए विधायको का कितना वजूद है यह भी बताएगा ओर कांग्रेस तीनो जिलो में कितनी मजबूत है यह भी बताएगा ।
यह चुनाव बीजेपी के जीते व पराजित सांसद व विधायको का भी कितना वजूद व पकड़ है उसका भी गणित बताएगा। मोदी जी की सभा के बावजूद भी यदि बीजेपी पीछे रहती है तो उसकी गहनता से समीक्षा होगी और यदि बीजेपी जीत जाती है तो उसको जिताने में किन किन नेताओ की भूमिका रही और कितने कितने वोटों से कहा कहा बीजेपी आगे या पीछे रही उसकी भी समीक्षा होगी और उसी अनुसार उनको सत्ता में स्थान मिलेगा । बीजेपी ने इस सीट को जीतने का खास लक्ष्य रखा है और खास लोगो को इसकी जिमेवारी दी है। इस चुनाव में लोकल व बाहरी कोई मुद्दा नही बन पाया और बीजेपी ने मोदी जी को फिर से पीएम बनाने व विकसित भारत के लिए मोदी जी को वोट दो ओर अबकी बार 400 पार के नारे के साथ यह चुनाव लड़ा ।
कांग्रेस के वैभव गहलोत ने क्षेत्र की तरक्की को मुद्दा बनाकर व देवजी पटेल की ओर से 15 साल तक कोई काम नही करवाने का मुद्दा घर घर तक अपना तरक्की का वचन पत्र के साथ पहुचा कर यह चुनाव लड़ा है।
इस चुनाव में जीत का समीकरण बदलने में जातिगत मतों का हस्तांतरण का भी एक अहम रोल होगा,पहली बार माली , राजपूत व देवासी समाज के वोट यदि बीजेपी से खिसक गए तो कांग्रेस इस सीट पर काबिज होगी। इसके लिए खास रणनीति अशोक गहलोत ने तैयार कर उस पर काम किया व प्रभावशाली समाज बंधुओं को इसके लिए फील्ड में उतारा है। लेकिन संघ के एक वरिष्ठ प्रचारक की बेठक के बाद जालोर सिरोही में पूरा संघ परिवार व हिन्दू वादी शक्तिया ग्रास रूट पे भाजपा प्रत्यशी लुम्बाराम के साथ 400 पार के नारे के साथ चुनावी रण समर में सभी बूथ केंद्रों पर हरावल दस्ते में आ चुकी है
*भीषण गर्मी में भी जनता में मतदान को लेकर खासा उत्साह है।जिला निर्वाचन अधिकारी व जिला प्रशाषन ने भी अधिकतम मतदान सुनिश्चित करने मतदाताओं के उत्साहवर्धन में अनेक तैयारियां की है। दोपहर के ब मतदान में ओर तेजी आने की संभावना बलवती है। व बूथों पे कही मामूली तो कही लगी कतारों में मतदान शांति पूर्वक चल रहा है व जिला निर्वाचन अधिकारी व पुलिस प्रशाषन व व्यवस्थाओं व सुरक्षा के पुख्ता प्रबन्ध किये है तथा एनसीसी, आंगन वाडी कार्यकर्ताएं भी सेवाएं दे रहे है
*अब 4 जून को पता चलेगा कि जनता ने मोदी जी के नाम या तरक्की के नाम पर वोट दिया है क्या राष्ट्रव्यापी राष्ट्रव्यापी मोदीं लहर पर जातिगत सेंधमारी में पूर्व सीएम गहलोत की जादूगरी क्या नया गुल खिला पाएगी उन्होंने भाजपाई जातियो के गढ़ में सेंधमारी की है। अब सब निर्भर है की जालोर, सिरोही,सांचौर के मतदाता आज कितना मतदान करते है।




संपादक भावेश आर्य



