भाजपा कार्यकर्ताओं के समर्पण व परिश्रम के बल पर संगठन मजबूत : प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़

प्रदेशाध्यक्ष के स्वागत में सदाबहार पदाधिकारी,
साधारण कार्यकर्ताओ को सूचना तक नही।
सिरोही(हरीश दवे)।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ के सोमवार शाम सिरोही आगमन पर सर्किट हाउस में भाजपा जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा उनका स्वागत व अभिनंदन किया गया।
इस अवसर पर राजस्थान सरकार के राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, सांसद लुम्बाराम चौधरी, प्रदेश मंत्री नारायण पुरोहित व भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. रक्षा भंडारी सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने प्रदेशाध्यक्ष का सिरोही की प्रसिद्ध तलवार भेटकर दुप्पटा पहनाकर एवं साफा बांधकर स्वागत किया।
प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए संगठन की मजबूती, आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों तथा केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के समर्पण एवं परिश्रम के बल पर संगठन निरंतर मजबूत हो रहा है और प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की सबसे बड़ी शक्ति है।
जिलाध्यक्ष डॉ भंड़ारी ने प्रदेशाध्यक्ष को पुष्प गुच्छ भेट किया।
प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं शुभचिंतकों द्वारा किए गए आत्मीय स्वागत, अभिनंदन एवं स्नेहपूर्ण सम्मान के लिए सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में भाजपा के जनप्रतिनिधि, जिला पदाधिकारी, मोर्चों के अध्यक्ष, मंडलों के अध्यक्ष व पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
गौरतलब है की भाजपा जिला संगठन गुट बाजी में विभक्त है।
कार्यकर्ताओ का मनोबल टूटा हुआ है।
राज्य सरकार के कार्यक्रम व शिविरों में राज्य मंत्री व सांसद के आने पर उनके समर्थक अवश्य जुटते है।
बाकी संगठन व सरकारी कार्यकर्मो में भाजपा कार्यकर्ता नदारद रहते है।
व अब भी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सिरोही विश्राम भवन आये सांसद, राज्य मंत्री,जिलाध्यक्ष,प्रदेश प्रदेश मंत्री, प्रतिनिधि के अलावा जिले व नगर मण्डल के फोटो सेशन पदाधिकारियो के अलावा किसी को सूचना नही जिससे नगर मण्डल के भाजपा के साधारण कार्यकर्ताओ व पार्षदों में गहरा आक्रोश झलका।
जिनका मानना है की जिले में गुटबाजी में विभक्त जिले के नेताओ व जन प्रतिनिधियों ने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की तो खामियाजा चुनावो मे भुगतने को तैयार रहे।


संपादक भावेश आर्य



