भगवान परशुराम जन्मोत्सव: भव्य शोभायात्रा से गुंजायमान हुआ शहर

— पारंपरिक वेशभूषा और ‘बाल गैर’ रहे आकर्षण का केंद्र
सिरोही(हरीश दवे) ।

सिरोही शहर मे श्री परशुराम सेवा संस्थान के तत्वावधान में भगवान परशुराम जन्मोत्सव का पर्व हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें आस्था और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः काल शुभ मुहूर्त में परशुराम उधान में वेदोच्चार के साथ भगवान परशुराम के विशेष अभिषेक एवं पूजन के साथ किया गया। विद्वान पंडितों द्वारा किए गए वेद ऋचाओं के पाठ से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
राम झरोखा मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा, विश्व शांति के लियें किया शांति पाठ
सायंकाल शहर की राजमाता मंदिर से शोभायात्रा का भव्य शुभारंभ हुआ। संस्थान के सानिध्य में आयोजित इस यात्रा में जन-सैलाब उमड़ पड़ा शोभायात्रा में बैंड-बाजों और डीजे की धुन पर मातृशक्ति और युवतियां उत्साह के साथ नृत्य करती नजर आईं।
शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण जोधपुर से आए बाल गैर नृत्य कलाकार रहे। इन नन्हे कलाकारों की अद्भुत नृत्य कला ने शहरवासियों का मन मोह लिया और सभी ने उनकी जमकर सराहना की।
यात्रा में शामिल शिव बारात और नंदी की सवारी लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। भगवान शिव का स्वांग धरे कलाकारों द्वारा प्रस्तुत तांडव नृत्य ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। भव्य रूप से सुसज्जित रथों पर सवार साधु-संत श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा में ब्राह्मण समाज के युवक हाथों में फरसे लिए और पारंपरिक वेशभूषा धारण किए भगवान परशुराम के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे, जो वीरता और संस्कृति का प्रतीक लग रहे थे। सरजावाव चौक पर सभी ब्राह्मणों द्वारा शांति पाठ कर विश्व कल्याण की कामना की गई।
पुष्प वर्षा से जगह जगह हुआ स्वागत, महाप्रसादी का हुआ आयोजन
यह शोभायात्रा राजमाता धर्मशाला से शुरू होकर आयुर्वेदिक अस्पताल, नीलमणि चौक और सदर बाजार होते हुए सरजावा गेट पहुंची। मार्ग में जगह-जगह विभिन्न समाजों द्वारा पुष्प वर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया और श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई। सरजावाव गेट से बस स्टैंड होते हुए शोभायात्रा पुनः राजमाता धर्मशाला पहुंचकर सभा में परिवर्तित हुई। कार्यक्रम के समापन पर भोजन प्रसादी का आयोजन किया गया। संस्थान के पदाधिकारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।




संपादक भावेश आर्य



